Sunday, July 19, 2026

इतवारी पहेली: 2026/07/19

इतवारी पहेली:


सौ सूखी हैं, # ## हैं

लड़ रहा बस ### है


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 26 जुलाई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 19 जुलाई 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/07/12

Uploaded Image

On Sat, Jul 11, 2026 at 10:43 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


राधा ने गाँव में गोबर से दीवार # ## 

और देखते रह गए राम, श्याम, ###


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 19 जुलाई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 12 जुलाई 2026 । सिएटल 


Wednesday, July 15, 2026

पी-एम ही तो हैं

पी-एम ही तो हैं

न मसीहा कोई 

व्रत किसी इंसान का

जा के तोड़ आए क्यूँ 


वांगचुक मियाँ के बग़ैर 

कौन से काम बंद हैं

रोइए ज़ार ज़ार क्या 

कीजिए हाए हाए क्यूँ


जिनका यश है चारों ओर

नभ में जयजयकार है

सड़क पे लेटे आदमी पे

ध्यान उनका जाए क्यूँ 


जग में आएंगे और कई 

एंकर, वाचक और कवि

सबकी अपनी दुकान है

जात से अपनी जाए क्यूँ 


जबसे खुली ये आँख है 

देखे हैं विरोध अनगिनत 

हमने न कोई विरोध किया 

हाथ ये हम जलाए क्यूँ 


राहुल उपाध्याय । 15 जुलाई 2026 । सिएटल 





Tuesday, July 14, 2026

माचिस की डिबिया से बंद

माचिस की डिबिया में बंद 

आग 

सुरक्षित है

काम की है


दाल-रोटी भी पका देती है


जब चाहो

जला लो

घर रोशन भी हो सकता है 

एक नया चिराग़ भी पैदा हो सकता है 


खुला छोड़ दो तो 

आग 

सब राख कर देती है


राहुल उपाध्याय । 14 जुलाई 2026 । सिएटल 


Monday, July 13, 2026

पढ़ लिख के

पढ़ लिख के 

हमने किया क्या है? 

कभी खुद को 

तो कभी सबको गधा कहा है


जो जानते हैं 

वे दुखी हैं

जो अनजान है

खुश ही दिखा है


आते-जाते मौसमों में 

एक बारिश ही है 

जिसकी ज़रूरत 

हर कोई समझता है


ये दुनिया की समझदारी 

हमें न रास आई

कभी शांति का 

तो कभी युद्ध का दिया मशवरा है


क्या है ये दुनिया, 

क्या है ये जीवन

सोचा जो कभी 

तो बिगड़ा खुद का हाजमा है


राहुल उपाध्याय । 13 जुलाई 2026 । सिएटल 





Saturday, July 11, 2026

इतवारी पहेली: 2026/07/12

इतवारी पहेली:


राधा ने गाँव में गोबर से दीवार # ## 

और देखते रह गए राम, श्याम, ###


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 19 जुलाई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 12 जुलाई 2026 । सिएटल 


Thursday, July 9, 2026

करूँ भला

करूँ भला तो निमित्त हूँ केवल

हो जाए गुनाह तो दोष है मेरा 


वो बच गया भीषण स्ट्रोक से एक दिन

ईश्वर दयालु है, उसने बचा लिया 


तड़प के मर गई बच्ची अस्पताल में

सारा क़सूर दरिंदों का ही है 


बनाया मंदिर, राम आ गए

पर किसी काम के नहीं 

सीसीटीवी न हो तो 

चोर हाथ ही न आए


दिन-रात खड़े 

न जाने क्या देखते हैं 

नाक की सीध में 

कुछ हो तो देख भी ले

इधर-उधर भला वो कहाँ देखते हैं 


राहुल उपाध्याय । 9 जुलाई 2026 । सिएटल