Tuesday, September 22, 2026

चीटिंग

जब बात हमारी हो

तो हम वकील बन जाते हैं 


जब दूसरों की हो

तो जज



चीटिंग करना

कोई गुनाह नहीं है

चाहे वो परीक्षा के दौरान हो

या रिश्तों में


वरना

कोई पुलिस कार्यवाही होती

कोई जेल जाता


उल्टा

उन्हें सम्मानित किया जाता है 

चाहे वो

धर्मेंद्र हो

बोनी कपूर हो

या कुकु कोहली


राहुल उपाध्याय । 22 सितम्बर 2026 । सिएटल 



Monday, September 21, 2026

देश का फ्यूचर

संडे को झंडे

मंडे को डंडे

देश के फ्यूचर का

ऐसा है रन-वे


क्रिकेट देखो

नेटफ़्लिक्स देखो

समय बचे तो

हर-हर गंगे


दिये जलाओ 

भजन भी गाओ

ज़ोर-ज़ोर से बजाओ

मंदिरों में घंटे


पढ़ना-लिखना 

गँवारो का काम है

तुम तो जुटाओ

दो-चार गुंडे 


हमसे तो कुछ 

होता नहीं है

सब कुछ करेगा 

तुकाराम मुंडे


सब कुछ तो बढ़िया 

चल ही रहा है 

लेने हमें क्यूँ 

बार-बार पंगे


नौकरी तो नहीं 

मिलेगी लेकिन 

ईश्वर तो मिलेंगे 

अगर जो ढूँढें


राहुल उपाध्याय । 21 सितम्बर 2026 । सिएटल 





Sunday, September 20, 2026

चाँद

आज रात चाँद सीटी बजाता मिला

गली के उस मोड़ पर

जहाँ मेरा जाना मना था

पता चला वह भी उसे देख रही थी 

खिड़कियों से इशारे कर रही थी 

मैं तो जल-भुन के राख हो गया 

सुना कि उसने रात भर खिड़की भी नहीं बंद की


इश्क़ की दीवानगी 

मेरी जानिब होती

तो कुछ और ही बात होती 


राहुल उपाध्याय । 20 सितम्बर 2026 । सिएटल 


Saturday, September 19, 2026

कन्या सोच, सोच, सोच

काहे ज़िद कर रही 

काहे को पढ़ रही 

करके घर के काम 

कन्या सोच, सोच, सोच

कन्या सोच, सोच, सोच


ये जग सारा 

दिखता प्यारा

देता खूब निचोड़ 

कन्या सोच, सोच, सोच

कन्या सोच, सोच, सोच


लगा के हल्दी 

कर ना गलती 

बचा तू अपना नाम 

कन्या सोच, सोच, सोच

कन्या सोच, सोच, सोच


तेरा घर नहीं 

तेरा दर नहीं 

बस हैं तेरे काम 

कन्या सोच, सोच, सोच

कन्या सोच, सोच, सोच


कहाँ तू जाएगी 

कहाँ बच पाएगी 

हर कोई करे शिकार 

कन्या सोच, सोच, सोच

कन्या सोच, सोच, सोच


राहुल उपाध्याय । 19 सितंबर 2026 । सिएटल 



Thursday, September 17, 2026

भिखारी

हम कब तब भिखारी बने रहेंगे?


एक तरफ़ तो हम 

पूरे ज़ोर-शोर से

दान देने को लालायित रहते हैं 


यहाँ इस मंदिर को इतना दिया

उस ग़रीब की इतनी मदद की

उस कोष में इतना डाला

केयर फंड में इतना


जब टैक्स 

देने की बारी आती है

तो भिखारी सी हालत हो जाती है 


करोड़ कमाया 

चालीस लाख सरकार ले गई 

साठ लाख से क्या होगा?


महँगे से महँगा

फ़ोन हाथ में है 

बेटा आइस क्रीम खानी है?

शौक़ से खाओ

स्पाइडर मैन देखनी है 

ज़रूर देखना 

पॉपकॉर्न भी ले लेना

कोकाकोला मत भूलना


सरकार 

इन सब पर हिस्सा माँगे

तो एक कौड़ी भी ज़्यादा लगती है 


राहुल उपाध्याय । 16 सितम्बर 2026 । सिएटल 




Sunday, September 13, 2026

चाँदनी

चाँदनी रात भर क्यों लुभाती रही  

गीत प्रेम के मुझको सुनाती रही

 

राज़ की बात कोई मैं करता नहीं 

राज़ अपने वो मुझको बताती रही 


कह दिया था जिसे लौट जा बेवफ़ा

आके चरणों में वो शीश नवाती रही


जानता मैं नहीं क्या है मन में उधर 

रह-रह के यही बात सताती रही 


क्या करुँ, क्या नहीं, सोचता रह गया 

प्यार में शक़ की बू क्यों आती रही 


राहुल उपाध्याय । 13 सितम्बर 2026 । सिएटल 




इतवारी पहेली: 2026/09/13

इतवारी पहेली:


भगवान के भक्त #^# # हैं

रोज़ बिकते रोली और #^## हैं


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 20 सितम्बर 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 13 सितम्बर 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/09/06

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On Sun, Sep 6, 2026 at 1:54 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


नीम करौली बाबा के पास सिर्फ़ #%## था

कहते हैं उन बाबाजी में फिर भी न ## ## था


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 13 सितम्बर 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 6 सितम्बर 2026 । सिएटल 


Thursday, September 10, 2026

कभी पेरिस

कभी पेरिस 

तो कभी सबरीमाला में 

हम बदनाम होते हैं 

धर्म के नाम पर 

क्यों ऐसे काम होते हैं


कभी चूड़ी 

कभी बिंदी 

कभी सिन्दूर 

मल दिया जाता है 

क्या हम 

किसी की जागीर हैं 

जो हम पे झंडे 

गाड़ दिए जाते हैं


वे चौक पे 

चौपाल करने जाते हैं 

हम क्यों 

चौका-बर्तन करने के लिए 

छोड़ दिए जाते हैं


वे खाते हैं पहले 

सोते हैं पहले 

जगते हैं बाद में 

हम क्यों हमेशा 

पीछे रह जाते हैं


राहुल उपाध्याय । 10 सितम्बर 2026 । सिएटल 



Tuesday, September 8, 2026

स्तुति

यदि आप 

किसी से ऐसी बात करें कि

आप कितने शक्तिशाली हैं

आपकी आँखें कितनी सुंदर हैं

आपकी भुजाओं में कितना दम है

आपके कान के तो क्या ही कहने

आपकी गर्दन तो बस देखते ही बनती है

और याद है 

आपने उस दुश्मन को कैसे पछाड़ा था? उस बाहुबली को कैसे मारा था? 

उस दिन के तो क्या ही कहने

आप अकेले ने दस-दस को गिराया था

तो इसे तलवे चाटना कहा जाएगा


लेकिन यदि ऐसे ही 

किसी मूर्ति से बात की जाए

और भाषा 

संस्कृत या अवधी हो

तो उसे 

स्तुति कहा जाता है


राहुल उपाध्याय । 8 सितम्बर 2026 । सिएटल 



Sunday, September 6, 2026

इतवारी पहेली: 2026/09/06

इतवारी पहेली:


नीम करौली बाबा के पास सिर्फ़ #%## था

कहते हैं उन बाबाजी में फिर भी न ## ## था


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 13 सितम्बर 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 6 सितम्बर 2026 । सिएटल 


Friday, September 4, 2026

वफ़ादारी

वफ़ादारी 

सभ्यता की निशानी है 

या ग़ुलामी की 


नहीं जानता


पर इतना ज़रूर है 

कि वफ़ादार 

एक किरायेदार है 

जिसे मकान मालिक 

कभी भी निकाल सकता है 

किराया बढ़ा सकता है 

यहाँ यह मत करो 

वहाँ ये मत करो 

इतनी बजे बाद यह मत किया करो 

50 प्रतिबंध लगा सकता है 


कौन तुमसे मिल सकता है 

कौन नहीं 

सब वह तय करता है 


राहुल उपाध्याय । 4 सितम्बर 2026 । सिएटल 




Thursday, September 3, 2026

भाषा ये भाई नहीं

मूलियों का मूल्य नहीं

मूंगफली में मूंग नहीं

गांधारी पे गन नहीं

बैंगन पे बैन नहीं 

अजवाइन में वाइन नहीं

भाषा ये भाई नहीं


जामुन में जाम नहीं 

पाजेब में जेब नहीं

मंथन का मन नहीं 

धंधे में धन नहीं

चारपाई में पाई नहीं

भाषा ये भाई नहीं


सैंडल में सैंड नहीं 

टिन्डे में टिन नहीं

लौकी में लौ नहीं

भिन्डी भी भिन्न नहीं

टाइटल में टाई नहीं

भाषा ये भाई नहीं


ईमान का मान नहीं

संतों की संतान नहीं 

संतान भी संत नहीं

फ़र्ज़ी के फ़र्ज़ नहीं

ए-आई में आई नहीं

भाषा ये भाई नहीं


रोकड़ा न कभी रुके

दीपक से कुछ न पके

समोसा न मौसा दे

नाना न ना कहे

(समधन की नाक है)

ए-आई में आय नहीं

भाषा ये भाई नहीं


पर्दे के पर नहीं

सर्दी में सर नहीं

अरबी में अरब नहीं 

चीनी, पर चीनी नहीं 

वायलेंस में वाई नहीं 

भाषा ये भाई नहीं


घासलेट में घास नहीं 

चौके में चौक नहीं 

शक्कर पे शक नहीं 

बाइक पे बाई नहीं

वायरस में वाई नहीं

भाषा ये भाई नहीं


राहुल उपाध्याय । 3 सितंबर 2026 । सिएटल