आज मौसम बड़ा बेईमान है
आनेवाला कोई चुनाव है
खाली-पीली नेता बक रहे हैं
टीवी-रेडियो पे लड़-मर रहे हैं
एक दूजे का करते अपमान हैं
बारी-बारी से सब बिक रहे हैं
सेठ-साहूकार चैक लिख रहे हैं
लाखों-करोड़ों के इनके अभियान हैं
ऐ मेरे यार, ऐ वोट-वाले
दे मुझे वोट, कर देश हवाले
मेरे हाथों ही इसका कल्याण है
(आनन्द बक्षी से क्षमायाचना सहित)
Saturday, January 21, 2012
आज मौसम बड़ा बेईमान है
Posted by Rahul Upadhyaya at 10:03 PM
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2 comments:
बेशर्मों की बस्ती है यह
बेशर्मों का जंगल
आँखें नीची शर्माते हम सब
देख कर इनका दंगल
आम आदमी सांसत में हैं
क्या उघडें क्या बुन दें
सांसों पर भी पहरा है
हम प्रजातंत्र के बन्दे.
Bahut Badiya...
www.gunchaa.blogspot.com
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