Friday, January 16, 2026

कभी जाप किया

कभी जाप किया, कभी नाम लिया 

जग में रह कर सब काम किया 


कभी जाग गया, कभी सो भी गया 

जग में रह कर सब भोग लिया 


कभी इश्क़ किया, कभी साथ दिया 

ख़ुद को सांचों में ढाल लिया


अच्छा-बुरा कुछ सोचा नहीं 

जो ठीक लगा उसे साध लिया 


कब होगा अंत कुछ ज्ञात नहीं

वक़्त के हाथों सब छोड़ दिया 


राहुल उपाध्याय । 16 जनवरी 2026 । दिल्ली 

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