Saturday, August 15, 2026

अधूरा प्यार भूलाने में

अधूरा प्यार भूलाने में 

उमरिया पूरी लगती है 


भले ही बेवफ़ा है वो

जिगर में आस पलती है 


कहा है हम न आयेंगे 

मगर ये आँख तकती है


उन्हें तब तक मैं चाहूँगा

ये जब तक साँस चलती है 


किसे कह दूँ, किसे कह दूँ 

वो मेरी ख़ास लगती है 


राहुल उपाध्याय । 15 अगस्त 2026 । सिएटल 



इससे जुड़ीं अन्य प्रविष्ठियां भी पढ़ें


0 comments: