Showing posts with label Hasrat Jaipuri. Show all posts
Showing posts with label Hasrat Jaipuri. Show all posts

Friday, March 5, 2021

तक़दीर का बहाना

https://youtu.be/om81GWuwAbE 


तक़दीर का बहाना 

कब तक कोई बनाए

मुश्किल है जो भी कोई 

क्यों न उसे मिटाए


जीवन के सफ़र में

कठिनाईयाँ बहुत हैं

कठिनाईयों से डर के 

कब तक कोई निभाए


ज़ंजीर नहीं है कोई 

बंधन कदम कदम हैं

शमशीर हमारे हाथ हैं 

क्यों न उन्हें चलाएँ


आसमाँ से भी आगे 

आसमाँ कई-कई हैं

छू लेंगे हाथ तेरे

'गर हाथ तू बढ़ाएँ


(हसरत जयपुरी से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 4 मार्च 2021 । सिएटल 

शमशीर = तलवार 


Tuesday, September 22, 2020

मैं कहीं कवि न बन जाऊँ

मैं कहीं कवि न बन जाऊँ तेरे प्यार में ऐ कविता


तुझे डी-पी के आईने में मैंने बार-बार देखा

तेरे स्टेटस में देखा तो छलकता प्यार देखा

तेरा टेक्स्ट मैंने देखा तो जिगर के पार देखा


तेरा ब्लॉग है सलोना तेरी पोस्ट में कसक है

तेरे वीडियो में है जादू तेरे बोल में खनक है

तेरी हर अदा मुहब्बत तू यूट्यूब की धनक है


मेरा दिल लुभा रहा है तेरा रूप सादा सादा

ये झुकी-झुकी निगाहें करे प्यार और ज़्यादा 

ये जग ये भाँप लेगा, है यही डर सताता


(हसरत जयपुरी से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 21 सितम्बर 2020 । सिएटल 

धनक = इन्द्रधनुष 

https://youtu.be/_8V8XYB5YsA 


Friday, August 28, 2020

देखो भूला ना करो, मास्क लगाया करो



देखो भूला ना करो, मास्क लगाया करो

हम न बोलेंगे कभी, मास्क बिन न आया करो


जो कोई बीमार हुआ, सोचो क्या हाल होगा

इस ख़ता पर तेरी, कितना नुक़सान होगा

खुद भी समझो ज़रा, औरों को समझाया करो


जान पर मेरी बने, ऐसी क्या मर्ज़ी तेरी

क्या मैं दुखी रहूँ, यही चाहत है तेरी

तो फिर बात सुनो, ऐसी ज़िद ना करो


तेरी हँसी है हसीं, माना क़ातिलाना सही

तेरे अधरों पे मुझे, मिली जन्नत की ख़ुशी 

लेकिन आज रूको ज़रा, यूँ क़ातिल ना बनो


क्या कहेगा ये जहाँ, बुरा जो इतना फँसा 

हर तरफ़ त्राहि-त्राहि, यहाँ से लेकर वहाँ 

अब तो तुम मान जाओ, इतने पागल ना बनो


(हसरत जयपुरी से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 1 अगस्त 2020 । सिएटल

https://youtu.be/6Lcxf7p00NI 


Tuesday, June 30, 2020

अड़चनें आईं कई बार हैं

सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें:

अड़चनें आईं कई बार हैं
वीसा पाने में 
सौ सौ बार 
मैंने जवाब दिए

डॉलर अमर है दुनिया में, 
डॉलर कभी नहीं गिरता है
रूपया-पैसा एक तरफ
डॉलर का जलवा रहता है

ओ ईश्वर तू भक्तों का
थोड़ा बेड़ा पार तो कर
मैं भी तेरा अपना हूँ
मेरा केस स्वीकार तो कर

ये मंज़िल मैं राही हूँ
इक दिन इसको पाऊँगा 
कौन मुझे अब रोकेगा
वीसा पा के ही मानूँगा 

(हसरत जयपुरी से क्षमायाचना सहित)
राहुल उपाध्याय । 30 जून 2020 । सिएटल 

Wednesday, January 28, 2015

घर आया मेरे परदेसी


घर आया मेरे परदेसी 
मोदी ने अस्मिता बेची

उल्टे-सीधे अनुबंध लिखे
डॉलर के आगे करबद्ध दिखे
आदत है हमें झुकने की

न्यूक्लिअर प्लांट यहाँ होंगे
दूषित-कलूषित जवाँ होंगे
किसको पड़ी इनकी सेहत की

दिल्ली हवा को बुरा कह गया
झूठ कहाँ, वो सच कह गया
बदली छाई यहाँ बदले की

(हसरत जयपुरी से क्षमायाचना सहित)
27 जनवरी 2015
सिएटल | 513-341-6798

Tuesday, September 2, 2008

तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे

तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
जब कभी भी पढ़ोगे कविता मेरी
सच देख कर तुम बिलबिलाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हो तुम मुझे यूँ ...

वो एन-आर-आई वो ईश्वर की बातें
जिनमें कोसे थे रिसते रिश्ते नाते
उन कविताओं की याद आएगी
जब खयालों में मुझको लाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हो तुम मुझे यूँ ...

मैं कविता में तुमको लिखता था
जब भी तुमको मनाना होता था
और सहारा लिया था पैरोडी का
वो नगमें किस तरह भुलाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हो तुम मुझे यूँ ...

मुझको पढ़े बिना क़रार न था
एक ऐसा भी दौर गुज़रा है
झूठ मानो तो देख लो स्टाटिस्टिक्स
मैं कहूंगा तो रूठ जाओगे
हाँ तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
हो तुम मुझे यूँ ...

सिएटल,
2 सितम्बर 2008
(हसरत जयपुरी से क्षमायाचना सहित)
=============================
स्टाटिस्टिक्स = statistics