Thursday, March 12, 2026

दिक़्क़त

दिक़्क़त लंका में नहीं थी 

दिक़्क़त अयोध्या में थी 


दिक़्क़त अयोध्या में नहीं थी 

दिक़्क़त महल में थी 


दिक़्क़त महल में नहीं थी 

दिक़्क़त परिवार में थी 


दिक़्क़त परिवार में नहीं थी 

दिक़्क़त पति-पत्नी में थी


राहुल उपाध्याय । 12 मार्च 2026 । सिएटल 

Wednesday, March 11, 2026

तुम्हें चाहिए था पालतू

तुम्हें चाहिए था पालतू 

तो रख लेती कुत्ता ही

मैं हूँ एक जीवित आदमी

मुझे चाहिए आज़ादी 


तुम चाहो मैं ध्यान करूँ 

मैं चाहूँ उड़ान भरूँ 

तुम चाहो मैं घर में बैठूँ 

मुझे नापनी दुनिया सारी


जीवन का निचोड़ यही है 

तू-तू मैं-मैं होगी ही 

गले मिलने से विचार मिलेंगे 

सोच है बिलकुल बचकानी


आगे पीछे और मिलेंगे 

तुमको भी और मुझको भी 

खुशियों के दिन चार मिलेंगे 

फिर उतरेगी ख़ुमारी 


राहुल उपाध्याय । 11 मार्च 2026 । सिएटल 

Sunday, March 8, 2026

इतवारी पहेलीः 2026/03/08

इतवारी पहेली:


व्हिस्की स्ट्राँग और ## ## है

उज्जैन में विश्वविद्यालय #%## है


(पहली पंक्ति का पहला शब्द अंग्रेज़ी का है।)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 15 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 8 मार्च 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/03/01



On Sun, Mar 1, 2026 at 2:27 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


बालों को रंग करना है? # #?

चिंता मत करो, लगाओ ##


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 8 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 1 मार्च 2026 । सिएटल 


Saturday, March 7, 2026

हैरान

कोई चीज़ अब हैरान नहीं करती है

तन-बदन में भी आग नहीं लगती है 


टूट चुके हैं जादू कई

आ गई है समझदारी अब 

क्या हुआ जो बात न हुई 

क्या साँस भी कभी रुकती है 


पागल था, जो पागल हुआ

दिल दिया और दर्द लिया

लौटाने का कोई रिवाज़ नहीं 

भलमनसाहत पे दुनिया चलती है 


(आँख में किसी की जादू था 

बात में किसी की अल्हड़पन)

मर चुका था, मिट चुका था

हर किसी की अदा पे मैं

अब जा के मैं जागा हूँ 

ज़िंदगी कभी तो सुधरती है


राहुल उपाध्याय । 7 मार्च 2026 । सिएटल 

Friday, March 6, 2026

अपनी-पराया

न अपना लगता है, न पराया लगता है 

हर कोई बस सताया लगता है 


न जाने किस-किस से क्या कह बैठे

कुछ खिचड़ी था पकाया लगता है 


कुछ छोड़ गए, कुछ छूट गए

किसी ने मुझे बचाया लगता है 


वैसे तो उसमें विश्वास नहीं है 

पर आपको किसीने बनाया लगता है 


कहने को कह देतीं दीवारें लेकिन 

यह घर फिर आज सजाया लगता है 


बँट रही हैं किताबें राहुल की आजकल 

नया-नया कुछ छपाया लगता है 


राहुल उपाध्याय । 6 मार्च 2026 । सिएटल 


Sunday, March 1, 2026

इतवारी पहेली: 2026/03/01

इतवारी पहेली:


बालों को रंग करना है? # #?

चिंता मत करो, लगाओ ##


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 8 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 1 मार्च 2026 । सिएटल