Saturday, March 9, 2024

कली है लेकिन मुरझा रही है

कली है लेकिन मुरझा रही है 

ज़िन्दगी आज उसे तड़पा रही है 


जो हँसते-हँसाते बताती थी दुख भी

आज ग़मों को पहाड़ बतला रही है 


वो खूँटे से बंध के चाहती थी उड़ना 

कहाँ हुई गलती, न समझ पा रही है


बावजूद इसके, व्यवहार कुशल है

कैसा हूँ मैं मुझसे पूछे जा रही है


चरित्र उसका ऐसा कि सदके मैं जाऊँ 

शरतचन्द्र की नायिका नज़र आ रही है 


राहुल उपाध्याय । 9 मार्च 2024 । सिएटल 






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