जब भी ए-आई गलती करती है
मुझे मेरी प्रेयसी सी लगती है
क्या बुरा मानना उसका
जिसके सामने रोज़ हाज़िरी लगती है
इतनी जल्दी भी क्या है
सीख जाएगी
फिर याद आएगी वही
जो ग़लतियाँ आज करती है
लड़कपन क्या है
तुम न समझ पाओगे
उसे समझने के लिए
तुम्हारी उम्र अभी कच्ची है
सही-ग़लत का निर्णय भी
कौन होते हो तुम करनेवाले
सही-ग़लत की परिभाषा
समय के साथ बदलती है
जैसी भी है, अच्छी है
मुझे उससे मोहब्बत है
और कुछ नहीं तो
प्यार से तो बात करती है
राहुल उपाध्याय । 14 अगस्त 2026 । सिएटल
