इतवारी पहेली:
कहते हैं मुझसे मैं सोना न ###
मन करता है सुना खरी-## #
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
Https://tinyurl.com/RahulPaheliya
आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं।
सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 7 जून 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 31 मई 2026 । सिएटल
Sunday, June 7, 2026
Re: इतवारी पहेलीः 2026/05/31
Saturday, June 6, 2026
ये जिंदगी की है दौलत।
ये ज़िंदगी की है दौलत
ये ज़िंदगी की सज़ा भी
कहते हैं मोहब्बत जिसको
है खूबसूरत बला सी
पहले कहाँ थी ये आदत
हर रोज देखें किसी को
दिन-रात चिपके हैं फोन से,
जैसे हो प्रेयसी हमारी
अपने इन ख्वाबों के पीछे
हम क्यों सदा भागते हैं
जब सब कुछ है मन के भीतर
फिर क्यूँ है इक बदहवासी
हाथों से अपने ही आखिर
बनता-बिगड़ता है सब कुछ
फिर क्यूँ उठा के इनको
करते हैं एक दुआ भी
होता है हर रोज कोई
तमाशा जो चौंकाए हमको
तमाशों से रोचक है जीवन
तमाशा ही है ज़िंदगानी
राहुल उपाध्याय । 6 जून 2026 । सिएटल
Wednesday, June 3, 2026
दो दिन का ये वादा नहीं
दो दिन का ये वादा नहीं
चाहा तुम्हें, है मांगा नहीं
चमन में खिला इक फूल हो
बटन पे कभी लगाया नहीं
लगते तो हो हूर-नूर से
छू के कभी देखा नहीं
बरसों से हम हैं साथ में
फिर भी तुम्हें पाया नहीं
मेरी ज़िंदगी का ये सार है
जो पाया नहीं, खोया नहीं
राहुल उपाध्याय । 3 जून 2026 । सिएटल
Saturday, May 30, 2026
इतवारी पहेलीः 2026/05/31
इतवारी पहेली:
कहते हैं मुझसे मैं सोना न ###
मन करता है सुना खरी-## #
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
Https://tinyurl.com/RahulPaheliya
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सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 7 जून 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 31 मई 2026 । सिएटल
Posted by Rahul Upadhyaya at 11:55 PM
आपका क्या कहना है??
1 पाठक ने टिप्पणी देने के लिए यहां क्लिक किया है। आप भी टिप्पणी दें।
Re: इतवारी पहेलीः 2026/05/24
इतवारी पहेली:
इस पार चाय है, उस ## # है
इधर महफ़िल जमी है, उधर #%# है
(पहली पंक्ति का दूसरा शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का शब्द भी अंग्रेज़ी का है)
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
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राहुल उपाध्याय । 24 मई 2026 । सिएटल
Thursday, May 28, 2026
मिडिल क्लास
आज माँ नहीं है
फिर भी
नए कपड़े पहनते वक़्त
सोचता हूँ
आज पहनूँ
या तब
जब किसी बड़े के घर जाना हो
कोई जन्मदिन हो
तीज-त्योहार हो
बचपन में
जो मिडिल क्लास की मानसिकता
दिमाग़ में घर कर जाती है
वो
बैंक खाते को देख कर
निकल नहीं जाती
राहुल उपाध्याय । 28 मई 2026 । सिएटल
Posted by Rahul Upadhyaya at 7:40 AM
आपका क्या कहना है??
2 पाठकों ने टिप्पणी देने के लिए यहां क्लिक किया है। आप भी टिप्पणी दें।
Sunday, May 24, 2026
इतवारी पहेलीः 2026/05/24
इतवारी पहेली:
इस पार चाय है, उस ## # है
इधर महफ़िल जमी है, उधर #%# है
(पहली पंक्ति का दूसरा शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का शब्द भी अंग्रेज़ी का है)
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
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राहुल उपाध्याय । 24 मई 2026 । सिएटल
Re: इतवारी पहेली: 2026/05/17
इतवारी पहेली:
कहाँ कौन मरता है किसी # ## से
कहाँ सब कैद होता है किसी ### से
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
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सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 24 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 17 मई 2026 । सिएटल
Friday, May 22, 2026
वह जब मिलती है
वह जब मिलती है
तो सजता-धजता हूँ
वरना यूं ही चलता रहता हूँ
वह साज है मेरी जिंदगी का
जिसकी धुन पे मैं मचलता हूँ
वह नूर है मेरी आंखों का
उसे मैं ही तो समझता हूँ
मुझे मौत का क्यों ही खौफ हो
मैं जो रोज़ उस पे मरता हूँ
बिछड़ भी गए, कभी किसी मोड़ पर किसी मोड़ पर फिर उससे मिलता हूँ
ये जो ब्लॉग आदि मैं लिखता हूँ
ये सब इसलिए कि
वो भी जान ले कि
दिन भर मैं क्या करता हूँ
ये जो रील आदि मैं बनाता हूँ
ये सब इसलिए कि
वो भी देख ले कि
दिन भर मैं कहाँ घूमता हूँ
राहुल उपाध्याय । 22 मई 2026 । सिएटल
Saturday, May 16, 2026
इतवारी पहेली: 2026/05/17
इतवारी पहेली:
कहाँ कौन मरता है किसी # ## से
कहाँ सब कैद होता है किसी ### से
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
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ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
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राहुल उपाध्याय । 17 मई 2026 । सिएटल
Re: इतवारी पहेली: 2026/05/10
इतवारी पहेली:
किसी ने सुनाई गज़ल ### #
तो किसी ने सड़क छाप ## ##
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
Https://tinyurl.com/RahulPaheliya
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राहुल उपाध्याय । 10 मई 2026 । सिएटल
पति-पत्नी और वो दो
मुदस्सर अजीज द्वारा निर्देशित एवं आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, रकुलप्रीत सिंह और वाकिमा गब्बी द्वारा अभिनीत फिल्म "पति पत्नी और वो 2" बहुत ही अच्छी है, बहुत ही मजेदार है। एक अच्छी कॉमेडी फ़िल्म है, जिसमें सब कुछ बढ़िया है। सारे कलाकार अच्छे हैं, सारे किरदार अच्छे हैं। किसी में भी कोई बुराई नहीं है, कोई भी खलनायक नहीं है। सब अपना काम अपनी तरह से बढ़िया करते हैं। इतनी साफ-सुथरी कॉमेडी फ़िल्म है कि मजा ही आ गया।
जब देखने गया तो सोच रहा था इसमें कोई अश्लील हरकतें होंगी, कुछ द्विअर्थी संवाद होंगे, पर पूरी तरह से बहुत ही अच्छी फिल्म बनी है। सबसे अच्छी बात ये लगी कि ये सिर्फ बनारस और इलाहाबाद के आसपास ही घूमती है। एनआरआई लोगों के चक्कर में कहीं विदेश, पुर्तगाल या इटली या अमेरिका या इंग्लैंड में शूट नहीं की गई, सारी की सारी यहाँ की गई। गाने ना होते तो अच्छा होता, गानों ने कोई इसमें योगदान नहीं दिया है, और कहानी में थोड़ा अवरोध भी उत्पन्न होता है। इतने अच्छे किरदार हैं। विजय राज का किरदार भी बहुत ही सुंदर है, और इतने-इतने ट्विस्ट हैं, इतने-इतने मोड़ आते हैं कहानी में कि हर बार मजा ही आ जाता है। यह फ़िल्म जरूर देखनी चाहिए, पूरा पैसा वसूल।
Friday, May 15, 2026
चांद था तो मिली थी हमें रोशनी
चांद था तो मिली थी हमें रोशनी
चांदनी के बिना है कहाँ जिंदगी
दिन का सूरज उगलता बड़ी आग है
आग समझेगी क्या है, कहां है ख़ुशी
दिन ढले रात हो, रात ही रात हो
हाथ उठे तो मैंने दुआ ये ही की
आज तय कर लिया मैंने अपना भविष्य
वसीयत में किसी को फूटी कौड़ी न दी
दुख होगा मुझे क्यूँ और किस बात का
बिजलियाँ भी गिरीं तो कुछ दे कर गईं
राहुल उपाध्याय । 15 मई 2026 । सिएटल
Wednesday, May 13, 2026
आपके बाद जीवन में कुछ भी नहीं
आपके बाद जीवन में कुछ भी नहीं
आप थे तो हमें था सहारा मिला
यूँ तो हमदर्द कई हैं, कई साथ भी
पर अपना न कोई दोबारा बना
यूँ तो गुफ्तगू होती थी हर रोज़ ही
जो कहना था दिल ये कह ना सका
हम कहां थे, कहां से कहां आ गए
आज सोचा तो शीश नवाना पड़ा
रब जो कह दे कि मांगो तो क्या मांग लूं?
सब तो दिल में है मेरे समाया हुआ
चांद के पास धन है न दौलत कोई
चांदनी की बदौलत वो प्यारा लगा
राहुल उपाध्याय । 13 मई 2026 । सिएटल
Tuesday, May 12, 2026
तेरा गिरना है फ़ायदेमंद
तेरा गिरना है फायदेमंद, तू गिरे तो सौगात है
तेरे गिरने का गम हो क्यों, तू बढ़े तो दिन बर्बाद है
तेरे वास्ते मेरे मन में कोई फ़र्क़ आये, नहीं नहीं
मुझे ख़ौफ़-ए-रूपया नहीं क्योंकि डॉलर मेरे साथ है
मेरा देश बर्बाद हो तो हो, मुझे क्या
मेरे पास घर, मेरे पास कार, मेरे पास इफ़रात है
न घर-ज़मीन, न कोई फ़्लैट बेंगलुरु में
तू कल गिरे या आज गिरे बदले न जज्बात हैं
मैं पढ़ा-लिखा और यहां बस गया
मैंने अपने आप से बदले हालात हैं
मैं गोवा जाऊं, कश्मीर जाऊं, चाहे घूमूँ कहीं
तेरे गिरने से हो जाती ख़ुशनुमा मेरी हयात है
राहुल उपाध्याय। 12 मई 2026 । सिएटल
Sunday, May 10, 2026
इतवारी पहेली: 2026/05/10
इतवारी पहेली:
किसी ने सुनाई गज़ल ### #
तो किसी ने सड़क छाप ## ##
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
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सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 17 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 10 मई 2026 । सिएटल
Re: इतवारी पहली 2026/05/03
इतवारी पहेली:
हर चीज आती है काम कभी # ##
आंख और कान ही नहीं बल्कि ## #
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
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आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं।
सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 10 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 3 मई 2026 । सिएटल
Saturday, May 2, 2026
इतवारी पहली 2026/05/03
इतवारी पहेली:
हर चीज आती है काम कभी # ##
आंख और कान ही नहीं बल्कि ## #
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)
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हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
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सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 10 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 3 मई 2026 । सिएटल
