Friday, November 16, 2007

blog को blog ही रहने दो


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

हमने देखी हैं
इन blogs की टपकती लारें
भूल से भी इन्हें
comments का इनाम न दो
सिर्फ़ बकवास हैं ये
दूर से ignore करो
blog को blog ही रहने दो
कोई नाम न दो
हमने देखी हैं …

blog कोई wiki नहीं
blog website नहीं
एक email है
आए दिन post हुआ करती है
न कोई लिखता है
न कोई पढ़ता है
न पढ़ी जाती है
एक chain mail है
जो forward हुआ करती है
सिर्फ़ बकवास हैं ये
दूर से ignore करो
blog को blog ही रहने दो
कोई नाम न दो
हमने देखी हैं …

sinister से remarks
छुपे रहते हैं
smileys में कहीं
spelling mistakes से
भरे रहते हैं
sentences कई
बात कुछ कहते नहीं
काम की या कमाल की मगर
journalism की डींग भरा करते हैं
सिर्फ़ बकवास हैं ये
दूर से ignore करो
blog को blog ही रहने दो
कोई नाम न दो
हमने देखी हैं …

(गुलज़ार से क्षमायाचना सहित। फ़िल्म 'खामोशी' के लिए लिखे इस गीत को >यहाँ देखे)
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इतना सब कहने के बाद आप मेरे blog पर comments जरूर लिखे :)

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7 comments:

उन्मुक्त said...

:-)

Rachna Singh said...

excellent

mamta said...

अब आपने जब कमेंट करने के लिए कहा है तो भला इग्नोर कैसे कर सकते है। :)

रजनीश मंगला said...

अरे क्या चीज़ पेश की है। बहुत बहुत मुबारकबाद और धन्यवाद।

जयप्रकाश मानस said...

यह वास्तविकता है । मैंने ब्लॉग पर इससे पहले ऐसी सार्थक बातें नहीं पढ़ी थी । ब्लॉग वाले बहुत इतरा रहे हैं खासकर हिंदी ब्लॉग वाले । यह कविता उनके लिए जबाब है । बधाई ।

Anonymous said...

now I see it..

Anonymous said...

в итоге: восхитительно. а82ч