Saturday, February 4, 2023

चैटजीपीटी

मैं अब उठकर लाइट जलाता/बुझाता नहीं हूँ 

अलेक्सा से कह देता हूँ 


बाहर के हालात का जायज़ा लेने के लिए

मैं अब पर्दे नहीं हटाता

सर्वेलेंस कैमरे की एप में देख लेता हूँ 


मैं अब दोस्तों से नहीं मिलता

वीडियो कॉल कर लेता हूँ 


मैं अब खाना नहीं बनाता

खाना मँगवा लेता हूँ 


चैटजीपीटी मेरा क्या बिगाड़ेगी 

मैं कब का फ़ालतू हो चुका हूँ 


राहुल उपाध्याय । 4 फ़रवरी 2023 । सिएटल 



Saturday, January 28, 2023

इतिहास

मैंने यूट्यूब से 

अपनी सर्च हिस्ट्री 

डीलिट कर दी है 


अब इसे कुछ नहीं पता

मैंने कल क्या देखा 

मैं क्या देख रहा हूँ 

यह भी नहीं पता


इतिहास 

का न होना 

दिक्कत भी है 

और सुविधा भी


इस उम्र में

दिक्कत कम है 

सुविधा ज़्यादा है 


मुझे ख़ुद याद नहीं रहता

तो ये क्यूँ याद रखे कि

कब किसने किसको

थप्पड़ मार दिया था 

कब किससे किसकी

बातचीत बंद हो गई थी

कब किसने किसको

खदेड़ दिया था 

कब किसने सब कुछ देख कर भी

अनदेखा कर दिया था 


अब बस मैं हूँ 

और मेरा प्राम्प्ट

जो देखना चाहता हूँ 

दिखाता है 

कोई यूक्रेन का वॉर नहीं 

लल्नटॉप की बहार नहीं 

जावेद की गुफ्तगू नहीं 

गुलज़ार के नगमे नहीं 


जो देखना चाहता हूँ 

दिखाता है 

और साथ में कुछ 

रेण्डम कड़ियाँ 

जो ले जाती हैं मुझे 

एक नये संसार में 


राहुल उपाध्याय । 28 जनवरी 2023 । सिएटल 

Friday, January 27, 2023

है अपना दिल तो सादा सा

है अपना दिल तो सादा सा, कहाँ से इश्क़ ये पाएगा 


किसी ने न बुलाया, गले से न लगाया

बहुत समझाया, यही न समझा

के बन के रहेगा भैया, कहाँ से इश्क़ ये पाएगा 


कभी ये शरमाया, कभी ये घबराया

किसी से कभी, न कुछ कह पाया

हमेशा से रहा तन्हा, कहाँ से इश्क़ ये पाएगा 


मिला भी 'गर कोई, ज़बां न गई खोली

पल भर में ही किसी की वो हो ली

सदा टूटा, सदा हारा, कहाँ से इश्क़ ये पाएगा 


जहां भी कहीं जाए, सुधर नहीं पाए 

सादा ये जीवन बदल नहीं पाए

न बदला है न बदलेगा, कहाँ से इश्क़ ये पाएगा 


राहुल उपाध्याय । 27 जनवरी 2023 । सिएटल 

Sunday, January 22, 2023

आजकल डरती साँस

आजकल डरती साँस 

कोई भी नहीं जो मेरे पास


जाने कहाँ ऐ दिल 

घुटने लगा मेरा दिल 

दिल के कोनों में 

मिटने लगे साहिल

टूट रही मेरे मन की आस


रात और दिन जो हैं

मिल के नहीं मिलते

हाथ बढ़ा कर भी 

मिल के नहीं मिलते

आए कभी न मुझको रास


राहुल उपाध्याय । 22 जनवरी 2023 । सिएटल 


Saturday, January 21, 2023

इतवारी पहेली: 2023/01/22


इतवारी पहेली:


जब से सीखी उसने ### 

बचा ली है जान ### #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 29 जनवरी 2023 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 22 जनवरी 2023 । सिएटल 




Wednesday, January 18, 2023

आठ बिलियन की आबादी है


आठ बिलियन की आबादी है

और अभी भी लाख ऐसी जगह है 

जहां इंसान नहीं है

बर्फीले पहाड़ 

अफ़्रीका के जंगल

नदी के किनारे

समंदर में बिखरे द्वीप

रेगिस्तान 


अभी भी कई गाँव हैं जहां 

दिन भर में कुल दस प्राणी

घर से बाहर निकलते हैं 


अभी भी कई शहर हैं

जहाँ के घरों में 

चार बेडरूम हैं

और रहने वाले सिर्फ़ दो प्राणी


अभी भी 

मोटरसाइकिल से

रतलाम से सैलाना जाते हुए 

कई सुनसान रास्ते आते हैं 


जनसंख्या बढ़े 

तो सुख है

विकास है

रौनक है

चहल-पहल है


घटना

चिंता का विषय है 

दुखद

घटना है


राहुल उपाध्याय  18 जनवरी 2023  धरती से 11 किलोमीटर ऊपरकैम्ब्रिज बे के आसपास 

मेरे जीवन में है प्यार की धार, अनवरत, अपार

मेरे जीवन में है प्यार की धारअनवरतअपार

मुझमें तुम पाओगे  मेरे यारप्यार ही प्यार


यूँ मेरा जीवन चमकता इक गहना है 

मुझको है कमी  मुझको कहना है

मेरी दुनिया में हैं नेमतें हज़ारहज़ारों हज़ार 


चल के आईं हैं खुशियाँ मेरे जीवन में

मैं तो यूँही खड़ा था अपने आँगन में 

तन्हा ना रहा मैं एक भी बारकर के मैं प्यार 


राहुल उपाध्याय  18 जनवरी 2023  धरती से दस किलोमीटर ऊपरफ़िनलैंड के आसपास