Sunday, March 1, 2026

इतवारी पहेली: 2026/03/01

इतवारी पहेली:


बालों को रंग करना है? # #?

चिंता मत करो, लगाओ ##


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 8 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 1 मार्च 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2026/02/22



On Sun, Feb 22, 2026 at 12:43 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


नहीं भूखे थे तुलसी, कबीर, ## ### के

थे भारत के, नहीं मॉरीशस या #### के


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 1 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 22 फ़रवरी 2026 । सिएटल 


Friday, February 27, 2026

आग

आग में आग आई कहाँ से?

सूरज से

 

आग की आग जली कैसे?

हवा से 


आग की आग बुझी कैसे?

हवा से


हम आए कहाँ से?

हमें जाना कहाँ है?

नहीं जानते

पर आग का पता है


तो क्या उखाड़ लिया?


(पराग का पता है?)


राहुल उपाध्याय । 27 फ़रवरी 2026 । सिएटल 



Sunday, February 22, 2026

इतवारी पहेली: 2026/02/22

इतवारी पहेली:


नहीं भूखे थे तुलसी, कबीर, ## ### के

थे भारत के, नहीं मॉरीशस या #### के


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 1 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 22 फ़रवरी 2026 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 226/02/15



On Sat, Feb 14, 2026 at 8:48 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


यमराज को #%## चाहिए 

यहाँ नहीं, ## ## चाहिए 


(पहली पंक्ति का शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का पहला शब्द भी अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 22 फ़रवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 15 फ़रवरी 2026 । दिल्ली 


Saturday, February 14, 2026

इतवारी पहेली: 226/02/15

इतवारी पहेली:


यमराज को #%## चाहिए 

यहाँ नहीं, ## ## चाहिए 


(पहली पंक्ति का शब्द अंग्रेज़ी का है। दूसरी पंक्ति का पहला शब्द भी अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 22 फ़रवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 15 फ़रवरी 2026 । दिल्ली 


Re: इतवारी पहेली 2026/02/08



On Sun, Feb 8, 2026 at 1:15 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


ना डैडी कूल हैं, # # ## हैं

और दोनों बेटे #### हैं 


(पहली पंक्ति का तीसरा शब्द अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 15 फ़रवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 8 फ़रवरी 2026 । दिल्ली 


Sunday, February 8, 2026

धूल-मिट्टी

मिट्टी अच्छी होती है 

धूल ख़राब 


मम्मी अच्छी होती है 

मम्मी जी ख़राब 


पापा अच्छे होते हैं 

पापा जी ख़राब 


राहुल उपाध्याय । 9 फ़रवरी 2026 । दिल्ली 




इतवारी पहेली 2026/02/08

इतवारी पहेली:


ना डैडी कूल हैं, # # ## हैं

और दोनों बेटे #### हैं 


(पहली पंक्ति का तीसरा शब्द अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 15 फ़रवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 8 फ़रवरी 2026 । दिल्ली 


Re: इतवारी पहेलीः 2026/02/01



On Sun, Feb 1, 2026 at 6:12 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


बन गई चुड़ैल, वो जादुई ## ## में 

मैं राजकुमार असफल रहा #### में


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 8 फ़रवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 1 फ़रवरी 2026 । दिल्ली 

Thursday, February 5, 2026

वह जानती है कि

वह जानती है कि

मुझे डायबिटीज़ है 

मैं अनाज नहीं खाता हूँ 

इसलिए सिर्फ़ लौकी-भिंडी जैसी

सब्जियां ही बनाती है, परोसती है,

खिलाती है 

कोई रोटी-पूड़ी-पराठा नहीं 

लेकिन आदतन

घर में प्रवेश करते ही 

एक ट्रे में स्टील के ग्लास में पानी

और एक छोटी तश्तरी में 

कुछ मीठा ले आती है 


किसी रिश्तेदार का फोन आया 

जिससे सम्बन्ध अच्छे नहीं है

पटती नहीं है

लेकिन फोन उठाते ही

हैलो नहीं कहती

प्रणाम कहती है 


संस्कार का क्या किया जाए

शब्द-कृत्य अर्थहीन हो जाते हैं 


राहुल उपाध्याय । 6 फ़रवरी 2026 । उज्जैन 




Saturday, January 31, 2026

इतवारी पहेलीः 2026/02/01

इतवारी पहेली:


बन गई चुड़ैल, वो जादुई ## ## में 

मैं राजकुमार असफल रहा #### में


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 8 फ़रवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 1 फ़रवरी 2026 । दिल्ली 

Re: इतवारी पहेली: 2026/01/25



On Sun, Jan 25, 2026 at 6:52 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


तारीख़ पड़ी बारह, ##ह# #

नाव न मिली तो आया ## #%# 


(बारह को बोलते वक़्त कई बार बारा बोल देते हैं। ह छूट जाता है। इसी तरह से पहली पंक्ति का ह बोलते वक़्त ग़ायब हो जाता है। इसलिए दूसरी पंक्ति के शब्दों से ग़ायब है। 


दूसरी पंक्ति का दूसरा शब्द किसी का निक नेम है। जैसे कि अक्षय का अक्की।)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 1 फ़रवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 25 जनवरी 2026 । दिल्ली 


Monday, January 26, 2026

चाँद-सूरज

चढ़ते सूरज को सबने प्रणाम किया

चाँद उतरा आँगन तो प्यार किया


जो चढ़ गया 

सर चढ़ गया 

सर झुका गया

जो उतर गया

दिल में उतर गया 


राहुल उपाध्याय । 26 जनवरी 2026 । दिल्ली 




Saturday, January 24, 2026

इतवारी पहेली: 2026/01/25

इतवारी पहेली:


तारीख़ पड़ी बारह, ##ह# #

नाव न मिली तो आया ## #%# 


(बारह को बोलते वक़्त कई बार बारा बोल देते हैं। ह छूट जाता है। इसी तरह से पहली पंक्ति का ह बोलते वक़्त ग़ायब हो जाता है। इसलिए दूसरी पंक्ति के शब्दों से ग़ायब है। 


दूसरी पंक्ति का दूसरा शब्द किसी का निक नेम है। जैसे कि अक्षय का अक्की।)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


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आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 1 फ़रवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 25 जनवरी 2026 । दिल्ली 


Re: इतवारी पहेली: 2026/01/18


On Sun, Jan 18, 2026 at 5:49 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


न जाने किसका फ़ादर या ## ## है

लेकिन उसमें तनिक भी न #^## है


(पहली पंक्ति का पहला शब्द अंग्रेज़ी का है)


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


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आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 25 जनवरी 2026 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 18 जनवरी 2026 । दिल्ली 


Thursday, January 22, 2026

ज़िंदगी

हर तरह से ज़िंदगी है बस मेरी ज़िंदगी 

इसको पाने को कभी न कोई फ़ीस भरी


न मिली कहीं से, न दी किसी ने

नैसर्गिक है जैसे बहती नदी 


ये होती कहाँ है, ये उगती कहाँ है

बनाती नहीं इसे मशीन कोई 


ये ख़्वाब, ये हसरतें, ये जज़्बात मेरे

इनके ही ईंधन से सदा ये फली


आती है, जाती है, स्वयं ज़िंदगी 

इसके आगे कभी न मेरी चली


दे दूँ किसी को मन बहुत हुआ

पर हाथ में न आए ये उलझन बड़ी 


राहुल उपाध्याय । 22 जनवरी 2026 । दिल्ली 




Monday, January 19, 2026

पता नहीं

पता नहीं 

क्या पहनती थीं

सेंडल

चप्पल 

या जूतियाँ 

सूट

टॉप

या साड़ियाँ 


पता नहीं 

कैसे बाँधती थीं बाल 

लगाती थी लिपस्टिक 

या पहनती थीं बालियाँ 


पता नहीं 

कैसी दिखती थी वो


(देखने को तो देख लूँ 

हज़ारों सेल्फियां

बचा के रखी हैं

जो गूगल पे मैंने 

दिखा देगा मुझको

एक-एक पिक्सल वो उसके

और उगा देगा

काँटों का बगीचा 

यादों का सैलाब 

कहाँ की गलती 

कहाँ थे ग़लत) 


याद है लेकिन 

उसकी मुस्कान 

रूठना उसका

और टप-टप 

बहते वो आँसू 


पता नहीं कैसी 

होगी वो आज


क्या लड़ रही होगी 

आज भी उखड़ी प्रथाओं से

क्या जूझ भी रही होगी

कुछ अपनी व्यथाओं से

क्या प्यार होगा उसे

आज भी उससे 

जिसकी बाँहों में उसे

प्यार मिला था 

जीवन जीने का

आधार मिला था 


परित्यक्त थी

मैंने राह दिखाई 

जीवन जीने की

ज्योत जगाई


आई थी मेरे जीवन में धम से

छू के मुझे 

मुझको बदलने

छू के चल दी

उन्मुक्त गगन में 


याद है गीत मुझे 

पहले मिलन का


क्या यही प्यार है?


राहुल उपाध्याय । 20 जनवरी 2026 । दिल्ली