Saturday, April 4, 2026

इतवारी पहेली: 2026/04/05

इतवारी पहेली:


है डेटिंग एप मगर नाम है डरावनाः #^##

पसंद है सबको, नहीं जाता कोई ## ##


(पहली पंक्ति का शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का पहला शब्द भी अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 12 अप्रैल 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 5 अप्रैल 2026 । सिएटल 

Re: इतवारी पहेली: 2026/03/29



On Sun, Mar 29, 2026 at 12:01 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


कितनी महँगाई है इलाहाबाद यानी ##### में

कि बबलू सोता है घाट पर और ## ### में


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 5 अप्रैल 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 29 मार्च 2026 । सिएटल 


चराग ढूँढ लिया

चराग ढूंढ लिया 

बुझते चिराग ने 

दुनिया ये जल रही है 

बुझते चिराग से


सुन के हज़ार क़िस्से 

हमने ये आज माना 

हर बार ही नए हैं 

क़िस्से ये प्यार के


मुझसे ख़फ़ा है आज जो 

बरसो के मीत है 

कहते हैं आप ही क्यूँ 

दुख औरों के काटते


कहता नहीं था लेकिन

कहता हूँ आज सब से

करना है प्यार कर लो 

रख के दिमाग़ घर पे


पति और पत्नी दोनों बस 

काम के लिए हैं 

इक आशिक़ी वो शय है 

जो झोली में प्यार भर दे


राहुल उपाध्याय । 4 अप्रैल 2026 । रोग रिवर (बाग़ी नदी), ओरेगन


Thursday, April 2, 2026

उथल-पुथल

ये जो मन की 

उथल-पुथल है 

अच्छी है

पता चलता है कि

मैं जीवित हूँ 


उसका मुझसे रूठ जाना

संकेत है कि

मैंने कुछ अपने मन का किया


उसका किसी से जुड़ जाना

संकेत है कि

मुझे अभी और 

सँवरना है

सुधरना है 

निखरना है 

खतरे मोल लेना है 


वो मिलती नहीं 

मगर मिलती ज़रूर है 

इसे आधा ख़ाली कहूँ 

कि आधा भरा

इसी उधेड़बुन में

सोता हूँ 

जगता हूँ 

स्वप्न देखता हूँ 

जगने के ख़्वाब देखता हूँ 


जीवन

न 'गाइड' है

न 'हम दिल दे चुके सनम'

या 'सिलसिला'

कि ऊँट 

किसी करवट तो बैठेगा 


जीवन की कहानी 

कभी ख़त्म नहीं होती 

न सुखांत में

न दुखांत में

चलती रहती है 


धोखा देने वाला 

धोखा देता रहता है 

पकड़ा नहीं जाता

सज़ा नहीं पाता

क्रम चलता रहता है


ये उथल-पुथल 

अच्छी है


राहुल उपाध्याय । 2 अप्रैल 2026 । सेन फ्रांसिस्को 

Monday, March 30, 2026

कल तलक साथ थे

कल तलक साथ थे 

आज दोनों जुदा 

दोनों ही खुश नहीं 

फिर हुआ क्या पता 


जाने क्या बात हुई 

जाने क्यों हैं ख़फ़ा 

उठ के वो चल दिए 

बदल लिया रास्ता 


बेवफ़ा वो नहीं 

बेवफ़ा वो तो है 

सोच के ही खुश है वो 

इलज़ाम झूठ ना लगा 


हर तरफ़ हैं खिल रहे 

फूल प्यार के सभी 

अब उन्हें क्या देखिए 

जब चल रहा ये मामला 


बात अपनी कही

या कही जहान की 

जज बन के आप ही 

दीजिए फ़ैसला 


राहुल उपाध्याय । 30 मार्च 2026 । कॉटनवुड, कैलिफ़ोर्निया 




Sunday, March 29, 2026

इतवारी पहेली: 2026/03/29

इतवारी पहेली:


कितनी महँगाई है इलाहाबाद यानी ##### में

कि बबलू सोता है घाट पर और ## ### में


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 5 अप्रैल 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 29 मार्च 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/03/22



On Sun, Mar 22, 2026 at 4:12 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


आक्रमण हुआ विफल, गिरे बम पानी में ### से

कुछ न कर पाए विमान जो आए थे #: ## से


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 29 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 22 मार्च 2026 । सिएटल