Tuesday, November 13, 2012

दीवाली की शुभकामनाएं

दीवाली की रात
हर घर आंगन 
दिया जले

उसने जो
घर आंगन दिया 
वो न जले


दिया जले
दिल न जले
यूंहीं ज़िन्दगानी चले


दीवाली की रात
सब से मिलो
चाहे बसे हो
दूर कई मीलों

शब्दों से उन्हे
आज सब दो
न जाने फिर
कब दो

दुआ दी
दुआ ली
यहीं है दीवाली

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7 comments:

Anonymous said...

"दुआ दी
दुआ ली
यहीं है दीवाली" - So true! कई बार हम यह simple सी बात भूल जाते हैं...

ई. प्रदीप कुमार साहनी said...

दीपावली की ढेर सारी शुभकामनायें |
आपके इस प्रविष्टि की चर्चा कल बुधवार (14-12-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी । जरुर पधारें ।
सूचनार्थ ।

Rahul Upadhyaya said...


प्रदीप जी- टिप्पणी के लिए धन्यवाद.


लेकिन ये चर्चा-मंच क्या है? माजरा कुछ समझ नहीं आया? मैं कब पधारूँ? कैसे पधारू? और पधार कर करना क्या होगा?


सद्भाव सहित
राहुल

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आतिशबाजी का नहीं, ये पावन त्यौहार।।
लक्ष्मी और गणेश के, साथ शारदा होय।
उनका दुनिया में कभी, बाल न बाँका होय।
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ஜ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬●ஜ
(¯*•๑۩۞۩:♥♥ :|| दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें || ♥♥ :۩۞۩๑•*¯)
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Anju (Anu) Chaudhary said...

शुभकामनाएँ

पी.एस .भाकुनी said...

सुन्दर प्रस्तुति. दीपावली की ढेर सारी शुभकामनायें |

Madan Mohan Saxena said...

बेह्तरीन अभिव्यक्ति .बहुत अद्भुत अहसास.सुन्दर प्रस्तुति.
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये आपको और आपके समस्त पारिवारिक जनो को !

मंगलमय हो आपको दीपो का त्यौहार
जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
लक्ष्मी की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार..