Monday, April 27, 2026

मैं आया इधर से, वो गए उधर से

मैं आया इधर से, वो गए उधर से 

मिलना भी चाहते तो कैसे मिलते? 


तन्हा-तन्हा कहाँ रहता है कोई

पूर्वाग्रह भी तो साथ रहते हैं सबके


लम्हों की कीमत न समझा ये दिल 

सदा सेफ़ खेला कल के डर से 


न गाड़ी की, न आए वो पैदल

घर पर रहे, न निकले वो घर से


न पूछा, न पोंछे, आंसू के धारे 

नैन बिचारे बरसे तो बरसे 


राहुल उपाध्याय । 27 अप्रैल 2026 । सिएटल 

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