मेरा फोन
मेरे दादा की बीड़ी है
इसके बिना
पेट साफ नहीं होता
मेरा फोन
मेरे पिता का अखबार है
इसके बिना
खाना हजम नहीं होता
मेरा फोन
मेरी माँ का मंदिर है
इसे छुए बिना
दिन शुरू नहीं होता
मेरा फोन
मेरी बहन की डायरी है
बिना राज़ बताए
छटपटाहट खत्म नहीं होती
मेरा फोन
मेरा कैमरा है
सुंदर नज़ारों को कैद किए बिना
चैन नहीं आता
मेरा फोन
मेरा सब कुछ है
बस फोन नहीं है
न कोई फोन करता है
न मैं करता हूँ
राहुल उपाध्याय । 29 अगस्त 2026 । सिएटल

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