Wednesday, October 14, 2026

कभी इस पर लिख

कभी इस पर लिख

कभी उस पर लिख 

हर बात पर 

सबको पका के लिख


कोई पढ़ रहा हो

तो उसे दे बता

तेरी धमनियों में

बहता रक्त नहीं 

कुछ करने को

तेरे पास वक़्त नहीं 

क्रांति हो तो

कोई और लाए

तू तो बस अपना

फ़ोन चलाए

क्यूँ जुटे नहीं 

क्यूँ मरे नहीं 

क्यूँ वीरता के 

क़िस्से गढ़े नहीं 


है तीज-त्योहार 

तो नृत्य कर

भजन गा-गा के

जाम कर

कुछ खा मीठा

कुछ खिला मीठा

बेमौके पर न

सेहत की बात कर

तू दीप जला

तू घर सजा

परंपरा से हटकर

न कुछ और कर

जो चल रहा

उसे चलाए जा


कभी इस पर लिख

कभी उस पर लिख 

हर बात पर 

सबको पका के लिख


राहुल उपाध्याय । 14 अक्टूबर 2026 । सिएटल 



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