Wednesday, March 30, 2022

घर में पचास काम पड़े हैं

घर में पचास काम पड़े हैं 

और मैं चादर ओढ़ 

चैन की नींद सो रहा हूँ 


सच मानिए 

इतना आनंद आ रहा है कि 

बता नहीं सकता 


मानो नवीं कक्षा के इम्तिहान वाली रात

जिस नींद से मैं लड़ रहा था

भाग रहा था

उसे मैं आज ले रहा हूँ 


44 साल लगे

इस पूर्णानन्द को पाने में


15 अप्रैल में अभी

16 दिन बाक़ी हैं

तब तक

एक न एक दिन

टैक्स भी भर दूँगा 

बच्चे की कॉलेज की फ़ीस भी 

घर का प्रापर्टी टैक्स भी


आज तो अपने मन की कर लूँ 


काम न हो तो सोने का भी मज़ा नहीं 


राहुल उपाध्याय । 30 मार्च 2022 । सिएटल 








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