Thursday, March 22, 2018

दोस्तों से दुश्मनी

दोस्तों से दुश्मनी 

दुश्मनों से यारी

गणित 'गर समझो

है सब से यारी


जितने भी मुख हैं

उतनी हैं बातें

तभी तो है दुनिया

ये इतनी न्यारी


मुसलसल चलें हम

चलें ध्येय चुन के

मिले मिले, मिटे

लगन हमारी


कहीं कोई होगा

कभी जो कहेगा

याद आई हमको

बहुत ही तुम्हारी


कई गाँव छीने

लड़कपन ने हमसे

तब तो लगा कि

की होशियारी


10 मार्च 2018

सिएटल | 425-445-0827


इससे जुड़ीं अन्य प्रविष्ठियां भी पढ़ें