संडे को झंडे
मंडे को डंडे
देश के फ्यूचर का
ऐसा है रन-वे
क्रिकेट देखो
नेटफ़्लिक्स देखो
समय बचे तो
हर-हर गंगे
दिये जलाओ
भजन भी गाओ
ज़ोर-ज़ोर से बजाओ
मंदिरों में घंटे
पढ़ना-लिखना
गँवारो का काम है
तुम तो जुटाओ
दो-चार गुंडे
हमसे तो कुछ
होता नहीं है
सब कुछ करेगा
तुकाराम मुंडे
सब कुछ तो बढ़िया
चल ही रहा है
लेने हमें क्यूँ
बार-बार पंगे
नौकरी तो नहीं
मिलेगी लेकिन
ईश्वर तो मिलेंगे
अगर जो ढूँढें
राहुल उपाध्याय । 21 सितम्बर 2026 । सिएटल
