Wednesday, November 4, 2026

क्या हुआ जो हम हारे

क्या हुआ जो हम हारे 

कल तुम ही तो थे जो हारे


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सुन चम्पा, सुन तारा

कोई जीता, कोई हारा


तुमने सीखा, हमने सीखा 

हमने सीखा, तुमने सीखा 

क्या सीखा, क्या सीखा?

कि

जो गद्दी पे हैं आज बैठे 

हल न होंगे मुद्दे उनसे


कोई जीते, कोई हारे

यूँही चलते हैं चक्र सारे


नहीं मिटते हैं दुख, प्यारे!


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ख़ुशियों की तुमको ज़रूरत न होती

अगर ग़म न होते


तुम्हें आज जीतने की ख़ुशियाँ न होती

अगर हम न होते


हमें जो तुम्हारा वोट न मिलता

तरसते ही रहते रुतबा न मिलता

वोट जो मिला तो असर ये हुआ है 

तुम आज जीते, कल हम जीतेंगे 


कोई जीते, कोई हारे

यूँही चलते हैं चक्र सारे


नहीं मिटते हैं दुख, प्यारे!


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राहुल उपाध्याय । 4 नवम्बर 2026 । सिएटल 










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