क्या हुआ क्या नहीं
कुछ हमें पता नहीं
ये चाल थी कि मौन रहे
या हुई ख़ता पता नहीं
कि हर तरीक़ा जायज़ है
युद्ध में ये पचा नहीं
कि हो गया घायल कोई
तो कोई घर से निकला नहीं
हो गया तमाशा खतम
राहुल तू घबरा नहीं
लोग भूल जाएंगे इसे
ज़ख़्म ये गहरा नहीं
राहुल उपाध्याय । 31 जुलाई 2026 । सिएटल

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