Monday, July 12, 2010

आप कहें और हम न खाए

आप कहें और हम न खाए, इतने हम बदजात नहीं
डायबीटिज़ की हम यारो करते कुछ परवाह नहीं


चाहनेवालों की महफ़िल में रोगों का कोई काम नहीं है
बीमारी बीमारी फ़क़त है, बीमारी यमराज नहीं है
ये आड़े आए खुशियों के, इतनी इनकी धाक नहीं


मैथी और करेले खा के कर देंगे हताश इसे हम
दौड़-दौड़ के, भाग-भाग के, कर देंगे हताश इसे हम
इतनी आसानी से इससे खानेवाले हम मात नहीं


आम और खास मिठाईयों की कैसे कह दे चाह नहीं है?
हलवा-पूड़ी, लड्डू-पेड़ों की कैसे कह दे आस नहीं है?
ये न हो तो मानो जैसे, सावन में हो बरसात नहीं




सिएटल । 425-898-9325
12 जुलाई 2010
(अमित खन्ना से क्षमायाचना सहित)
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बदजात = अधम, नीच
डायबीटिज़ = Diabetes
फ़क़त = सिर्फ़

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2 comments:

Mrs. Asha Joglekar said...

वाह वाह मजा आ गया ।
डायबिटीज सही, शुगर बढाने के लिये खा,
खा फिरसे इन्हे छोड ही देने के लिये खा SS

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

क्या बात है , क्या बात है !