Monday, August 17, 2026

इस ए-आई से हर शख़्स परेशान सा क्यूँ है

सीने में जलन आँखों में तूफ़ान सा क्यूँ है

इस ए-आई से हर शख़्स परेशान सा क्यूँ है


ए-आई की ये कौन सी मंज़िल है रफ़ीक़ो

ता-हद्द-ए-नज़र एक बयाबान सा क्यूँ है


काम है तो उसे खोने का डर क्यूँ है सभी को

जब तक है करे शौक से हैरान सा क्यूँ है 


इसने तो कोई आग लगाई नहीं है घर में

फिर घर में मचा एक घमासान सा क्यूँ है


हर दौर की तरह यह भी है चला जाएगा

इस बार मगर मौत का ऐलान सा क्यूँ है 


राहुल उपाध्याय । 17 अगस्त 2026 । सिएटल 



इससे जुड़ीं अन्य प्रविष्ठियां भी पढ़ें


0 comments: