Friday, January 2, 2026

अपराध जिसे कहते हैं

अपराध जिसे कहते हैं 

गांधी ही से होता है 

वकील था वो लेकिन 

अब मौन वो योद्धा है 


चलता है यहाँ सब कुछ 

ज़िम्मेदार नहीं कोई 

बकना है जो बक दो

चुनाव ही तो होना है


आँगन में चले आते हैं 

पतझड़ के कई पत्ते 

कचरा इन्हें समझूँ 

या बरसा ये सोना है 


घर से थे चले तड़के 

कॉलेज में कहीं पढ़ने

तालीम ने कहा हमसे 

अब छोड़ जो छोड़ा है 


अंधा न कोई मजनूँ 

अंधी न कोई लैला 

है प्यार मगर जैसे

इक पल का खिलौना है 


राहुल उपाध्याय । 2 जनवरी 2026 । सिएटल 




Sunday, December 28, 2025

इतवारी पहेली: 2025/12/28

इतवारी पहेली:


बारिश से बचने के हैं कुल # ### 

उनमें से एक है जाओ नीचे ### #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 4 जनवरी 2025 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 28 दिसम्बर 2025 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2025/12/21



On Sat, Dec 20, 2025 at 10:32 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


घर का नूर, घर से दूर, बहा ## ## का

अजब है खेल दुनिया के इस #%## का


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 28 दिसम्बर 2025 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 21 दिसम्बर 2025 । सिएटल 


Saturday, December 20, 2025

इतवारी पहेली: 2025/12/21

इतवारी पहेली:


घर का नूर, घर से दूर, बहा ## ## का

अजब है खेल दुनिया के इस #%## का


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 28 दिसम्बर 2025 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 21 दिसम्बर 2025 । सिएटल 


Re: इतवारी पहेली: 2025/12/14



On Sun, Dec 14, 2025 at 5:40 AM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


थक चुका हूँ तुम्हारे झूठ और ### # 

कभी छला तुमने ऐसे तो कभी ## ## 


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 21 दिसम्बर 2025 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 14 दिसम्बर 2025 । सिएटल 


Friday, December 19, 2025

बाढ़ के बाद

सिएटल यूँ तो बरसात के लिए बहुत बदनाम है पर पिछले दो हफ़्ते से बहुत ही ज़्यादा बारिश हो रही है। नदियाँ उफान पर थीं, भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो गए थे। कुछ घरों में पानी घुस गया था। 


यहाँ ज़िले को काउंटी कहा जाता है। उन्होंने कुछ उपाय जारी किए हैं बाढ़ के बाद किसी समस्या से कैसे निपटने के लिए। 


यह देखकर अच्छा लगा कि ये निर्देश अन्य भाषाओं के साथ-साथ हिंदी में भी हैं। 


https://cdn.kingcounty.gov/-/media/king-county/depts/dph/documents/safety-injury-prevention/emergency-preparedness/what-to-keep-after-flood/what-to-keep-after-a-flood-hi.pdf?rev=3b93bd5971304bde91eb708ba96bca46&hash=CB381FA41D4DCB10779C8C7C573B56E0&fbclid=IwVERFWAOyWI5leHRuA2FlbQIxMQBzcnRjBmFwcF9pZAo2NjI4NTY4Mzc5AAEeRox0xm-RfE1MR7FK84-U8lLGQ0Quz_a1_9n8i-MnkOw3RuC2wQr8mnUAC30_aem_W0BH3v_tSN8Z7BmWgzeePw


राहुल उपाध्याय । 19 दिसम्बर 2025 । सिएटल 



Sunday, December 14, 2025

इतवारी पहेली: 2025/12/14

इतवारी पहेली:


थक चुका हूँ तुम्हारे झूठ और ### # 

कभी छला तुमने ऐसे तो कभी ## ## 


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 21 दिसम्बर 2025 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 14 दिसम्बर 2025 । सिएटल