एक नीला आसमान
मेरे भीतर भी है
चांद-सितारे ही नहीं
सूरज भी है
यह धरती मेरी
ब्रह्मांड मेरा
इन सबसे परे
जिसे छू न सको
वहीं तो अस्तित्व है मेरा
वही तो व्यक्तित्व है मेरा
राहुल उपाध्याय । 17 अप्रैल 2026 । सिएटल
एक नीला आसमान
मेरे भीतर भी है
चांद-सितारे ही नहीं
सूरज भी है
यह धरती मेरी
ब्रह्मांड मेरा
इन सबसे परे
जिसे छू न सको
वहीं तो अस्तित्व है मेरा
वही तो व्यक्तित्व है मेरा
राहुल उपाध्याय । 17 अप्रैल 2026 । सिएटल
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