जब तुम्हारा फोन आता है
मेरा पुनर्जन्म हो जाता है
जब हमारी बात ख़त्म हो जाती है
लगता है मैं स्वर्गलोक पहुँच गया
सब कुछ तो पा लिया,
अब जीने में क्या रखा है
लेकिन जैसे पेट भर बफे खाने के
तीन घंटे बाद
दोबारा भूख लग आती है
वैसे ही
तुमसे बात करने की उत्कंठा
बढ़ती जाती है
न जाने कब फोन करोगी
कल, परसों या फिर कभी नहीं
कोई करार तो है नहीं
कोई वादा भी नहीं
शायद फिर कभी ना करो
और ऐसे में
जब तुम्हारा फोन आता है
मेरा पुनर्जन्म हो जाता है
राहुल उपाध्याय । 11 अप्रैल 2026 । सिएटल

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