करूँ भला तो निमित्त हूँ केवल
हो जाए गुनाह तो दोष है मेरा
वो बच गया भीषण स्ट्रोक से एक दिन
ईश्वर दयालु है, उसने बचा लिया
तड़प के मर गई बच्ची अस्पताल में
सारा क़सूर दरिंदों का ही है
बनाया मंदिर, राम आ गए
पर किसी काम के नहीं
सीसीटीवी न हो तो
चोर हाथ ही न आए
दिन-रात खड़े
न जाने क्या देखते हैं
नाक की सीध में
कुछ हो तो देख भी ले
इधर-उधर भला वो कहाँ देखते हैं
राहुल उपाध्याय । 9 जुलाई 2026 । सिएटल

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