Wednesday, April 7, 2021

डर कर दुनिया के सारे

https://youtu.be/EdkcnsNeb-Q 


डर के दुनिया के सारे

फँसे थे घर में बेचारे

लगी जब उन को वैक्सीन 

हो गएँ वे जवाँ रे


प्यार-मोहब्बत के वादे

जो रहे आधे-आधे

होंगे अब जा के पूरे

मिल के हँसते-हँसाते 


क्या सही आदमी है

आफ़त जब भी पड़ी है

मानी हार कभी ना

लड़ाई जम के लड़ी है


दुख कहीं आज भी है

भूख और प्यास भी है

एक-एक कर दु:ख सारे

दूर होंगे आस भी है 


राहुल उपाध्याय । 5 अप्रैल 2021 । सिएटल 

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