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Friday, July 31, 2020

जो ऊपर छाया है

जो ऊपर छाया है

वो छाया नहीं 

और जो नीचे है

वह परछाई है

पर छाई नहीं 


ऐसी कई बातें हैं

जो मुझे 

कभी समझ आईं नहीं 


जिसका सब अंदर है 

वह समंदर क्यूँ है?

जो मन से दूर नहीं 

वह मन्दिर में क्यूँ है?


क्या 

पश्चाताप के

पश्चात आप

पश्चाताप 

नहीं कर सकते?


जब किसी नर्तकी से कहूँ

नाच ना 

और नाच-ना-जाने-आँगन-टेढ़ा से कहूँ

नाच ना

तो एक ही वाक्य के 

भिन्न मतलब क्यों निकलते हैं?


जब कान खड़े हो सकते हैं

तो ये बैठते-सोते कब हैं?


दिल कहीं

और दिल की गति

नापी कहीं जाती है

इस दीवाने को

यह दीवानगी 

समझ नहीं आती है


मेरा जन्मदिन 

हर सातवें दिन आता है

तो फिर साल में एक दिन ही

क्यों मनाया जाता है?


जो पहले आती है

वो छोटी कैसे?

और बाद वाली

बड़ी क्यों?

मातृभाषा का मात्रा के साथ

यह खिलवाड़ समझ नहीं आता है


आज़ादी के सब आज आदी नहीं

सम्बन्धों में सम नहीं 

सब क्यों बन्ध जाते हैं?


राहुल उपाध्याय । 31 जुलाई 2020 । सिएटल


Tuesday, July 7, 2020

सात बटा बाईस

मैंने तुम्हें सात बटा बाईस में ही रोक दिया था 
और कहा था कि 
मुझे भेदभाव पसंद नहीं है 
इसलिए मैं टीवी नहीं ले सकता
और वे रंगहीन तो कभी बनाएँगे नहीं 

तुम इतनी आहत हुई 
और मुझे निन्यानवें हज़ार नौ सौ नब्बे 
ढूँढने पर भी सेकण्ड ऐड का डब्बा नहीं मिला 

अब तुम सोच रही हो कि तुम मुझसे संबंध रखो या नहीं 

सोचो 
लेकिन ये मत सोचो कि 
सात लोग क्या कहेंगे 
और यह भी मत सोचो 
कि तुम्हारा पम्प क्या चाहता है 

तुम वही करो 
जो तुम्हें ठीक लगे 

मैं मानता हूँ कि 
मैं गरीबी की रेखा से ऊपर नहीं हूँ 
लेकिन ऐफिडेविट पर लिख कर देता हूँ कि 
हम घी नहीं तो मक्खन के साथ 
इज्जत की ब्रेड 
तो कभी मसाला डोसा या गुलाब जामुन खा लेंगे 
धोखा कभी नहीं खिलाऊँगा 
ज़िन्दगी के बीस हज़ार दिन
हँसते-गाते-खाते-पीते-सोते-जागते-नहाते-धोते-सामान ख़रीदते 
गुज़ार लेंगे

ऐसी नौबत भी नहीं आने दूँगा 
कि तुम्हें मेरी ग़लतियों पर
कोई मोटा भारी कपड़ा डालना पड़े
या अपने पम्प पर तुम्हें पाषाण रखना पड़े 

राहुल उपाध्याय । 7 जुलाई 2020 । सिएटल
--
Best Regards,
Rahul
425-445-0827

Sunday, November 17, 2013

कह दो कि तुम हो मेरी वरना

कह दो कि तुम हो मेरी वरना
पापा खा जाएंगे मुझको कच्चा
कहते हैं क्रिश्चियन से ही शादी करना
ताकि पोता न हो इंग्लिश में कच्चा

देखो कभी न ऐसा करना
मैं हूँ मीरा, मीरा ही कहना
बच्चे के नाम से सांस है फूलती
न बाबा न पेट फूलाना

जितना मैं चाहूँ क्या तुम चाहती नहीं हो?
मीरा हो, मेरी बनो, क्यूँ ज़िद पे अड़ी हो?
बच्चे के नाम पे क्यूँ है लड़ना?
रख लेना जो भी नाम रखना

देखो मसखरी न मुझसे करना
मैं हूँ सीरियस ये ध्यान रखना

जो शख़्स पापा से डरता इतना
उससे न प्यार मुझको करना
इससे तो अच्छा मुझको भजना
मेरा तो गिरिधर मेरा तो किसना

अच्छा चलो मीरा, तुम मीरा ही रहना
पर एक वादा तुमको मुझसे है करना
तुम मेरी हो
मेरे सिवा किसी की नहीं
खाती हो क़सम?

(जावेद अख़्तर और हसरत जयपुरी से क्षमायाचना सहित)
17 नवम्बर 2013
सिएटल । 513-341-6798

Sunday, September 8, 2013

सुबह और शाम काम ही काम

सुबह और शाम
काम ही काम
क्यों नहीं लेते पिया
काम का नाम?

काम के लिए तो
मैं सदा हूँ तत्पर
पर गीता ने
कुछ कहा है प्रियवर
काम ही करेगा मेरा
काम तमाम
इसलिए नहीं लेता
काम का नाम

अरे!
वेक्यूम मारो, कपड़े धोओ
घास छीलो, बर्तन मांजो
काम के अलावा भी
कुछ होते हैं काम
क्यों नहीं लेते पिया
उनका नाम?

काम करके कोई
कहाँ बना है अफ़सर
काम करने वाले
रहें कर्मचारी अक्सर
काम जो न करे उसका मनमोहन है नाम
इसलिए नहीं करता मैं काम तमाम

(एम. जी. हशमत से क्षमायाचना सहित)
8 सितम्बर 2013
सिएटल । 513-341-6798

Thursday, June 2, 2011

नामों का सच

नाम हिलेरी, न तनिक हिले री
नाम अगाथा, लिखे गाथा पे गाथा
इन सबको देख के घूमा है माथा

कब, कहाँ कोई क्या कर जाए?
नाम के विपरीत रास रच जाए

नागपुर में नाग बसते नहीं हैं
कानपुर में कान पकते नहीं हैं

पटना में लड़की पटती नहीं है
विदिशा में दिशा मिलती नहीं है

संतरों को खा के संत रोते नहीं है
मंजु के सर में मन जू नहीं है

बाईट की दुनिया बा-ईंट नहीं है
मौसीकी से मौसी का रिश्ता नहीं है

चार पाई में मिलती चारपाई नहीं है
सैलाना निवासी सैलानी नहीं है

रसगुल्लों से यारो रस गुल नहीं है
और गुलाब-जामुन जो है वो फल-फूल नहीं हैं

जब से पता चला नामों का सच ये
रहता हूँ शीला-सुशीला से बच के
जाता नहीं जहाँ होती हो पूजा
रुकता नहीं जहाँ दिखती है श्रद्धा
सत्यम का काम ठुकराता सविनय हूँ
नामों को ठोक-पीट के ही उठाता कदम हूँ

सिएटल
2 जून 2011
513-341-6798
============
मौसीकी=music
सैलानी=tourist

Monday, May 24, 2010

बड़ी बहन

बड़ी बहन जब बढ़ी हो रही थी
माँ को चिंता बड़ी हो रही थी
जब जो चाहे खा ले पी ले
कैसे होगे हाथ इसके पीले?
एक समय थी फूल सी काया
अब खा-खा के फूल रही है!


एक मिली ताई आतातायी
बोली बंद करो दुध-मलाई
सूखी रोटी में सुख है भाई
माँ को बात तुरंत ये भाई


लड़्डू-पेड़ा हलवा-पूड़ी
सब के सब तालों में पड़े थे
जैसे घुन के साथ गेंहू पीसा है
वैसे ही बहन के साथ हम भी पीसे थे


हमने भी एक तरकीब लगाई
एक बढ़ई से दोस्ती बढ़ा कर
बिन ताला तोड़े अलमारी खुलाई
और बड़े शौक से बेढ़ई खाई


जब माँ ने देखा कि बच्चे शैतान हैं निकले
तो तुरत-फ़ुरत फिर एक इश्तेहार निकाला
मिले वर जो हो बी-ए-सी-ए
हो मैनेजर, न हो सुंदर पी-ए
न दारू पीए, न दारू पिलाए
सारी तनख़्वाह घर पे लाए


दूर देस से एक आया पी-के
कहने लगा नहीं आया पी के
वो तो मेरा बस नाम है पी-के
और लगा बखारने जी-के


और मस्का तो वो ऐसा मारे
कि सुबह-शाम लगे पाँव सासू-जी के


कहने लगा मैं इसे खुश रखूँगा
जो ये कहेगी मैं वहीं करूँगा
कसम खाता हूँ रोए-रोए की मैं
विदा के बाद न कभी रोएगी ये


बड़ी लगन से हमने लगन कराए
शादी में खूब पकवान पकाए


दूल्हा-दुल्हन खूब मगन थे
खा-खा के हुए दुगने बदन थे


तब पोल खुल के सामने आई
कि दोनो को प्रिय है बहुत मिठाई


जैसे मिटी मेरी माँ की उलझन
हे ईश्वर मिटे हम सब की उलझन
जैसी दुल्हन वैसा दुल्हा,
मिले सब को हे दु:ख-भंजन


सिएटल । 425-445-0827
24 मई 2010
=======================================
बी-ए-सी-ए = BA/CA
पी-ए = PA or Personal Assistant
पी-के = P.K.
जी-के = GK or General Knowledge

Sunday, August 30, 2009

मेरी ये बोली

आभा है मेरी
मेरी ये बोली
पल-पल हँसाए मुझे
कर के ठिठोली

भगवा जो पहने
भगवान चाहे
अपना जो समझे
अपनाना चाहे

वे जनती हैं बच्चे
जनाना कहलाए
वे बहते हैं टप-टप,
बहाना कहलाए

पी ली जो बोतल
खाली कहे सब
खा ली जो रोटी
पीली बने सब

मेरी मिली और
मेरी ये बोली
प्रिये है प्रिय मुझे
तेरी ये बोली

प्यारी ये भाषा
है कितनी भोली
जो हुई नहीं
उसे कहती है होली

जब भाषा में हो
गूढ़ गुण इतने सारे
क्यूँ न लगे जग में
'जय हो' के नारे

सिएटल 425-898-9325
30 अगस्त 2009

Monday, July 14, 2008

चना, चना, चना, चना

चना, चना, चना, चना
जिधर देखो उधर चना

करने लगा विवेचना
तो पाया कि चना है सर्वव्यापी
और मुश्किल है इससे बचना

मान लीजिए
आप गाना सुन रहे हैं
तो गाना गा रही हैं सुलोचना
आप पूजा कर रहे हैं
तो संतोषी माँ को चढ़ा रहे हैं गुड़-चना
आप शाकाहारी हैं
तो सेहत के लिए खा रहे हैं आलू-चना
आप पैसा कमा रहे हैं
तो सोच रहे होंगे कि कैसे उसे कम खर्चना?
मानसून हुआ मेहरबान
तो मग्गों से एक एक कर के पानी उलीचना
किसी से नाराज़गी हो
तो गुस्से में दांत भींचना
और लड़ाई झगड़ा हो
तो हाथापाई में मुंह नोचना


आप कवि है तो आप का काम होगा
रोज लिखना नई नई रचना
दु:ख-दर्द-आंसू से उसे सींचना
माईक मिलते ही माईक दबोचना
माईक पर घंटों तक उसे बांचना
किताब में छपाकर उसे बेचना
समीक्षकों के आगे पीछे नाचना
प्रकाशकों से अपना पारिश्रमिक खींचना
दू्सरे कवियों की हमेशा करना आलोचना

इस रचना में शामिल है
दुनिया का एक एक चना
लेकिन ये भी हो सकता है कि
मैंने बस शुरु किया हो
सतह को खरोंचना
अगर कुछ छूट गए हो
तो जल्दी मुझे दे सूचना

(एक को तो छोड़ दिया है जान-बूझ कर
देखें कौन बताता है उसे सबसे पहले बूझ कर)

सिएटल,
14 जुलाई 2008

Wednesday, July 2, 2008

हाय और बाय

जब जब उससे मैं मिलता था
फूलों की तरह मैं खिलता था
मन से मन की बात होती थी
दिल को मेरे सूकूं मिलता था

फिर मेल-जोल सब छुट गया
मैं काम-काज में जुट गया

मैं हूँ यहाँ और वो है वहाँ
मिलते-जुलते हम कैसे कहाँ?

इंटरनेट मिली कमाल की चीज
इसने बोए फिर से प्रेम के बीज

मेसेंजर का जब मिला सहारा
बिछड़े हुए मिल गए दोबारा

मैसेंजर पर छाई अंग्रेज़ी मैया
और हम ठहरे हिंदी भाषी भैया
खूब नाच नचाया इसने
खूब नाचे हम ता-ता-थैया

मैं लिखूँ कुछ, वो कुछ और पढ़े
लफ़ड़े हुए फिर बड़े-बड़े

मैं हर्ष लिखूँ तो वो हार्श समझे
दम लिखूँ तो डैम
चित लिखूँ तो चिट समझे
हित लिखूँ तो हिट

वन लिखूँ तो वैन समझे
मन लिखूँ तो मैन
पंत लिखूँ तो पैंट समझे
बंद लिखूँ तो बैंड

लग लिखूँ तो लैग समझे
हम लिखूँ तो हैम
तुने लिखूँ तो ट्यून समझे
सुन लिखूँ तो सन

लब लिखूँ तो लैब समझे
मद लिखूँ तो मैड
हद लिखूँ तो हैड समझे
पद लिखूँ तो पैड

लोग लिखूँ तो लॉग समझे
जोग लिखूँ तो जॉग
पर लिखूँ तो पार समझे
पैर लिखूँ तो पेयर

खूब नाच नचाया इसने
खूब नाचे हम ता-ता-थैया
जैसे ही यूनिकोड हाथ में आया
छोड़-छाड़ कर हम भागे भैया

जान छुटी और लाखों पाए
रोमन छोड़ देवनागरी पे आए

दिनकर-निराला को याद किया
घंटो तक हमारी बात हुई
दिल से दिल तक बात पहुँची
शेरो-शायरी की बरसात हुई

अंग्रेज़ी के सारे जुमले छोड़ दिए
और हिंदी के मुहावरे जोड़ लिए

जब लिखना होता है - टॉक टू यू लेटर
मैं लिख देता हूँ - शेष फिर
जब लिखना होता है - बी राईट बैक
मैं लिख देता हूँ - एक मिनट

लेकिन पूरी बात यहाँ कौन लिखता है
जिसे देखो वो शार्ट-फ़ॉर्म लिखता हैं

जब लिखना होता है - टी-टी-वाय-एल
मैं लिख देता हूँ - शे-फि
जब लिखना होता है - बी-आर-बी
मैं लिख देता हूँ - ए-मि

पर एक समस्या विकट खड़ी है
जिस पर मुझे शर्म बड़ी है
मिलते वक़्त वो लिखे हाय
और जाते वक़्त वो लिखे बाय
क्या जवाब दू और क्या लिखूँ
सोच सोच न मिले उपाय

नमस्ते नमस्कार ठीक नहीं है
इनमें प्रेम-प्यार की छाप नहीं है
राम-राम का रिवाज नहीं है
और ख़ुदा-हाफ़िज़ का तो सवाल ही नहीं है

पत्र होता तो 'प्रिय', और 'तुम्हारा'
इन दोनों से चल जाता गुज़ारा

सोच सोच कर मैं हार गया
और अखिरकार मैंने मान लिया
कि हाय और बाय का विकल्प नहीं है
ये पूर्ण सत्य है कोई गल्प नहीं है

अगर आप जानते हैं तो सामने आए
टिप्पणी लिख कर मुझे बताए

सिएटल,
2 जुलाई 2008
============================
हाय = hi
बाय = bye
सूकूं = शांति
मेसेंजर = Instant Messenger
हार्श = harsh
डैम = dam
चिट = chit
हिट = hit
वैन = van
मैन = man
पैंट = pant
बैंड = band
लैग = lag
हैम =ham
ट्यून = tune
सन = sun
लैब = lab
मैड = mad
हैड = had
पैड = pad
लॉग = log
जॉग = jog
पार = par
पेयर = pair
टॉक टू यू लेटर = talk to you later
बी राईट बैक = be right back
टी-टी-वाय-एल = ttyl
बी-आर-बी = brb
विकल्प = alternative
गल्प = story
ई-मेल = email

Wednesday, June 25, 2008

पंचलाईन #2

जिस पर हाथ रखा जाता है उसे गीता कहते हैं
जिस पर दिल आ जाता है उसे प्यारी कहते हैं
जिस पर पाँव पड़ जाता है उसे सॉरी कहते हैं (12)

जो दांत दिखाता है उसे हंसमुख कहते हैं
जो दांत निकालता है उसे डेन्टिस्ट कहते हैं
जो दम निकाल देता है उसे दमा कहते हैं (13)

जो साल भर पढ़ता है उसे मग्गू कहते हैं
जो रात भर पढ़ता है उसे उल्लू कहते हैं
जो गाल पर पड़ता है उसे डिम्पल कहते हैं (14)

जो दुध देती है उसे दुधारी कहते हैं
जो दुध पिलाती है उसे महतारी कहते हैं
जो दुध में पानी मिलाती है उसे मदर डेरी कहते हैं (15)

जब उनका दिल कहता है तो दिला मुझे कहते हैं
जब मेरा मन कहता है तो मना मुझे कहते हैं
जो हम दोनों करते हैं उसे तक़रार कहते हैं (16)

जो हर वक़्त हिलते हैं उन्हें चंचल कहते हैं
जो पोखर में खिलते हैं उन्हें कमल कहते हैं
जो होटल में मिलते हैं उन्हे 'कपल' कहते हैं (17)

जो ज़मीन पर चलती है उसे गाड़ी कहते हैं
जो पानी पर चलती है उसे कश्ती कहते हैं
जिसकी हर जगह चलती है उसे पत्नी कहते हैं (18)

जो जज पहनते हैं उसे विग कहते हैं
जो रानी पहनती है उसे मुकुट कहते हैं
जो बकरे पहनते हैं उसे सेहरा कहते हैं (19)

जो हवा में उड़े उसे पतंग कहते हैं
जो सब से लड़े उसे दबंग कहते हैं
जो तुम्हारी याद दिलाए उसे पलंग कहते हैं (20)

सिएटल,
25 जून 2008
पंचलाईन #1 यहाँ है।

Friday, June 13, 2008

खाली-पीली

मीठे रस वाली
अंगूर की डाली
बड़े जतन से
बोतल में डाली

आधी पी ली
आधी खाली
जितनी पी ली
उतनी खाली

मैंने तो बस पी थी खाली
बाकी की ये किसने खा ली?

ये कहाँ की मुसीबत मैंने पाली
क्या कहा?
नहीं नहीं
मैं हिंदी भाषी हूँ, न मैं नेपाली

भाषा की पोल
देते हैं हम खोल
समझ ना इसे
उड़ाना मखौल

सेन फ़्रांसिस्को,
2001

Tuesday, June 10, 2008

पंचलाईन


जो राज करता है उसे राजा कहते हैं
जो राज करती है उसे रानी कहते हैं
जो नाराज करती है उसे नारी कहते हैं

जो तुरंत समझ में आ जाए उसे चुटकला कहते हैं
जो कल समझ में आएगी उसे कला कहते हैं
जो कभी समझ न आए उसे कविता कहते हैं

गज़ल के पहले शेर को मतला कहते हैं
गज़ल के आखरी शेर को मक़ता कहते हैं
जो गज़ेल को खा जाता है उसे शेर कहते हैं

जो वर्ष में एक बार होती है उसे वार्षिक कहते हैं
जो महीने में एक बार होती है उसे मासिक कहते हैं
जो सिएटल में बार बार होती है उसे वर्षा कहते है

जो देस में रहता है उसे देसी कहते हैं
जो विदेश में रहता है उसे विदेशी कहते हैं
जो ख़ुद में रहता है उसे ख़ुदा कहते हैं

जो भीख मांगता है उसे भिखारी कहते हैं
जो पूजा करता है उसे पुजारी कहते हैं
जो बीमा करता है उसे बीमारी कहते हैं

जो रंग जाता है उसे रंगा कहते हैं
जो टंग जाता है उसे टंगा कहते हैं
जो हमें दंग कर दे उसे दंगा कहते हैं

जिसके पंख होते हैं उसे पंखा कहते हैं
जिसमें गंद होती है उसे गंदा कहते हैं
जिसे चंद लोग देते हैं उसे चंदा कहते हैं

जो भाग जाता है उसे भागा कहते हैं
जो जाग जाता है उसे जागा कहते हैं
जो सब की दाद पाता है उसे दादा कहते हैं

जो खुल जाता है उसे खुला कहते हैं
जो बंध जाता है उसे बंधा कहते हैं
जिसका दिमाग बंद हो जाता है उसे बंदा कहते हैं

फल पेड़ पर फलते हैं
मुर्दें चिता पर जलते हैं
जो चिंता से परे हैं उनसे सब जलते हैं

सिएटल,
10 जून 2008
=================================
गज़ेल = gazelle

Monday, May 12, 2008

ये कुलदीप ये cool dude

ये कुलदीप ये cool dude
कमाल का इनका attitude

गुलाब जामुन और चाँकलेट
आलू पराठा और ऑमलेट
ये है इनके pet food
ये कुलदीप ये cool dude ...

पढ़ते लिखते दिन और रात
अव्वल आते हर जमात
काश ये होते इतने good
ये कुलदीप ये cool dude ...

संगीत इनका धूम-धड़ाक
बात करते तू-तड़ाक
behavior इनका very crude
ये कुलदीप ये cool dude ...

सुबह से हो जाता शुरू
TV जो इनका है गुरू
मार्गदर्शक इनका hollywood
ये कुलदीप ये cool dude ...

दिल को लगे ठेस सी
देख के इनकी प्रेयसी
लोग कहते हम हैं prude
ये कुलदीप ये cool dude ...

नाम के होते हैं parents
जो pay करते हैं इनके rent
और बदले में चाहे gratitude
ये कुलदीप ये cool dude ...

कपड़े इनके कटे-फ़टे
दुनिया से रहते कटे-कटे
डाल के सर पे अपने hood
ये कुलदीप ये cool dude ...

आने-जाने पे नहीं है रोक
खाने-पीने पे नहीं है रोक
फिर भी मांगे और latitude
ये कुलदीप ये cool dude ...

सेन फ़्रांसिस्को
अक्टूबर 2002

Wednesday, March 19, 2008

मात्र मात्रा का अंतर

गरिमा

कुछ लोग हमारे देश में
कहते हैं आवेश में
कि अंग्रेज़ी ही बेस्ट है
हिंदी नही श्रेष्ठ है

करते वो बड़ी एक भूल है
जो समझ बैठे इसे मात्र भाषा
भूल गए कि हिंदी ही है एकमात्र भाषा
जिसे करोड़ों कहते हैं अपनी मातृभाषा

इसमें शक्ति है और ओज है
घर घर में बोली जाती रोज है
दीवाली की पावन ज्योत है
होली के रंगो से ओत-प्रोत है

इसमें फ़िल्में भी है और शोध भी
इसमें गरिमा भी है और विनोद भी

विनोद

गीता पर मैंने हाथ रखा
गीता के बाप ने धर दिया

श्रद्धा के साथ मंदिर गया
श्रद्धा के भाई ने पीट दिया

चोटी को जब मैं छूने लगा
जोर से एक थप्पड़ पड़ा

आशा की मैंने जब बात की
पत्नी ने दो दिन तक न बात की

कई बार कवि सम्मेलनों में
कविता सुनते सुनते मैं सो जाता हूँ
कभी कविता के साथ अगर मैं सो गया
तो पत्नी मेरा क्या हाल करेगी
ये सोच के ही मैं डर जाता हूँ

इन पंक्तियों में आप स्वयं मात्रा बदले और मन ही मन आनंद ले

होली की रात होली पर एक कविता पढ़ी थी
दूसरे दिन सुबह देखा तो वहाँ राख पड़ी थी

होली का माहौल था
सारे बदन पर गुलाल थी
बहुत धोई, बहुत धोई
पर अगले दिन तक गुलाल थी

सिएटल,
19 मार्च 2008
होली है भई होली है, बुरा न मानो होली है
===================================
Glossary:
मात्र = merely
मात्रा = 1. short and long variety of vowel/swar 2. quantity
आवेश = passion
एकमात्र = the only
मातृभाषा = mother tongue
शक्ति = power
ओज = lustre
ज्योत = flame
ओत-प्रोत = full to the brim
शोध = research
गरिमा = dignity
विनोद = humor
धर = planted (as in a slap)
चोटी = 1. peak 2. pony tail
पढ़ी = read
पड़ी = kept
माहौल = atmosphere

Thursday, March 13, 2008

Blogger ज़फ़र

न किसी के blog पर linked हूँ
न किसी की list में favorite हूँ
जो किसी का ध्यान न पा सके
मैं ऐसी chain-mail unread हूँ

न कोई मुझको ping करे
न कोई मुझ से chat करे
दूर दूर मुझ से सब रहे
जैसे मैं virus की threat हूँ

मेरा domain भी मुझसे छीन गया
मेरे ads पर किसी ने न click किया
जो Nigeria से रोज आती है
मैं वो property unclaimed हूँ

कोई blog पढ़ने आए क्यूँ?
कोई comments लिख के जाए क्यूँ?
जो कभी internet से न connect हो
मैं वो एक computer sad हूँ

मेरी emails सारी unread हैं
मेरी posts सारी ignored हैं
जो पैदा होते ही मर गया
मैं ऐसा email thread हूँ

सिएटल,
13 मार्च 2008
(बहादुर शाह ज़फ़र से क्षमा याचना सहित)
[Please, कम से कम आप तो comment देते जाओ! अल्लाह के नाम पर दे दे! भगवान तुम्हे खुश रखे! तुम्हारा DSL connection कभी न टूटे!]

मिलते ही dollar दिल हुआ दीवाना US का

मिलते ही dollar दिल हुआ दीवाना US का
dollar जोड़ना बन गया तराना ज़िंदगी का

पूछो ना दौलत का असर, हाय न पूछो, हाय ना पूछो - 2
मौका मिलते ही हो गया, citizen US का
dollar जोड़ना बन गया तराना ज़िंदगी का
मिलते ही dollar दिल हुआ दीवाना US का

दस्तें ही न लग जाए कहीं, पीते ही पानी, पीते ही पानी -2
घर का पानी पी सके ना, दुर्भाग्य ये उस का
dollar जोड़ना बन गया तराना ज़िंदगी का
मिलते ही dollar दिल हुआ दीवाना US का

सिएटल,
13 मार्च 2008
(शकील बदायुनी से क्षमा याचना सहित)

Wednesday, March 12, 2008

आ लौट के आजा NRI

आ लौट के आजा NRI
तुझे रुपये बचाने हैं
तेरी net worth रही है गिर
तुझे रुपये बचाने हैं

दिल्ली नही
हैदराबाद ही सही
कही तो डेरा जमा ले
Wipro नही
Infosys ही सही
कही तो पैसा कमा ले
ये घड़ी न आए फिर
तुझे रुपये बचाने हैं
आ लौट के आजा NRI

एक हाथ से dollar
एक हाथ से रुपया

दोनो हाथों से धन ही बटोरा
आज इस देश में
कल उस देश में
हर जगह है भीख का कटोरा
तेरी इज़्ज़त न जाए गिर
तुझे रुपये बचाने हैं
आ लौट के आजा NRI

सिएटल,
12 मार्च 2008
(भरत व्यास से क्षमा याचना सहित)

Monday, March 10, 2008

मनाओ होली, मनाओ St Patrick's Day

यहाँ और वहाँ में क्या है फ़र्क?
पेश हैं कुछ ताजा तर्क

वहाँ के लोग बनाए घर
यहाँ के builders बनाए house
वहाँ के बिल पाले चूहें
यहाँ के Bill बेंचे mouse

वहाँ के लोग करे missed call
यहाँ के लोग करे miss call

यहाँ का President अभी तक male
वहाँ की President एक female


यहाँ है plane, वहाँ है रेल
यहाँ है burger, वहाँ है भेल

यहाँ है blow-dry, वहाँ है तेल
वहाँ है ठेला, यहाँ है sale

वहाँ है आंगन, यहाँ है yard
वहाँ है रुपया, यहाँ है card

वहाँ का हीरो, यहाँ है cool
वहाँ की बंकस, यहाँ है bull

यहाँ है Jesus, वहाँ है शंकर
यहाँ है salad, वहाँ है कंकर

यहाँ है दूध, वहाँ है पानी
यहाँ है 'Babe', वहाँ है 'जानी'


यहाँ है pickup, वहाँ है खच्चर
यहाँ है traffic, वहाँ है मच्छर

वहाँ है पैसा, यहाँ हैं cents
यहाँ है dollar, वहाँ हैं saints

यहाँ हैं men, वहाँ हैं gents
वहाँ है साड़ी, यहाँ हैं pants

वहाँ हैं पंखे, यहाँ है heater
यहाँ है मील, वहाँ किलोमीटर

वहाँ है बाल्टी, यहाँ है shower
वहाँ था husband, यहाँ है नौकर

वहाँ है भाई, यहाँ है mob
यहाँ GPS, वहाँ 'भाई साब!'

यहाँ है rest room, वहाँ है खेत
यहाँ है baseball, वहाँ क्रिकेट

वहाँ है bowling, यहाँ है pitching
यहाँ है tanning, वहाँ है bleaching

यहाँ है blond, वहाँ है संता
वहाँ पटाखें, यहाँ है Santa

वहाँ नमस्ते, यहाँ है Hi
यहाँ है Pepsi, वहाँ है चाय

यहाँ का left, वहाँ का right
वहाँ की lift, यहाँ की ride

वहाँ का यार, यहाँ है Dude
वहाँ है cement, यहाँ है wood


यहाँ है dieting, वहाँ है घी
यहाँ है 'Aha', वहाँ है 'जी'

वहाँ का engineer, यहाँ है nerd
यहाँ का yoghurt, वहाँ है curd

यहाँ है donuts, वहाँ श्रीखंड
वहाँ ठंडाई, यहाँ है ठंड

यहाँ weekend, वहाँ है Sunday
वहाँ है होली, यहाँ St Patrick's Day

मनाओ होली, मनाओ St Patrick's Day
मारो home run, मारो छक्के
करो freak out, चक दो फट्टे

यहाँ-वहाँ में फ़र्क तो ढूंढ़ा
हर फ़र्क में विनोद ही ढूंढ़ा

यहाँ है वन, वहाँ है वन,
जहाँ है वन, वहीं heaven

न कोई pass, न कोई fail
जहाँ न अपना, वहीं है jail
बनाए अपने, बड़ाया मेल
उठाए phone, भेजी mail

न कोई गलत, न कोई सही है
खट्टा लगा तो समझा दही है
जीवन जीने की रीत यहीं है
मैं जहाँ हूँ, स्वर्ग वहीं है


सिएटल,
10 मार्च 2008

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Glossary
St. Patrick's Day = March 15, 2008
होली = March 22, 2008
बिल = burrow, house of mice
Bill = a common name in US
Mouse = computer accessory
Missed call = a phone call that just rings to notify that you have been called but does not give you an opportunity to pick it up
भेल = as in Bhel-puri, a common snack/chat item in Mumbai
Blow-dry = drying the hair with a blow-dryer
तेल = oil used in hair
ठेला = a small cart used by street hawkers
Sale = several retail events highlighting deep discounts
Card = credit card
हीरो = As in,"बहुत, हीरो बन रहे हो?"
Cool = As in, "Don't try to be so cool."

बंकस = talking non-sense, in Tapori language - a Mumbai lingo
कंकर = small stone pieces found while eating 'daal' or lentils
पानी = water mixed in milk by the milkman
Pickup = a small truck with a low-sided open body, used for deliveries and light hauling
खच्चर = mule, beast of burden
Traffic = piles of vehicles, a major nuisance during rush hour commute
मच्छर = flies, a major nuisance while sleeping
Men = sign for male urinals in India
Gents = sign for male urinals in India
भाई = as in Munna Bhai, a person running a mafia
Mob = as in Godfather, Goodfellas, Untouchables
GPS = Global Positioning System
भाई साब = as in, "भाई साब, मास्टर दीनानाथ का मकान कहाँ है?"

Rest room = a better name for toilets in US
खेत = open fields, a better place for toilets in India
Blond = as in blond jokes
संता = as in Santa-Banta jokes
पटाखें = fire crackers, a major deal for kids at Diwali
Santa = white bearded burly guy in red suit, a major deal for kids at Christmas
Left = left hand driving
Right = right hand driving
Lift = "Can I give you a lift?"
Ride = "Can I give you a ride?"
श्रीखंड = a sweet dish made with curd (Gujarat, Maharashtra)
ठंडाई = a cool refreshing drink made around Holi
Home run = equivalent of sixer in cricket
छक्के = equivalent of home run in baseball
Freak out = with great enthusiasm
चक दो फ़ट्टे = go all the way
विनोद = humor
वन = forest
मेल = blend, mingle, फ्रेंडशिप
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Here is literal translation for those who need it:

Here, a plane, there, a rail
Here, a burger, there, a Bhel

There, aa.ngan, here a yard
There, rupee, here a card

There a hero, here is cool
Their bankas, here is bull

There paisa, here cents
There sari, here pants

There fan, here heater
Here mile, their kilometer

There bucket, here shower
There husband, here lawn mower

There bhai, here mob
Here GPS, there Bhai Saab

Here bowling, there pitching
Here tanning, their bleaching

Here blond, there Santa
There firecrarckers, here Santa

There Namaste, here Hi
Here Pepsi, there chai

Here left, there right,
There lift, here ride

There Yaar, here Dude
There cement, here wood

Here dieting, there ghee
Here "Aaha," there "Ji"

There engineer, here nerd
There yoghurt, here curd

Here a thief, there a "Chor"
There "Kaam", here a chore

Here a web, there a net
There friend, here a date
Here weekend, there Sunday
There Holi, here St. Patrick's day

Celebrate Holi, celebrate St. Patrick's day
Go all the way, chak de phaTTe
Hit a home run, hit a sixer
Drink some lassi, drink some beer

Thursday, March 6, 2008

Mail और Little 'r'

कह कह के सब गए हार
Please, please, use little 'r'

सब ने सब को लेकिन भेजा
भेज भेज के सब खा गए भेजा

हमने तो सोचा था
एक अच्छी सुविधा है मेल
इसकी बदौलत
सब का हो जाएगा मेल

मगर जैसे जैसे
बड़ी मैल की मात्रा
सोचने लगा क्यों है
मैल में 'ऐ' की बड़ी मात्रा?

तब समझ में आया
सारा इसका खेल
मैल नहीं कराती मेल
मैल तो बस भेजती है मैल

Little r, little r लाख दबाया
मगर फ़र्क कुछ भी न पाया
Unix होती तो शायद कुछ होता
Windows में तो mouse ही काम में आया

झट से मैंने delete button दबाया
तब जा के चैन की सांस ले पाया

सिएटल,
6 मार्च 2008
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Glossary
Little 'r' = Reply to sender only
Big 'R' = Reply to all
भेजा = 1. sent 2. brain
मैल = 1. email 2. dirt
मात्रा = 1. quantity 2. vowel sound (short/long)

Friday, February 15, 2008

मेरे मैनेजर


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

मेरे मैनेजर तू मेरी qualifications को तरसे
मुझे कम देने वाले तू fractions को तरसे

तू बाग बने पतझड़ का, तूझपे फूल न खिले कभी
तू तड़पे मेरी तरह, तुझको promotion न मिले कभी
सड़े तू इस तरह कि recognition को तरसे
मेरे मैनेजर तू मेरी ...

तेरे घर से वीरां कोई वीराना न हो
तू भटके उम्र भर तेरा कोई ठिकाना न हो
तू green card तो क्या H-1 को तरसे
मेरे मैनेजर तू मेरी …

तेरे options एसे डूबे उनका कोई दाम न हो
तेरे group के पास कोई billable काम न हो
तू funds तो क्या donations को तरसे
मेरे मैनेजर तू मेरी …

तू minimum wage पर
Taco, burrito, burger बेंचे
तू vacuum cleaner,
Filter, subscriptions घर घर बेंचे
कोल्हू के बैल की तरह vacation को तरसे
मेरे मैनेजर तू मेरी …

(आनंद बक्षी से क्षमायाचना सहित)