Showing posts with label Qamar Jalalabadi. Show all posts
Showing posts with label Qamar Jalalabadi. Show all posts

Saturday, December 5, 2020

डॉक्टरों से तुम ये मत पूछो


डॉक्टरों से तुम ये मत पूछो 

डॉक्टरों पे क्या गुज़री है

हाँ उनके दिलों से ये पूछो, 

अरमानों पे क्या गुज़री है


औरों को बचाते रहते हैं

और ख़ुद बिचारे मर जाते हैं

ये जीने वाले क्या जाने

शमशानों पे क्या गुज़री है


मास्क न लगाया मरीज़ों ने

डॉक्टर सब पहन कर बैठा

तुम घर बैठे क्या जानो

अस्पतालों पे क्या गुज़री है


(क़मर जलालाबादी से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 2 दिसम्बर 2020 । सिएटल 

https://youtu.be/opYzmU2Ujyk