Thursday, September 3, 2026

जाने वो कैसे लोग थे

जाने वो कैसे लोग थे 

जिनका ए-आई से काम बना

हमने तो जब करने को बोला

"नहीं कर सकता" ये कहा


इसको ही जीना कहते हैं

तो यूं ही जी लेंगे

सच ना कहेंगे

कूल-ऐड पी लेंगे

झूठ से अब घबराना कैसा? 

झूठ सौ बार सुना 


बिगड़ गया मेरा सारा बजट 

टोकन ले-ले के

कोई तो हो जो मेरी सुन ले 

और कुछ काम करे

फेबल-शेबल कुछ काम ना आए

ऐजेंट निष्प्राण पड़ा


जैसे-जैसे दिन बढ़ जाए

मेरी आस घटे

कभी कुछ कह दे

कभी कुछ सुन ले

सत्यानाश करे

इस रोग का कोई अंत नहीं है 

रोग बेजोड़ बड़ा


राहुल उपाध्याय । 2 सितंबर 2026 । सिएटल