Monday, April 20, 2026

हैं रंगीन सभी


हैं रंगीन सभी, कोई रंगहीन नहीं

नवजात शिशु होता गमगीन नहीं


भूख-प्यास लगे शिशु रोता है

किंतु होता वो गमगीन नहीं 


ये प्यार-वफा, शिकवा-शिकवे

हैं बेबुनियाद, कोई जमीन नहीं 


अभ्यास करो, अरदास नहीं

अरदास से चलती मशीन नहीं


हो पेरिस, लंदन, या सैलाना

कौन सी जगह जो हसीन नहीं


राहुल उपाध्याय । 20 अप्रैल 2026 । सिएटल 











Saturday, April 18, 2026

इतवारी पहेली: 2026/4/19

इतवारी पहेली:


जब भरत लौट रहे थे अयोध्या सर पर ### ##

सारे रास्ते कोई था खड़ा इधर, कोई था ## ###


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 26 अप्रैल 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 19 अप्रैल 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/04/11

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On Sun, Apr 12, 2026 at 1:24 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


शादी के लिए क्या चाहिए, #### # कुछ और 

शर्मा लाया पगड़ी, #%# ## कुछ और


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 12 अप्रैल 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 5 अप्रैल 2026 । सिएटल 


Friday, April 17, 2026

एक नीला आसमान

एक नीला आसमान 

मेरे भीतर भी है

चांद-सितारे ही नहीं 

सूरज भी है


यह धरती मेरी 

ब्रह्मांड मेरा


इन सबसे परे 

जिसे छू न सको 

वहीं तो अस्तित्व है मेरा

वही तो व्यक्तित्व है मेरा


राहुल उपाध्याय । 17 अप्रैल 2026 । सिएटल





Thursday, April 16, 2026

मुझे मिलना है तुमसे

मुझे मिलना है तुमसे

मिलना है तुमसे 

पर अब कहां फिर मिल सकूंगी


तुम किसी और के हो के भी 

न किसी और के हो

कभी-कभी तो लगता है कि 

नहीं इस दौर के हो


मैं हूं राधा 

और तुम किशन हो मेरे

सात जन्मों का नहीं

जन्मों-जन्मांतर का है साथ हमारा 

बांधेंगे हमें क्या सात वो फेरे


जहाँ तुम रहोगे

वहाँ मैं रहूँगी 


स्थूल काया का 

कोई भरोसा नहीं 

नौकरी करेगी

घर संभालेगी

इधर-उधर भटका करेगी


जहाँ तुम रहोगे

वहाँ मैं रहूँगी


मुझे मिलना है तुमसे

मिलना है तुमसे 

पर अब कहां फिर मिल सकूंगी


राहुल उपाध्याय । 16 अप्रैल 2026 । सिएटल 





वजूद

तुम्हारी खुशबू से मेरा घर महक रहा है

यह मेरा-तुम्हारा ही मुझे बस खटक रहा है


तुम आए तो दिल को सुकून मिला

बहारों को जैसे ‘समन’ मिला

खिले फूल, मुस्कुराई फिजा

हाथों को नहीं तो क्या 

सांसों को तो तुम्हारा वजूद मिला


राहुल उपाध्याय । 16 अप्रैल 2026 । सिएटल 

Tuesday, April 14, 2026

प्रतिमा

कल एक प्रतिमा लगी 

जहां पहले से एक प्रतिमा थी


किसकी थी, कौन था, हमें क्या पता? 

हमने जानने की कोशिश भी नहीं की

करके भी क्या करते? 


जिसकी लगाई 

उसे तो हम जानते हैं

बचपन से पढ़ते आ रहे हैं


इतना जानते हुए भी 

तीन वाक्य से ज्यादा नहीं बोल पाएंगे 

कि उन्होंने अमेरिका में जाकर 

अपने देश का डंका बजाया था

बचपन में भगवान को नहीं मानते थे

फिर परमहंस के चेले बन गए 

और दुनिया भर को ज्ञान बांटा 


समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति होने के कारण

हमारा उत्तरदायित्व बनता है कि 

हम कुछ ऐसे काम करते रहें 

जिनसे लोगों को लगे कि 

हमने कुछ बढ़िया किया

चाहे कोई पलट कर 

फिर देखे तक नही


सॉफ्टवेयर का काम बहुत हो गया

अब थोड़ा लोहा-लंगड़ भी संभाल लिया जाए

कुछ दिन बाद देवी-देवता भी 

सड़क पर आ जाएँगे 

तब जाकर हमारा सपना पूरा होगा 


राहुल उपाध्याय । 14 अप्रैल 2026 । सिएटल 




Sunday, April 12, 2026

ख़बर मिली है

खबर मिली है

खबर का क्या किया जाए? 

सबको खबर लग चुकी है

खबर देने का क्या फायदा? 

सब दुख व्यक्त कर ही चुके हैं

पाँच सौ शब्द का निबंध भी लिख चुके हैं

एक अच्छा सा फोटो भी लगा दिया गया है

अब बचा ही क्या मेरे लिए 

कुछ कहने को

कुछ करने को


खबर मिली है

पर कुछ करने को नहीं है

चलो अब सोया जाए


राहुल उपाध्याय । 12 अप्रैल 2026 । सिएटल 


इतवारी पहेली: 2026/04/11

इतवारी पहेली:


शादी के लिए क्या चाहिए, #### # कुछ और 

शर्मा लाया पगड़ी, #%# ## कुछ और


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 12 अप्रैल 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 5 अप्रैल 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/04/05

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On Sat, Apr 4, 2026 at 10:35 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


है डेटिंग एप मगर नाम है डरावनाः #^##

पसंद है सबको, नहीं जाता कोई ## ##


(पहली पंक्ति का शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का पहला शब्द भी अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 12 अप्रैल 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 5 अप्रैल 2026 । सिएटल 

Saturday, April 11, 2026

पुनर्जन्म

जब तुम्हारा फोन आता है

मेरा पुनर्जन्म हो जाता है 

जब हमारी बात ख़त्म हो जाती है 

लगता है मैं स्वर्गलोक पहुँच गया

सब कुछ तो पा लिया, 

अब जीने में क्या रखा है


लेकिन जैसे पेट भर बफे खाने के

तीन घंटे बाद 

दोबारा भूख लग आती है 

वैसे ही 

तुमसे बात करने की उत्कंठा 

बढ़ती जाती है


न जाने कब फोन करोगी

कल, परसों या फिर कभी नहीं

कोई करार तो है नहीं

कोई वादा भी नहीं

शायद फिर कभी ना करो

और ऐसे में 

जब तुम्हारा फोन आता है

मेरा पुनर्जन्म हो जाता है 


राहुल उपाध्याय । 11 अप्रैल 2026 । सिएटल 

Wednesday, April 8, 2026

एक लंच की क़ीमत

एक लंच की क़ीमत में

चार बनियान लिए जा सकते हैं 

समझ नहीं आता है कि

क्या कपड़े सस्ते हो गए हैं

या लंच महँगा 


किसकी किससे तुलना करूँ 

बड़ा पेचीदा सवाल है


मैं इकॉनोमिक्स में 

हमेशा कमज़ोर रहा 

कहीं भी, कुछ भी 

मिक्स कर देता हूँ 


और मेरे प्रकाशक ने भी 

मेरी किताब की क़ीमत 

चार बनियान जितनी ही लगाई है


राहुल उपाध्याय । 8 अप्रैल 2026 । सिएटल 


Tuesday, April 7, 2026

जानता हूँ मैं तुम्हें

जानता हो मैं तुम्हें इतने क़रीब से

और लिख नहीं पाता तुम्हारी व्यथा 


मुझसे जुदा तो नहीं है

तुम्हारी व्यथा 

तुम्हारी कथा 

तुम्हारी ख़ता 


मैं ही हूँ कारक 

तुम्हारे हर उस जुर्म का

मैं ही हूँ कारक 

तुम्हारे हर उस पुण्य का


अहं ब्रह्मास्मी 

अहं कृष्णास्मी

अहं त्वमस्मी


मैं नहीं होता तो 

तुम्हें दुनिया भर का 

प्यार नहीं मिलता 

प्यार क्या है 

तुम्हें पता ही नहीं होता

तुम्हें नहीं समझ आता

प्यार की दीवानगी कैसी होती है 

रातों की नींद कैसे उड़ जाती है 

पाँव कहीं के कहीं क्यों पड़ते हैं 

दुनिया की लाज शर्म 

कहाँ दरकिनार हो जाती है 

सब कुछ कैसे नगण्य हो जाता है 

फ़ोन की घंटी क्यों प्रिय लगती है 

फ़ोन क्यों जी जान से प्यार हो जाता है

क्यों रात के दो बजे भी 

किसी से बात करना अच्छा लगता है 


क्यूँ किसी को बंधन में नहीं बाँधना है

फिर भी बाँधना है 

क्यूँ किसी से सिर्फ़ दिल का रिश्ता है

फिर भी छूने को दिल करता है 

क्यूँ किसी को दुआएँ देना

कि वह ख़ुश रहे

और जब वह खुश हो

किसी और के साथ 

तो दुखी होना


क्यूँ इश्क़ 

आग का दरिया है

सावन की घटा है 

ख़ुद ही इनाम

ख़ुद ही सज़ा है


मैं जानता हूँ तुम्हें 

जैसे मैं ख़ुद को जानता हूँ 

बस नहीं लिख सकता

तुम्हारी व्यथा 

तुम्हारी कथा 

तुम्हारी ख़ता 


राहुल उपाध्याय । 7 अप्रैल 2026 । सिएटल 




Sunday, April 5, 2026

मैं तुमसे प्यार नहीं करता

इतना तो सच है कि 

मैं तुमसे प्यार नहीं करता 

करता होता तो

किसी और से बात नहीं करता

किसी और से हाल नहीं पूछता 

किसी और का हाथ नहीं बटाता 

किसी और का दुख-सुख में साथ नहीं देता 

किसी और को अपने घर आने नहीं देता

किसी और के बुलाने पर उसके घर नहीं जाता

किसी और को एयरपोर्ट नहीं छोड़ता 

किसी और को प्यार नहीं करता


प्यार भी अजीब है

एक तो मिलता नहीं है 

दूजा मिलता है तो 

छप्पर फाड़ के मिलता है 


राहुल उपाध्याय । 5 अप्रैल 2026 ।  सिएटल 


Saturday, April 4, 2026

इतवारी पहेली: 2026/04/05

इतवारी पहेली:


है डेटिंग एप मगर नाम है डरावनाः #^##

पसंद है सबको, नहीं जाता कोई ## ##


(पहली पंक्ति का शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का पहला शब्द भी अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है या चंद्रबिंदु। जैसे कि मंगल —> #^## या चाँद—> #^#)


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 12 अप्रैल 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 5 अप्रैल 2026 । सिएटल