Saturday, March 26, 2016
शब्द एक और मतलब कई हैं
Posted by Rahul Upadhyaya at 10:19 AM
आपका क्या कहना है??
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Labels: hinglish
Wednesday, November 13, 2013
दु:ख में डोनेट सब करे
सुख में करे न कोय
जो सुख में डोनेट करे
तो गिल्ट काहे को होय
गुरु गोविंद दोऊ खड़े
खा के लागू पाए
बिन भोजन न भजन भए
कहे राहुल कविराय
बड़ा हुआ तो क्या हुआ
जैसे चाईना देश
पब्लिक को फ़्रीडम नहीं
अमरीका में है कैश
खरीद-खरीद स्टॉक के
लखपति भए कंगाल
ट्वीटर-फ़ेसबूक के आई-पी-ओ
खींच रहें हैं खाल
आवत ही हर्षे नहीं
नैनन नहीं सनेह
फिर भी हम वहाँ जाएंगे
ग्रीन-कार्ड जो देए
13 नवम्बर 2013
सिएटल । 513-341-6798
(कबीर से क्षमायाचना सहित)
Monday, March 1, 2010
'हैप्पी होली' न हमसे बोली गई है
होली आई और होली गई है
लेकिन 'हैप्पी होली' न हमसे बोली गई है
भावनाओं की कद्र कौन करता है यारो
भाषा के पलड़े में भावना तोली गई है
हम ही सही है और तुम सब गलत हो
कह कह के हम पे दागी गोली गई है
हिंदी हो, उर्दू हो या भाषा हो कोई
इनके हिमायतियों की पोल कब खोली गई है
हमसे न पूछो क्यों हम निराश हैं इतने
चाहा जिसे उसकी उठा दी डोली गई है
सिएटल । 425-445-0827
1 मार्च 2010
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हैप्पी होली = Happy Holi
Posted by Rahul Upadhyaya at 9:26 AM
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Wednesday, March 11, 2009
हेप्पी होली
न्यू-यिअर पर 'विश' किया
बर्थ-डे पर 'विश' किया
जब भी कोई मौका आया
मैंने उन्हें 'विश' किया
होली की 'विश' दी तो
हाथ उन्होने खींच लिया
क्रोधित हो उन्होने
मुझे आड़े हाथ लिया
"आप क्यूं बोलते हैं हिंग्लिश?
जब भी आप करते हैं 'विश'
तब ऐसा लगता है कि
आप दे रहे हैं विष"
मैंने कहा,
बस प्लीज़
और न बने लेंगवेज पुलिस
माना आपको संतोष नहीं
पर हिंग्लिश का कोई दोष नहीं
चाहे जैसे किया, पर 'विश' किया
ये 'पॉईंट' तो आपने 'मिस' किया
शुद्ध हिंदी से क्या आस करें?
कौन इसका विश्वास करे?
विश्वास शब्द में भी
विष वास करे
जब आप देते हैं
मुझे शुभकामना
क्या आप चाहते हैं कि
मुझे मिले शुभ काम ना?
तर्क छोड़, एक जहां सुहाना सा बुन ले
और एक परस्पर प्यार का साबुन ले
जिससे ये संकीर्णता का विष 'वाश' करें
और कोई 'विश' करे तो उसका विश्वास करें
सिएटल 425-445-0827
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विश = wish; हिंग्लिश = Hinglish; लेंगवेज = language
पॉईंट =point; मिस = miss; वाश = wash
Posted by Rahul Upadhyaya at 1:25 PM
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Wednesday, July 2, 2008
हाय और बाय
जब जब उससे मैं मिलता था
फूलों की तरह मैं खिलता था
मन से मन की बात होती थी
दिल को मेरे सूकूं मिलता था
फिर मेल-जोल सब छुट गया
मैं काम-काज में जुट गया
मैं हूँ यहाँ और वो है वहाँ
मिलते-जुलते हम कैसे कहाँ?
इंटरनेट मिली कमाल की चीज
इसने बोए फिर से प्रेम के बीज
मेसेंजर का जब मिला सहारा
बिछड़े हुए मिल गए दोबारा
मैसेंजर पर छाई अंग्रेज़ी मैया
और हम ठहरे हिंदी भाषी भैया
खूब नाच नचाया इसने
खूब नाचे हम ता-ता-थैया
मैं लिखूँ कुछ, वो कुछ और पढ़े
लफ़ड़े हुए फिर बड़े-बड़े
मैं हर्ष लिखूँ तो वो हार्श समझे
दम लिखूँ तो डैम
चित लिखूँ तो चिट समझे
हित लिखूँ तो हिट
वन लिखूँ तो वैन समझे
मन लिखूँ तो मैन
पंत लिखूँ तो पैंट समझे
बंद लिखूँ तो बैंड
लग लिखूँ तो लैग समझे
हम लिखूँ तो हैम
तुने लिखूँ तो ट्यून समझे
सुन लिखूँ तो सन
लब लिखूँ तो लैब समझे
मद लिखूँ तो मैड
हद लिखूँ तो हैड समझे
पद लिखूँ तो पैड
लोग लिखूँ तो लॉग समझे
जोग लिखूँ तो जॉग
पर लिखूँ तो पार समझे
पैर लिखूँ तो पेयर
खूब नाच नचाया इसने
खूब नाचे हम ता-ता-थैया
जैसे ही यूनिकोड हाथ में आया
छोड़-छाड़ कर हम भागे भैया
जान छुटी और लाखों पाए
रोमन छोड़ देवनागरी पे आए
दिनकर-निराला को याद किया
घंटो तक हमारी बात हुई
दिल से दिल तक बात पहुँची
शेरो-शायरी की बरसात हुई
अंग्रेज़ी के सारे जुमले छोड़ दिए
और हिंदी के मुहावरे जोड़ लिए
जब लिखना होता है - टॉक टू यू लेटर
मैं लिख देता हूँ - शेष फिर
जब लिखना होता है - बी राईट बैक
मैं लिख देता हूँ - एक मिनट
लेकिन पूरी बात यहाँ कौन लिखता है
जिसे देखो वो शार्ट-फ़ॉर्म लिखता हैं
जब लिखना होता है - टी-टी-वाय-एल
मैं लिख देता हूँ - शे-फि
जब लिखना होता है - बी-आर-बी
मैं लिख देता हूँ - ए-मि
पर एक समस्या विकट खड़ी है
जिस पर मुझे शर्म बड़ी है
मिलते वक़्त वो लिखे हाय
और जाते वक़्त वो लिखे बाय
क्या जवाब दू और क्या लिखूँ
सोच सोच न मिले उपाय
नमस्ते नमस्कार ठीक नहीं है
इनमें प्रेम-प्यार की छाप नहीं है
राम-राम का रिवाज नहीं है
और ख़ुदा-हाफ़िज़ का तो सवाल ही नहीं है
पत्र होता तो 'प्रिय', और 'तुम्हारा'
इन दोनों से चल जाता गुज़ारा
सोच सोच कर मैं हार गया
और अखिरकार मैंने मान लिया
कि हाय और बाय का विकल्प नहीं है
ये पूर्ण सत्य है कोई गल्प नहीं है
अगर आप जानते हैं तो सामने आए
टिप्पणी लिख कर मुझे बताए
सिएटल,
2 जुलाई 2008
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हाय = hi
बाय = bye
सूकूं = शांति
मेसेंजर = Instant Messenger
हार्श = harsh
डैम = dam
चिट = chit
हिट = hit
वैन = van
मैन = man
पैंट = pant
बैंड = band
लैग = lag
हैम =ham
ट्यून = tune
सन = sun
लैब = lab
मैड = mad
हैड = had
पैड = pad
लॉग = log
जॉग = jog
पार = par
पेयर = pair
टॉक टू यू लेटर = talk to you later
बी राईट बैक = be right back
टी-टी-वाय-एल = ttyl
बी-आर-बी = brb
विकल्प = alternative
गल्प = story
ई-मेल = email
Posted by Rahul Upadhyaya at 3:25 PM
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Labels: digital age, fun, hinglish
Wednesday, June 18, 2008
बदलते ज़माने के बदलते ढंग हैं मेरे
बदलते ज़माने के बदलते ढंग हैं मेरे
नए हैं तेवर और नए ही रंग हैं मेरे
शुद्ध भाषा के शीशमहल में न कैद रख सकोगे मुझको
मैं तुम्हे आगाह कर देता हूँ कि संग संग हैं मेरे
ये तेरी-मेरी भाषा का साम्प्रदायिक तर्क तर्क दो
जैसे सुंदर हैं तुम्हारे वैसे ही सुंदर अंग हैं मेरे
कहीं संकीर्णता का जंग खोखला न कर दे साहित्य को
इसलिए हर महफ़िल में छिड़ते हैं हर रोज़ जंग मेरे
संस्कृत से है माँ का रिश्ता और उर्दू बहन है मेरी
खिलाती-पिलाती है अंग्रेज़ी और बॉस फ़िरंग हैं मेरे
माँ-बहन को एक करना चाहता है 'राहुल'
नासमझ समझेंगे कि ये नए हुड़दंग हैं मेरे
सिएटल,
18 जून 2008
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संग (उर्दू) - stone
संग (हिंदी) - with
तर्क (उर्दू) - abandon
तर्क (हिंदी) - arguments
जंग (उर्दू) - war
जंग (हिंदी) - rust
Posted by Rahul Upadhyaya at 12:30 PM
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Labels: bio, hinglish, TG, world of poetry
Monday, May 12, 2008
ये कुलदीप ये cool dude
ये कुलदीप ये cool dude
कमाल का इनका attitude
गुलाब जामुन और चाँकलेट
आलू पराठा और ऑमलेट
ये है इनके pet food
ये कुलदीप ये cool dude ...
पढ़ते लिखते दिन और रात
अव्वल आते हर जमात
काश ये होते इतने good
ये कुलदीप ये cool dude ...
संगीत इनका धूम-धड़ाक
बात करते तू-तड़ाक
behavior इनका very crude
ये कुलदीप ये cool dude ...
सुबह से हो जाता शुरू
TV जो इनका है गुरू
मार्गदर्शक इनका hollywood
ये कुलदीप ये cool dude ...
दिल को लगे ठेस सी
देख के इनकी प्रेयसी
लोग कहते हम हैं prude
ये कुलदीप ये cool dude ...
नाम के होते हैं parents
जो pay करते हैं इनके rent
और बदले में चाहे gratitude
ये कुलदीप ये cool dude ...
कपड़े इनके कटे-फ़टे
दुनिया से रहते कटे-कटे
डाल के सर पे अपने hood
ये कुलदीप ये cool dude ...
आने-जाने पे नहीं है रोक
खाने-पीने पे नहीं है रोक
फिर भी मांगे और latitude
ये कुलदीप ये cool dude ...
सेन फ़्रांसिस्को
अक्टूबर 2002
21 वीं सदी
डूबते को तिनका नहीं 'lifeguard' चाहिए 'graduate' को नौकरी ही नहीं एक 'green card' चाहिए खुशियाँ मिलती थी कभी शाबाशी से हर किसी को अब 'monetary reward' चाहिए जो करते थे दावा हमारी हिफ़ाज़त का उन्हें अपनी ही हिफ़ाज़त के लिये 'bodyguard' चाहिए घर बसाना इतना आसान नहीं इन दिनों कलेजा पत्थर का और हाथ में 'credit card' चाहिए 'blog, email' और 'newsgroup' के ज़माने में भुला दिये गये हैं वो जिन्हें सिर्फ़ 'postcard' चाहिए सिएटल, 24 फ़रवरी 2007
Posted by Rahul Upadhyaya at 12:19 PM
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Wednesday, May 7, 2008
गाईड
बनने चला था कवि
मैं 'गाईड' बन गया हूँ
बेसहारा बेबस की
मैं 'राईड' बन गया हूँ
न बुद्धिजीवों में 'हिट' हूँ
न किसी फ़्रेम में मैं 'फ़िट' हूँ
विरोध तो होता है लेकिन
मैं भी बड़ा ढीट हूँ
सास भी जिस से डरे
मैं वो 'ब्राईड' बन गया हूँ
जिस थाली में खाता हूँ
उसी में छेद कर रहा हूँ
सदियों पुरानी मान्यताओं
में हस्तक्षेप कर रहा हूँ
आरोप है कि अंधो के बीच
मैं 'वन-आईड' बन गया हूँ
शब्दों से खेलता हूँ
सब की पोल खोलता हूँ
किसी को नहीं बख्शा है
खुद को भी टटोलता हूँ
समाज की गंदगी का
मैं 'टाईड' बन गया हूँ
पढ़ते हैं वो देशवासी
जो दूर हैं अपने देश से
कभी खुश हैं तो कभी दुखी
अपने कर्म से परिवेश से
उनकी भावनाओं का
मैं 'प्राईड' बन गया हूँ
सिएटल,
7 मई 2008
=========================
गाईड = guide
राईड = ride, lift, a means of or arrangement for transportation by motor vehicle:
हिट = hit
फ़्रेम = frame
फ़िट = fit
ढीट = stubborn
ब्राईड = bride
वन-आईड = one eyed, काना,
बख्शा = spared
टाईड = Tide, a popular laundry detergent
परिवेश = environment
प्राईड = pride
Posted by Rahul Upadhyaya at 9:20 AM
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Labels: CrowdPleaser, hinglish, Why do I write?, world of poetry
Monday, April 21, 2008
सृष्टि का निर्माण
सृष्टि का निर्माण सुनो bug-free नहीं है
तभी तो निर्माता को मिली degree नहीं है
कहीं है समंदर तो कहीं पर है जंगल
कहीं है बरफ़ तो कहीं है मरुस्थल
जहाँ एक भी पेड़ की inventory नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
करता है क्या कुछ पता नहीं है
चाहता है क्या वो भी पता नहीं है
उसके ठौर-ठिकाने की directory नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
कभी सतयुग बनाता है तो कभी कलयुग बनाता
खुद ही बचाता है और खुद ही सताता
consistent performance की history नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
कराता है गड़बड़ और फिर भेजता है अवतार
मानो हो जैसे ये कांग्रेस या बुश की सरकार
जिसमें moral conscious नाम की ministry नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
नये version में बंदर आदमी बन गए हैं
साथ में उल्लू के भी कुछ गुण आ गए हैं
upgrade की progress खास satisfactory नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
आज से दो हज़ार साल पहले उसने भेजा था 'बेटा'
अगली release की प्रतीक्षा में अभी तक ज़माना है बैठा
लगता है subject matter पर उसकी mastery नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
सुना है उसके infinite हैं powers
उसके ही इशारे से खिलते हैं flowers
पर मेरे दर्द की दवा की dispensary नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
जो होना चाहिए था वही तो हो रहा है
जो विधाता ने ठानी थी वही तो हो रहा है
global warming की भी जिम्मेदार industry नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
धरती पर प्रलय तो आएगा एक दिन
सूरज भी भस्म हो जाएगा एक दिन
प्रकाश की ये perpetual battery नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
हम आए कहाँ से हमें जाना कहाँ है?
bug ने भूलाया हमें सब कुछ यहाँ है
सीधी सी बात है कोई mystery नहीं है
सृष्टि का निर्माण …
सिएटल,
21 अप्रैल 2008
============
Glossary:
सृष्टि = nature, world
निर्माण = construction
निर्माता = creator
Bug-free = with no errors
Degree = an honorary recognition of achievement.
मरुस्थल = desert
बेटा = 1. son 2. A beta version is the first version released outside the organization or community that develops the software, for the purpose of evaluation or real-world black/grey-box testing.
Inventory = a catalog
ठौर-ठिकाने = wherabouts
प्रलय = apocalypse, any universal or widespread destruction or disaster
Thursday, March 13, 2008
Blogger ज़फ़र
न किसी की list में favorite हूँ
जो किसी का ध्यान न पा सके
मैं ऐसी chain-mail unread हूँ
न कोई मुझको ping करे
न कोई मुझ से chat करे
दूर दूर मुझ से सब रहे
जैसे मैं virus की threat हूँ
मेरा domain भी मुझसे छीन गया
मेरे ads पर किसी ने न click किया
जो Nigeria से रोज आती है
मैं वो property unclaimed हूँ
कोई blog पढ़ने आए क्यूँ?
कोई comments लिख के जाए क्यूँ?
जो कभी internet से न connect हो
मैं वो एक computer sad हूँ
मेरी emails सारी unread हैं
मेरी posts सारी ignored हैं
जो पैदा होते ही मर गया
मैं ऐसा email thread हूँ
सिएटल,
13 मार्च 2008
(बहादुर शाह ज़फ़र से क्षमा याचना सहित)
[Please, कम से कम आप तो comment देते जाओ! अल्लाह के नाम पर दे दे! भगवान तुम्हे खुश रखे! तुम्हारा DSL connection कभी न टूटे!]
Posted by Rahul Upadhyaya at 3:24 PM
आपका क्या कहना है??
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Wednesday, March 12, 2008
आ लौट के आजा NRI
तुझे रुपये बचाने हैं
तेरी net worth रही है गिर
तुझे रुपये बचाने हैं
दिल्ली नही
हैदराबाद ही सही
कही तो डेरा जमा ले
Wipro नही
Infosys ही सही
कही तो पैसा कमा ले
ये घड़ी न आए फिर
तुझे रुपये बचाने हैं
आ लौट के आजा NRI
एक हाथ से dollar
एक हाथ से रुपया
दोनो हाथों से धन ही बटोरा
आज इस देश में
कल उस देश में
हर जगह है भीख का कटोरा
तेरी इज़्ज़त न जाए गिर
तुझे रुपये बचाने हैं
आ लौट के आजा NRI
सिएटल,
12 मार्च 2008
(भरत व्यास से क्षमा याचना सहित)
Posted by Rahul Upadhyaya at 11:57 AM
आपका क्या कहना है??
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Labels: Anatomy of an NRI, Bharat Vyas, CrowdPleaser, fun, hinglish, nri, parodies, TG
Monday, March 10, 2008
मनाओ होली, मनाओ St Patrick's Day
यहाँ और वहाँ में क्या है फ़र्क?
पेश हैं कुछ ताजा तर्क
वहाँ के लोग बनाए घर
यहाँ के builders बनाए house
वहाँ के बिल पाले चूहें
यहाँ के Bill बेंचे mouse
वहाँ के लोग करे missed call
यहाँ के लोग करे miss call
यहाँ का President अभी तक male
वहाँ की President एक female
यहाँ है plane, वहाँ है रेल
यहाँ है burger, वहाँ है भेल
यहाँ है blow-dry, वहाँ है तेल
वहाँ है ठेला, यहाँ है sale
वहाँ है आंगन, यहाँ है yard
वहाँ है रुपया, यहाँ है card
वहाँ का हीरो, यहाँ है cool
वहाँ की बंकस, यहाँ है bull
यहाँ है Jesus, वहाँ है शंकर
यहाँ है salad, वहाँ है कंकर
यहाँ है दूध, वहाँ है पानी
यहाँ है 'Babe', वहाँ है 'जानी'
यहाँ है pickup, वहाँ है खच्चर
यहाँ है traffic, वहाँ है मच्छर
वहाँ है पैसा, यहाँ हैं cents
यहाँ है dollar, वहाँ हैं saints
यहाँ हैं men, वहाँ हैं gents
वहाँ है साड़ी, यहाँ हैं pants
वहाँ हैं पंखे, यहाँ है heater
यहाँ है मील, वहाँ किलोमीटर
वहाँ है बाल्टी, यहाँ है shower
वहाँ था husband, यहाँ है नौकर
वहाँ है भाई, यहाँ है mob
यहाँ GPS, वहाँ 'भाई साब!'
यहाँ है rest room, वहाँ है खेत
यहाँ है baseball, वहाँ क्रिकेट
वहाँ है bowling, यहाँ है pitching
यहाँ है tanning, वहाँ है bleaching
यहाँ है blond, वहाँ है संता
वहाँ पटाखें, यहाँ है Santa
वहाँ नमस्ते, यहाँ है Hi
यहाँ है Pepsi, वहाँ है चाय
यहाँ का left, वहाँ का right
वहाँ की lift, यहाँ की ride
वहाँ का यार, यहाँ है Dude
वहाँ है cement, यहाँ है wood
यहाँ है dieting, वहाँ है घी
यहाँ है 'Aha', वहाँ है 'जी'
वहाँ का engineer, यहाँ है nerd
यहाँ का yoghurt, वहाँ है curd
यहाँ है donuts, वहाँ श्रीखंड
वहाँ ठंडाई, यहाँ है ठंड
यहाँ weekend, वहाँ है Sunday
वहाँ है होली, यहाँ St Patrick's Day
मनाओ होली, मनाओ St Patrick's Day
मारो home run, मारो छक्के
करो freak out, चक दो फट्टे
यहाँ-वहाँ में फ़र्क तो ढूंढ़ा
हर फ़र्क में विनोद ही ढूंढ़ा
यहाँ है वन, वहाँ है वन,
जहाँ है वन, वहीं heaven
न कोई pass, न कोई fail
जहाँ न अपना, वहीं है jail
बनाए अपने, बड़ाया मेल
उठाए phone, भेजी mail
न कोई गलत, न कोई सही है
खट्टा लगा तो समझा दही है
जीवन जीने की रीत यहीं है
मैं जहाँ हूँ, स्वर्ग वहीं है
सिएटल,
10 मार्च 2008
==============================
Glossary
St. Patrick's Day = March 15, 2008
होली = March 22, 2008
बिल = burrow, house of mice
Bill = a common name in US
Mouse = computer accessory
Missed call = a phone call that just rings to notify that you have been called but does not give you an opportunity to pick it up
भेल = as in Bhel-puri, a common snack/chat item in Mumbai
Blow-dry = drying the hair with a blow-dryer
तेल = oil used in hair
ठेला = a small cart used by street hawkers
Sale = several retail events highlighting deep discounts
Card = credit card
हीरो = As in,"बहुत, हीरो बन रहे हो?"
Cool = As in, "Don't try to be so cool."
बंकस = talking non-sense, in Tapori language - a Mumbai lingo
कंकर = small stone pieces found while eating 'daal' or lentils
पानी = water mixed in milk by the milkman
Pickup = a small truck with a low-sided open body, used for deliveries and light hauling
खच्चर = mule, beast of burden
Traffic = piles of vehicles, a major nuisance during rush hour commute
मच्छर = flies, a major nuisance while sleeping
Men = sign for male urinals in India
Gents = sign for male urinals in India
भाई = as in Munna Bhai, a person running a mafia
Mob = as in Godfather, Goodfellas, Untouchables
GPS = Global Positioning System
भाई साब = as in, "भाई साब, मास्टर दीनानाथ का मकान कहाँ है?"
Rest room = a better name for toilets in US
खेत = open fields, a better place for toilets in India
Blond = as in blond jokes
संता = as in Santa-Banta jokes
पटाखें = fire crackers, a major deal for kids at Diwali
Santa = white bearded burly guy in red suit, a major deal for kids at Christmas
Left = left hand driving
Right = right hand driving
Lift = "Can I give you a lift?"
Ride = "Can I give you a ride?"
श्रीखंड = a sweet dish made with curd (Gujarat, Maharashtra)
ठंडाई = a cool refreshing drink made around Holi
Home run = equivalent of sixer in cricket
छक्के = equivalent of home run in baseball
Freak out = with great enthusiasm
चक दो फ़ट्टे = go all the way
विनोद = humor
वन = forest
मेल = blend, mingle, फ्रेंडशिप
===========================
Here is literal translation for those who need it:
Here, a plane, there, a rail
Here, a burger, there, a Bhel
There, aa.ngan, here a yard
There, rupee, here a card
There a hero, here is cool
Their bankas, here is bull
There paisa, here cents
There sari, here pants
There fan, here heater
Here mile, their kilometer
There bucket, here shower
There husband, here lawn mower
There bhai, here mob
Here GPS, there Bhai Saab
Here bowling, there pitching
Here tanning, their bleaching
Here blond, there Santa
There firecrarckers, here Santa
There Namaste, here Hi
Here Pepsi, there chai
Here left, there right,
There lift, here ride
There Yaar, here Dude
There cement, here wood
Here dieting, there ghee
Here "Aaha," there "Ji"
There engineer, here nerd
There yoghurt, here curd
Here a thief, there a "Chor"
There "Kaam", here a chore
Here a web, there a net
There friend, here a date
Here weekend, there Sunday
There Holi, here St. Patrick's day
Celebrate Holi, celebrate St. Patrick's day
Go all the way, chak de phaTTe
Hit a home run, hit a sixer
Drink some lassi, drink some beer
Posted by Rahul Upadhyaya at 5:11 PM
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Labels: CrowdPleaser, festivals, fun, hinglish, TG
Thursday, March 6, 2008
Mail और Little 'r'
कह कह के सब गए हार
Please, please, use little 'r'
सब ने सब को लेकिन भेजा
भेज भेज के सब खा गए भेजा
हमने तो सोचा था
एक अच्छी सुविधा है मेल
इसकी बदौलत
सब का हो जाएगा मेल
मगर जैसे जैसे
बड़ी मैल की मात्रा
सोचने लगा क्यों है
मैल में 'ऐ' की बड़ी मात्रा?
तब समझ में आया
सारा इसका खेल
मैल नहीं कराती मेल
मैल तो बस भेजती है मैल
Little r, little r लाख दबाया
मगर फ़र्क कुछ भी न पाया
Unix होती तो शायद कुछ होता
Windows में तो mouse ही काम में आया
झट से मैंने delete button दबाया
तब जा के चैन की सांस ले पाया
सिएटल,
6 मार्च 2008
==========================
Glossary
Little 'r' = Reply to sender only
Big 'R' = Reply to all
भेजा = 1. sent 2. brain
मैल = 1. email 2. dirt
मात्रा = 1. quantity 2. vowel sound (short/long)
Posted by Rahul Upadhyaya at 5:11 PM
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Wednesday, February 13, 2008
Irony और विडम्बना
सर में ही रहता है कहीं जाता नहीं है
फिर भी हम क्यूं इसे कहते है भेजा?
सदियों से गंगा-जमुना का काम रहा है बहना
फिर भी हम क्यूं इन्हे कहते हैं मैया?
ज्यादा, और ज्यादा, हम बटोर सके सोना
इसी धुन में हम क्यूं छोड़ देते हैं सोना?
चाची के पति को जब सब कहते हैं चाचा
मामी के पति को जब सब कहते हैं मामा
साली के जो भाई है, वो क्यूं कहलाते हैं साला?
दादा की पत्नी को जब सब कहते हैं दादी
नाना की पत्नी को जब सब कहते है नानी
पापा की पत्नी को फिर क्यूं नहीं कहते हैं पापी?
जिसे उंगली में पहनते है, उसे क्यूं कहते हैं अंगूठी?
जो हाथ में आता नहीं है, उसे क्यूं कहते हैं हाथी?
जिसे पीते नहीं हैं, उसे क्यूं कहते हैं पान?
जिसे जानते नहीं हैं, उसे क्यूं कहते हैं जान?
जब सामने ही रखी है, तो उसे क्यूं कहते हैं मैंथी?
जब वो जलती नहीं है, तो क्यूं बुझती है पहेली?
काले-सफ़ेद को क्यूं नहीं मानते हैं रंग?
जब Screw हो ढीला, तो क्यूं होते हैं तंग?
जो जीत जाता है, वो क्यूं चाहता है हार?
इस तरह के प्रश्न जीवन में मिले बार-बार
इन सवालों को
इन खयालों को
दिए गए हैं जो नाम, irony और विडम्बना
वो भी अपने आप में हैं, irony और विडम्बना
इससे बड़ी irony और क्या होंगी
कि जिस बात पर हमें आए रोना
उसे हम कहते हैं 'आए-रोनी'?
इससे बड़ी विडम्बना और क्या होगी
कि जो बाते हमें लगे dumb
उसे हम कहते हैं we-dumb-naa?
सिएटल,
13 फ़रवरी 2008
Posted by Rahul Upadhyaya at 4:14 PM
आपका क्या कहना है??
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Thursday, February 7, 2008
इंग्लिश हिंदी मिक्स
इंग्लिश हिंदी मिक्स भाषा का
देखो अजब तमाशा
मेरी 'ईनकम'
हमेशा रही कम
बढ़ते गए एक्स्पेंस
बढ़ते रहे aches और pains
रहता था बे-एरिया में
कहलाता था बे-वासी
कोई अचरज़ नहीं जो
मेरी ज़िंदगी भी थी बेवा-सी
कहाँ तो वो ब्रज में भ्रमण करना
और कहाँ 'ब्रिज' पर सुबह शाम सफ़र करना
जब मैं था स्कूल में
एक हादसा वो भी सुनो
नाता पड़ा मेरा एक fraternity से
नाम था उसका 'रो बेटा रो'
पिछली नौकरी में
एक थे मेरे साथी
नाम था उनका रामानुज
पर कहलाते थे राम
एक थे भद्रलोक
जो कहलाते थे रे
जब भी वे दुआ सलाम करते
सुबह शाम जब भी वे मिलते
मुंह से निकलता 'हाय राम' और 'हाय रे'
चक्कर लगाता था मंदिरों के
बचा रहू बुरे दिनों से
मिले एक पुजारी
ग्रीन कार्ड धारी
जो खाना नहीं बनाते
खाते हैं 'बनाना'
मैंने कहा साधो
मुझे आशीर्वाद दो
उन्होने कहा बेटा
मैने तुझे जा 'ब्लेस' किया
हाय रे मेरी किस्मत
उन्होने मुझे 'जाँबलेस' किया
'ए बी सी डी' की सीड़ी पर संस्कृति बन 'कल्चर' गई
नयी पीड़ी जिसे पिज़्ज़ा के साथ कल चर गई
'कल्चर' यूं लगे जैसे 'वल्चर' की बहन
इसमें नहीं मिलती रहन सहन की झलक
ग़म देखा है इन्होने सिर्फ़ 'बबल गम' में
जीवन मरण की नहीं इन्हें भनक
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Glossary:
Fraternity = a local or national organization of male students, primarily for social purposes, usually with secret initiation and rites and a name composed of two or three Greek letters, such as Alpha Sigma Mu. Phi Kappa Delta etc.
'रो बेटा रो'= 1. Rho Beta Rho 2. Cry baby cry
बे-एरिया = San Francisco Bay Area
बे-वासी = 1. bay resident 2. without a residence 3. non-resident.
बेवा-सी = widow like
Monday, January 21, 2008
देश की मिट्टी
देश की मिट्टी, मिट्टी नहीं धूल है
गुल सारे गुल हैं बचे बस शूल हैं
पास होते ही दूर चले जाओ
सीखा रहा हर एक स्कूल है
गांव से शहर, शहर से देश
जो न जा सके वो कहलाता fool है
कल कल करती थी कल गंगा जहाँ
आज वहाँ बहता हुआ cesspool है
दिशाहीन हैं सारे देश के युवा
Dish tv जिन के लिए educational tool है
कुर्सी के ईर्द-गिर्द डोलते नेता
राजनीति के तालाब में तैरते stool हैं
आज़ादी से पहले Divide and rule था
आज़ादी से आज तक कायम dynasty rule है
हर गली गूंचे में कई सारे मंदिर है
पर पर-पैसों की दक्षिणा पर पंडित करता drool है
परिस्थितिया सारी हो रही प्रतिकूल हैं
कुल मिलाकर India का scene नहीं cool है
दिल्ली
19 जनवरी 2008
Posted by Rahul Upadhyaya at 7:51 AM
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Thursday, December 6, 2007
life की file
जब journey complete हो जाती है तब life की file delete हो जाती है धन दौलत इज़्ज़त शोहरत देह काया धन माया मौत के बाद obsolete हो जाती है Dean से पहचान हो पैसों की खान हो नदारद ईमान हो अगर ऐसे इंसान हो तो बिन पढ़े लिखे D. Litt. हो जाती है पापी पेट के मारे मिटे वर्ण-भेद सारे डिग्री मिले नौकरी मिले इसलिए हर जाति दलित हो जाती है अंग्रेज़ी बोलने से संगीत पर डोलने से टी-वी देखने से मन के द्वार खोलने से सुना है संस्कृति deplete हो जाती है सिएटल 6 दिसम्बर 2007
Posted by Rahul Upadhyaya at 10:37 PM
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Labels: hinglish
Friday, November 16, 2007
blog को blog ही रहने दो
हमने देखी हैं
इन blogs की टपकती लारें
भूल से भी इन्हें
comments का इनाम न दो
सिर्फ़ बकवास हैं ये
दूर से ignore करो
blog को blog ही रहने दो
कोई नाम न दो
हमने देखी हैं …
blog कोई wiki नहीं
blog website नहीं
एक email है
आए दिन post हुआ करती है
न कोई लिखता है
न कोई पढ़ता है
न पढ़ी जाती है
एक chain mail है
जो forward हुआ करती है
सिर्फ़ बकवास हैं ये
दूर से ignore करो
blog को blog ही रहने दो
कोई नाम न दो
हमने देखी हैं …
sinister से remarks
छुपे रहते हैं
smileys में कहीं
spelling mistakes से
भरे रहते हैं
sentences कई
बात कुछ कहते नहीं
काम की या कमाल की मगर
journalism की डींग भरा करते हैं
सिर्फ़ बकवास हैं ये
दूर से ignore करो
blog को blog ही रहने दो
कोई नाम न दो
हमने देखी हैं …
(गुलज़ार से क्षमायाचना सहित। फ़िल्म 'खामोशी' के लिए लिखे इस गीत को >यहाँ देखे)
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इतना सब कहने के बाद आप मेरे blog पर comments जरूर लिखे :)
Posted by Rahul Upadhyaya at 1:16 PM
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Wednesday, November 14, 2007
प्रेम कहानी
एक था हीरो
एक थी हिरोईन
हीरो को था
हिरोईन से प्यार
हिरोईन को था
हीरों से प्यार
हीरो था गबरु जवान
बजाते ही उसके सीटी बस
रुक जाती थी चलती 'सिटी बस'
हिरोईन थी गज़ब की सुन्दर
निकलती थी जब घर से बाहर
होश खो देती थी सारी 'सिटी' बस
एक था हीरो
एक थी हिरोईन
हीरो को था
हिरोईन से प्यार
हिरोईन को था
हीरों से प्यार
प्यार का मारा होता है 'फ़ूल'
रोज देता था उसे दर्जनो फूल
पढ़ना लिखना छोड़
'क्लाँस' करता था गुल
काँलेज में इस तरह
खिलाता था गुल
एक था हीरो
एक थी हिरोईन
हीरो को था
हिरोईन से प्यार
हिरोईन को था
सिर्फ़ हीरों से प्यार
उसे मंजूर नहीं था
हीरो की चार पाई की
कमाई से खरीदी
चारपाई पर चैन से सोना
उसे चाहिए थी चैन
जिस में हो दस तोला सोना
दे न सका
हीरों का हार
इस तरह हुई
इस हीरो की हार
एक था हीरो
एक थी हिरोईन
हीरो को था
हिरोईन से प्यार
हिरोईन को था
सिर्फ़ हीरों से प्यार
हीरो हुआ बड़ा निराश
और बन गया देवदास
एक दिन जो गया एक 'बार'
जाने लगा बार बार
प्रेम प्यार के किस्से
कहता भी तो किससे?
उसके मन की वेदना
समझ सका कोई वेद ना
नैन से आंसू बरस गए
और गुज़र दो बरस गए
बाप ने पूछा
तू इतना क्यूं पीता है?
मुझे तो बता
आखिर मैं तेरा पिता हूं
इश्क में लाचार हूं
इसलिए पीता हूं
धिक्कार है मुझे
कि मैं हार के भी जीता हूं
एक था हीरो
एक थी हिरोईन
हिरोईन को था
सिर्फ़ हीरों से प्यार
हीरो को हुआ
'हेरोईन' से प्यार
Posted by Rahul Upadhyaya at 11:34 AM
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