वह जानती है कि
मुझे डायबिटीज़ है
मैं अनाज नहीं खाता हूँ
इसलिए सिर्फ़ लौकी-भिंडी जैसी
सब्जियां ही बनाती है, परोसती है,
खिलाती है
कोई रोटी-पूड़ी-पराठा नहीं
लेकिन आदतन
घर में प्रवेश करते ही
एक ट्रे में स्टील के ग्लास में पानी
और एक छोटी तश्तरी में
कुछ मीठा ले आती है
किसी रिश्तेदार का फोन आया
जिससे सम्बन्ध अच्छे नहीं है
पटती नहीं है
लेकिन फोन उठाते ही
हैलो नहीं कहती
प्रणाम कहती है
संस्कार का क्या किया जाए
शब्द-कृत्य अर्थहीन हो जाते हैं
राहुल उपाध्याय । 6 फ़रवरी 2026 । उज्जैन
