Sunday, January 18, 2026

औपचारिक

अब हम बिना निमंत्रण 

किसी के यहाँ नहीं जाते हैं

और वे भी 

एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने से

बाज नहीं आते हैं 


अब उनमें फ़ोटो और वीडियो 

जो शेयर किए जाते हैं 

उन्हें लाइक करना

लाज़मी हो जाता है 


बाद में

लिखित में

मेजबान को

थैंक्यू बोलना

अनिवार्य हो जाता है 

क्योंकि मुँह पर बोलने में

वो मज़ा नहीं 

जो बाद में सार्वजनिक 

रूप से दिया जाता है 


थोड़ा-बहुत 

चैटजीपीटी का भी

इस्तेमाल हो जाए

तो चार चाँद लग जाते हैं 


हम 

औपचारिक बनकर 

कितने गर्व से भर जाते हैं 


राहुल उपाध्याय । 18 जनवरी 2026 । दिल्ली 




इससे जुड़ीं अन्य प्रविष्ठियां भी पढ़ें


0 comments: