मैं
किसी भी पोस्ट पर
किसी भी मेसेज पर
दिल नहीं लगा पाता हूँ
जितनी आसानी से मैं
दिल दे बैठता हूँ
उतनी आसानी से
किसी भी पोस्ट को
इमोजी नहीं दे पाता हूँ
शायद इसलिए
कि वह लाल दिल
(क्या दिल के और भी रंग होते हैं?
जैसे कि अँगूठे के)
दिखता है
दिखता ही रहता है
बड़ी देर तक
जबकि जो दिल मैं देता हूँ
वह दिखता नहीं है
बस महसूस होता है
और जब महसूस हो जाए
किसी को
कि मैंने दिल दे दिया है
फिर तो बस कहना ही क्या
ज़िन्दगी गुलज़ार हो जाती है
राहुल उपाध्याय । 11 अगस्त 2026 । सिएटल

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