Wednesday, March 11, 2026

तुम्हें चाहिए था पालतू

तुम्हें चाहिए था पालतू 

तो रख लेती कुत्ता ही

मैं हूँ एक जीवित आदमी

मुझे चाहिए आज़ादी 


तुम चाहो मैं ध्यान करूँ 

मैं चाहूँ उड़ान भरूँ 

तुम चाहो मैं घर में बैठूँ 

मुझे नापनी दुनिया सारी


जीवन का निचोड़ यही है 

तू-तू मैं-मैं होगी ही 

गले मिलने से विचार मिलेंगे 

सोच है बिलकुल बचकानी


आगे पीछे और मिलेंगे 

तुमको भी और मुझको भी 

खुशियों के दिन चार मिलेंगे 

फिर उतरेगी ख़ुमारी 


राहुल उपाध्याय । 11 मार्च 2026 । सिएटल 

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