Sunday, June 28, 2026

इतवारी पहेलीः 2026/06/28

इतवारी पहेली:


चेतन के चक्कर में उसने मार दिया ### को

जाकर ऊँचाई पर धकेला मंगेतर # ## को


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 5 जुलाई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 28 जून 2026 । सिएटल 


Sunday, June 21, 2026

डीपी में नही

डीपी में नहीं

पासवर्ड में है वो

मेरी प्रेयसी, मेरी जान

मेरे दिल में रहती है


ना सेल्फी है कोई

ना तस्वीर कोई

मेरी जान मेरी आँखों में रहती है


मेरी आँखों की चमक

मेरे कपड़ों के रंग

मेरे घर की सुगंध

इन सब में विद्यमान रहती है

मेरी प्रेयसी 

मेरे साथ 

दिन-रात रहती है


राहुल उपाध्याय । 21 जून 2026 । सिएटल 

Sunday, June 14, 2026

मोहब्बत की डगर मुस्किल

मोहब्बत की डगर मुश्किल

मोहब्बत करके देखेंगे

भले ही दूर हो मंज़िल 

मोहब्बत करके देखेंगे


तुम्हारी करके हम तारीफ़ 

तुम्हारा दिल जीत ही लेंगे

कभी तुम आओ तो ग़ाफ़िल 

मोहब्बत करके देखेंगे


नफ़रतों के दौर में ऐ दिल

सुना तू गीत मोहब्बत के

कभी तो पिघलेंगे संग दिल

मोहब्बत करके देखेंगे


तुम्हें भी हो लगाव हमसे

कहाँ तक ये मुनासिब है

अगरचे हम नहीं क़ाबिल

मोहब्बत करके देखेंगे


कहाँ तुमने कहा हमसे 

कि हमसे मिल नहीं सकते

यही तो है मेरा हासिल

मोहब्बत करके देखेंगे


राहुल उपाध्याय । 14 जून 2026 । सिएटल 

साइकिल चला रही है

साइकिल चला रही है, 

ईंधन बचा रही है

खटना ही जिंदगी है, 

खटती ही जा रही है


देखो पी-एम

गए विदेश 

लेकर के साथ मेलोडी

देखेगा कौन

पूछेगा कौन

जनता के दुख दर्द की

मरती है रोज़ थोक में 

मरती ही जा रही है


आगे चुनाव 

पीछे चुनाव 

हर रोज़ चुनाव-चुनाव 

इसको खैरात, 

उसको खैरात, 

हर तरफ़ खैरात-खैरात

सट्टा लगा रही है 

सत्ता बचा रही है


आए पी-एम 

गए पी-एम 

ऐसे नहीं है देखे

सर पे है ताज 

हाथ में है माइक 

गड़ते हैं झूठे क़िस्से 

सुनती वो जा रही है

सुनती ही जा रही है


राहुल उपाध्याय । 14 जून 2026 । सिएटल

Sunday, June 7, 2026

Re: इतवारी पहेलीः 2026/05/31

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On Sat, May 30, 2026 at 11:55 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


कहते हैं मुझसे मैं सोना न ### 

मन करता है सुना खरी-## #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 7 जून 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 31 मई  2026 । सिएटल 


Saturday, June 6, 2026

ये जिंदगी की है दौलत।

ये ज़िंदगी की है दौलत 

ये ज़िंदगी की सज़ा भी 

कहते हैं मोहब्बत जिसको

है खूबसूरत बला सी


पहले कहाँ थी ये आदत

हर रोज देखें किसी को

दिन-रात चिपके हैं फोन से, 

जैसे हो प्रेयसी हमारी


अपने इन ख्वाबों के पीछे 

हम क्यों सदा भागते हैं

जब सब कुछ है मन के भीतर

फिर क्यूँ है इक बदहवासी


हाथों से अपने ही आखिर 

बनता-बिगड़ता है सब कुछ

फिर क्यूँ उठा के इनको 

करते हैं एक दुआ भी


होता है हर रोज कोई 

तमाशा जो चौंकाए हमको

तमाशों से रोचक है जीवन 

तमाशा ही है ज़िंदगानी 


राहुल उपाध्याय । 6 जून 2026 । सिएटल 


Wednesday, June 3, 2026

दो दिन का ये वादा नहीं

दो दिन का ये वादा नहीं

चाहा तुम्हें, है मांगा नहीं


चमन में खिला इक फूल हो

बटन पे कभी लगाया नहीं


लगते तो हो हूर-नूर से

छू के कभी देखा नहीं


बरसों से हम हैं साथ में

फिर भी तुम्हें पाया नहीं


मेरी ज़िंदगी का ये सार है

जो पाया नहीं, खोया नहीं


राहुल उपाध्याय । 3 जून 2026 । सिएटल 








Saturday, May 30, 2026

इतवारी पहेलीः 2026/05/31

इतवारी पहेली:


कहते हैं मुझसे मैं सोना न ### 

मन करता है सुना खरी-## #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 7 जून 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 31 मई  2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेलीः 2026/05/24

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On Sun, May 24, 2026 at 12:03 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


इस पार चाय है, उस ## # है

इधर महफ़िल जमी है, उधर #%# है


(पहली पंक्ति का दूसरा शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का शब्द भी अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 31 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 24 मई  2026 । सिएटल 


Thursday, May 28, 2026

मिडिल क्लास

आज माँ नहीं है 

फिर भी 

नए कपड़े पहनते वक़्त 

सोचता हूँ 

आज पहनूँ 

या तब 

जब किसी बड़े के घर जाना हो 

कोई जन्मदिन हो 

तीज-त्योहार हो 


बचपन में 

जो मिडिल क्लास की मानसिकता

दिमाग़ में घर कर जाती है 

वो

बैंक खाते को देख कर

निकल नहीं जाती


राहुल उपाध्याय ।  28 मई 2026 । सिएटल 


Sunday, May 24, 2026

इतवारी पहेलीः 2026/05/24

इतवारी पहेली:


इस पार चाय है, उस ## # है

इधर महफ़िल जमी है, उधर #%# है


(पहली पंक्ति का दूसरा शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का शब्द भी अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 31 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 24 मई  2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/05/17

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On Sat, May 16, 2026 at 10:47 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


कहाँ कौन मरता है किसी # ## से

कहाँ सब कैद होता है किसी ### से


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 24 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 17 मई  2026 । सिएटल 


Friday, May 22, 2026

वह जब मिलती है

वह जब मिलती है

तो सजता-धजता हूँ

वरना यूं ही चलता रहता हूँ


वह साज है मेरी जिंदगी का

जिसकी धुन पे मैं मचलता हूँ


वह नूर है मेरी आंखों का

उसे मैं ही तो समझता हूँ


मुझे मौत का क्यों ही खौफ हो

मैं जो रोज़ उस पे मरता हूँ


बिछड़ भी गए, कभी किसी मोड़ पर किसी मोड़ पर फिर उससे मिलता हूँ


ये जो ब्लॉग आदि मैं लिखता हूँ

ये सब इसलिए कि 

वो भी जान ले कि 

दिन भर मैं क्या करता हूँ


ये जो रील आदि मैं बनाता हूँ

ये सब इसलिए कि 

वो भी देख ले कि

दिन भर मैं कहाँ घूमता हूँ


राहुल उपाध्याय । 22 मई 2026 । सिएटल 







Saturday, May 16, 2026

इतवारी पहेली: 2026/05/17

इतवारी पहेली:


कहाँ कौन मरता है किसी # ## से

कहाँ सब कैद होता है किसी ### से


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 24 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 17 मई  2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/05/10

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On Sun, May 10, 2026 at 1:10 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


किसी ने सुनाई गज़ल ### #

तो किसी ने सड़क छाप ## ##


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 17 मई 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 10 मई  2026 । सिएटल 


पति-पत्नी और वो दो

मुदस्सर अजीज द्वारा निर्देशित एवं आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, रकुलप्रीत सिंह और वाकिमा गब्बी द्वारा अभिनीत फिल्म "पति पत्नी और वो 2" बहुत ही अच्छी है, बहुत ही मजेदार है। एक अच्छी कॉमेडी फ़िल्म है, जिसमें सब कुछ बढ़िया है। सारे कलाकार अच्छे हैं, सारे किरदार अच्छे हैं। किसी में भी कोई बुराई नहीं है, कोई भी खलनायक नहीं है। सब अपना काम अपनी तरह से बढ़िया करते हैं। इतनी साफ-सुथरी कॉमेडी फ़िल्म है कि मजा ही आ गया।


जब देखने गया तो सोच रहा था इसमें कोई अश्लील हरकतें होंगी, कुछ द्विअर्थी संवाद होंगे, पर पूरी तरह से बहुत ही अच्छी फिल्म बनी है। सबसे अच्छी बात ये लगी कि ये सिर्फ बनारस और इलाहाबाद के आसपास ही घूमती है। एनआरआई लोगों के चक्कर में कहीं विदेश, पुर्तगाल या इटली या अमेरिका या इंग्लैंड में शूट नहीं की गई, सारी की सारी यहाँ की गई। गाने ना होते तो अच्छा होता, गानों ने कोई इसमें योगदान नहीं दिया है, और कहानी में थोड़ा अवरोध भी उत्पन्न होता है। इतने अच्छे किरदार हैं। विजय राज का किरदार भी बहुत ही सुंदर है, और इतने-इतने ट्विस्ट हैं, इतने-इतने मोड़ आते हैं कहानी में कि हर बार मजा ही आ जाता है। यह फ़िल्म जरूर देखनी चाहिए, पूरा पैसा वसूल। 



Friday, May 15, 2026

चांद था तो मिली थी हमें रोशनी

चांद था तो मिली थी हमें रोशनी

चांदनी के बिना है कहाँ जिंदगी 


दिन का सूरज उगलता बड़ी आग है

आग समझेगी क्या है, कहां है ख़ुशी 


दिन ढले रात हो, रात ही रात हो

हाथ उठे तो मैंने दुआ ये ही की


आज तय कर लिया मैंने अपना भविष्य

वसीयत में किसी को फूटी कौड़ी न दी


दुख होगा मुझे क्यूँ और किस बात का 

बिजलियाँ भी गिरीं तो कुछ दे कर गईं 


राहुल उपाध्याय । 15 मई 2026 । सिएटल