Friday, October 5, 2007

Stalled Marriage


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

Stalled Marriage
राहुल उपाध्याय


Relationships एक dangerous street है
जो कल तक प्रीत था आज बना culprit है

Perfumes की gift
Earrings की gift
Cable के remote में
हो गई है shift
कड़वे घूंट ही अब birthday की treat है

कभी नखरे उठाते थे
कभी पाँव दबाते थे
कभी-कभी रुठ जाने पर
dozen flowers लाते थे
आज बात बात पर किये जाते mistreat है

रफ़्ता-रफ़्ता रिसते-रिसते
रिश्ता बन जाता है बोझ
तू-तू मैं-मैं होती है रोज
झगड़े आदि होते है रोज
दोनों में से कोई भी करता नहीं retreat है

पहले करते थे wish
आज घोलते है विष
साथ-साथ रहते है पर
जैसे aquarium में fish
जिसकी walls में glass नहीं concrete है

लिये थे फेरे
खाई थी कसमें
किये थे वादे
निभाएंगे रसमें
सिंदूर-मंगलसूत्र के साथ लापता marital spirit है

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1 comments:

Raviratlami said...

मुझे आपका यह फ़्यूजन कविता का अंदाज बेहद पसंद आया. शुरू में कुछ परिशुद्धतावादियों को ये नागवार गुजर सकता है, मगर यकीन मानिए, लोगों को बहुत मजा आएगा.