Monday, December 31, 2007

वर्ष का आरंभ


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

पहले प्रतीक्षा रहती थी वर्ष के आरंभ की
क्यूंकि तब diary बदली जाती थी
पहले प्रतीक्षा रहती थी वर्षा के आरंभ की
जो सावन की बदली लाती थी
 
अब कम्प्यूटर के ज़माने में डायरी एक बोझ है
और बेमौसम बरसात होती रोज है
 
बदली नहीं बदली
ज़िंदगी है बदली
 
बारिश की बूंदे जो कभी थी घुंघरु की छनछन
दफ़्तर जाते वक्त आज कोसी जाती हैं क्षण क्षण
पानी से भरे गड्ढे थे झिलमिलाते दर्पण
आज नज़र आते है बस उछालते कीचड़
 
जिन्होने सींचा था बचपन
आज वहीं लगते हैं अड़चन
 
रगड़ते wiper और फिसलते tire
दोनो के बीच हुआ बचपन retire
 
बदली नहीं बदली
ज़िंदगी है बदली
 
कभी राम तो कभी मनोहारी श्याम
कभी पुष्प तो कभी बर्फ़ीले पहलगाम
तरह तरह के calendars से सजती थी दीवारें
अब तो गायब हो गए हैं greeting cards भी सारे
या तो कुछ ज्यादा ही तेज हैं वक्त के धारें
या फिर technology ने emotions हैं मारे
दीवारो से fridge और fridge से screen पर
सिमट कर रह गए संदेश हमारे

जिनसे मिलती थी अपनों की खुशबू
आज है बस recycling की वस्तु

बदली नहीं बदली
ज़िंदगी है बदली

पहले प्रतीक्षा रहती थी वर्ष के आरंभ की ...
 
सिएटल,
31 दिसम्बर 2007
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Glossary:
वर्ष = year
वर्षा = rain
बदली = 1. change 2. cloud

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1 comments:

Mired Mirage said...

नववर्ष की शुभकामनाएँ ।
घुघूती बासूती