Sunday, September 21, 2008

मेरा ब्लाग ही पहचान है

फोन नम्बर खो जाएगा
ई-मेल आई-डी बदल जाएगा
मेरा ब्लाग ही पहचान है
'गर याद रहे

वक़्त के सितम
कम हसीं नहीं
आज है याहू
कल कहीं नहीं
गूगल पे चलो
सर्च करो मुझे

हम लिखे यहाँ
दिल की बात को
दिन में कभी
कभी रात को
हो सके अगर
देना टिप्पणी मुझे

कल को अगर
दिल उदास हो
चाहने लगो
कोई पास हो
ब्लाग खोल कर
पढ़ लेना मुझे

सिएटल,
21 सितम्बर 2008
(गुलज़ार से क्षमायाचना सहित)

इससे जुड़ीं अन्य प्रविष्ठियां भी पढ़ें
valentine
digital age
relationship


6 comments:

Satyajeetprakash said...

बहुत खूब कहूंगा, मजाक मत समझना. बहुत अच्छा लिखते हो. ईश्वर करे, आप हिंदी का मान बढाओ. जय हिंद, जय हिंदी

परमजीत सिहँ बाली said...

बहुत बढिया!!

रवि रतलामी said...

क्या बात है, सुभान अल्लाह.

pallavi trivedi said...

behtareen....

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

wah wah, why dont you join film industry??

Yogi said...

Bahut achha....