Wednesday, September 2, 2009

तेरह महीने पहले

तेरह महीने पहले
जो कुछ घटा था
उससे
जीवन घटा नहीं
जीवन बढ़ा था

घटाएँ
घटाना नहीं
सीखाती हैं जोड़ना

सोचो भला
कैसे भरते जलाशय?
गरज-गरज कर
जो न बरसती घटाएँ?
बिना गरज के
कौन करता है ऐसे?
नि:स्वार्थ भाव से
दु:ख हरता है ऐसे?

तेरह महीने पहले
जो कुछ घटा था
उससे
जीवन घटा नहीं
जीवन बढ़ा था

सिएटल 425-898-9325
2 सितम्बर 2009

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1 comments:

रंजना said...

तनिक शंशय है ....कृपया बताएं...आपने तेरह महीने पहले के किस घटना का जिक्र किया है...कहीं यह वर्षा ऋतु तो नहीं?