Tuesday, October 20, 2009

शुभकामनाओं की मियाद

साल दर साल
मन में उठता है सवाल
शुभकामनाओं की मियाद
क्यूं होती है बस एक साल?

चलो इसी बहाने
पूछते तो हो
एक दूसरे का हाल
साल दर साल
जब जब आता नया साल

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5 comments:

पुनीत ओमर said...

अगर उम्र एक साल न होती तो सच में.. जाने कितने मित्र सालों बाद मिलते..

संगीता पुरी said...

अच्‍छी रचना .. सालभर की मियाद .. ठीक ठाक है !!

Udan Tashtari said...

इसी बहाने सही!!

M VERMA said...

कहाँ मियाद साल मे एक बार ही होती है? दिवाली की शुभकामनाए तो अभी तक आ रही है.

Suman said...

nice