कभी वो किसी के साथ होती है
कभी मैं किसी के साथ
हम चाहते हुए भी एक-दूसरे से
बात नहीं कर पाते हैं
यही सोचकर ख़ुश हो जाते हैं
कि हम कितनी क़िस्मत वाले हैं
कि किन-किन हालातों से गुज़र के
हम छुप-छुप के नैन लड़ाते हैं
राहुल उपाध्याय । 17 जनवरी 2026 । पुष्कर

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