मैंने कल पहना
तो फ़िट नहीं आया
कहीं-कहीं
कुछ-कुछ
मरा-मरा सा था
बासी सा
रंग फीके पड़ गए थे
कहीं-कहीं से
सिलाई भी उधड़ गई थी
कल
जैसा कल था
आज क्यों नही है?
मेरी स्मृति से
मेल क्यों नहीं खाता?
राहुल उपाध्याय । 26 अगस्त 2026 । सिएटल
(https://aboshupadhyaya.substack.com/p/make-believe?r=1z8h44&utm_medium=ios से प्रेरित)
