Monday, April 19, 2021

चाय बिना चैन कहाँ रे

https://youtu.be/jyxEHWE9VI8


चाय बिना चैन कहाँ रे

सोना नहीं चाँदी नहीं 

चाय तो पिला

अरे चाय भर दे


कोई नया सपना निगाहों में तो है

कोई नया साथी नयी राहों में तो है

दिल जो मिलेंगे तकदीर बनेगी

ज़िंदगी की नयी तस्वीर बनेगी

चाय ले ये कट और चार कर दे


यार हमें पेप्सी नहीं चाय चाहिए

अद्रक वाली ज़ायक़ेदार चाय चाहिए 

हीरे मोतियों से जड़ा कप ना तू दे

कुल्हड़ में बसा संसार चाहिए 

पारले जी भी दे के उपकार कर दे


राहुल उपाध्याय । 19 अप्रैल 2021 । सिएटल 

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