Sunday, September 13, 2026

चाँदनी

चाँदनी रात भर क्यों लुभाती रही  

गीत प्रेम के मुझको सुनाती रही

 

राज़ की बात कोई मैं करता नहीं 

राज़ अपने वो मुझको बताती रही 


कह दिया था जिसे लौट जा बेवफ़ा

आके चरणों में वो शीश नवाती रही


जानता मैं नहीं क्या है मन में उधर 

रह-रह के यही बात सताती रही 


क्या करुँ, क्या नहीं, सोचता रह गया 

प्यार में शक़ की बू क्यों आती रही 


राहुल उपाध्याय । 13 सितम्बर 2026 । सिएटल 




इतवारी पहेली: 2026/09/13

इतवारी पहेली:


भगवान के भक्त #^# # हैं

रोज़ बिकते रोली और #^## हैं


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 20 सितम्बर 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 13 सितम्बर 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/09/06

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On Sun, Sep 6, 2026 at 1:54 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


नीम करौली बाबा के पास सिर्फ़ #%## था

कहते हैं उन बाबाजी में फिर भी न ## ## था


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 13 सितम्बर 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 6 सितम्बर 2026 । सिएटल 


Thursday, September 10, 2026

कभी पेरिस

कभी पेरिस 

तो कभी सबरीमाला में 

हम बदनाम होते हैं 

धर्म के नाम पर 

क्यों ऐसे काम होते हैं


कभी चूड़ी 

कभी बिंदी 

कभी सिन्दूर 

मल दिया जाता है 

क्या हम 

किसी की जागीर हैं 

जो हम पे झंडे 

गाड़ दिए जाते हैं


वे चौक पे 

चौपाल करने जाते हैं 

हम क्यों 

चौका-बर्तन करने के लिए 

छोड़ दिए जाते हैं


वे खाते हैं पहले 

सोते हैं पहले 

जगते हैं बाद में 

हम क्यों हमेशा 

पीछे रह जाते हैं


राहुल उपाध्याय । 10 सितम्बर 2026 । सिएटल 



Tuesday, September 8, 2026

स्तुति

यदि आप 

किसी से ऐसी बात करें कि

आप कितने शक्तिशाली हैं

आपकी आँखें कितनी सुंदर हैं

आपकी भुजाओं में कितना दम है

आपके कान के तो क्या ही कहने

आपकी गर्दन तो बस देखते ही बनती है

और याद है 

आपने उस दुश्मन को कैसे पछाड़ा था? उस बाहुबली को कैसे मारा था? 

उस दिन के तो क्या ही कहने

आप अकेले ने दस-दस को गिराया था

तो इसे तलवे चाटना कहा जाएगा


लेकिन यदि ऐसे ही 

किसी मूर्ति से बात की जाए

और भाषा 

संस्कृत या अवधी हो

तो उसे 

स्तुति कहा जाता है


राहुल उपाध्याय । 8 सितम्बर 2026 । सिएटल 



Sunday, September 6, 2026

इतवारी पहेली: 2026/09/06

इतवारी पहेली:


नीम करौली बाबा के पास सिर्फ़ #%## था

कहते हैं उन बाबाजी में फिर भी न ## ## था


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 13 सितम्बर 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 6 सितम्बर 2026 । सिएटल 


Friday, September 4, 2026

वफ़ादारी

वफ़ादारी 

सभ्यता की निशानी है 

या ग़ुलामी की 


नहीं जानता


पर इतना ज़रूर है 

कि वफ़ादार 

एक किरायेदार है 

जिसे मकान मालिक 

कभी भी निकाल सकता है 

किराया बढ़ा सकता है 

यहाँ यह मत करो 

वहाँ ये मत करो 

इतनी बजे बाद यह मत किया करो 

50 प्रतिबंध लगा सकता है 


कौन तुमसे मिल सकता है 

कौन नहीं 

सब वह तय करता है 


राहुल उपाध्याय । 4 सितम्बर 2026 । सिएटल