तेरा गिरना है फायदेमंद, तू गिरे तो सौगात है
तेरे गिरने का गम हो क्यों, तू बढ़े तो दिन बर्बाद है
तेरे वास्ते मेरे मन में कोई फ़र्क़ आये, नहीं नहीं
मुझे ख़ौफ़-ए-रूपया नहीं क्योंकि डॉलर मेरे साथ है
मेरा देश बर्बाद हो तो हो, मुझे क्या
मेरे पास घर, मेरे पास कार, मेरे पास इफ़रात है
न घर-ज़मीन, न कोई फ़्लैट बेंगलुरु में
तू कल गिरे या आज गिरे बदले न जज्बात हैं
मैं पढ़ा-लिखा और यहां बस गया
मैंने अपने आप से बदले हालात हैं
मैं गोवा जाऊं, कश्मीर जाऊं, चाहे घूमूँ कहीं
तेरे गिरने से हो जाती ख़ुशनुमा मेरी हयात है
राहुल उपाध्याय। 12 मई 2026 । सिएटल
