Thursday, September 10, 2026

कभी पेरिस

कभी पेरिस 

तो कभी सबरीमाला में 

हम बदनाम होते हैं 

धर्म के नाम पर 

क्यों ऐसे काम होते हैं


कभी चूड़ी 

कभी बिंदी 

कभी सिन्दूर 

मल दिया जाता है 

क्या हम 

किसी की जागीर हैं 

जो हम पे झंडे 

गाड़ दिए जाते हैं


वे चौक पे 

चौपाल करने जाते हैं 

हम क्यों 

चौका-बर्तन करने के लिए 

छोड़ दिए जाते हैं


वे खाते हैं पहले 

सोते हैं पहले 

जगते हैं बाद में 

हम क्यों हमेशा 

पीछे रह जाते हैं


राहुल उपाध्याय । 10 सितम्बर 2026 । सिएटल 



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