Sunday, March 14, 2021

 

https://youtu.be/KHz3cUO5EqI


है गिला उन्हें मैं प्यार किया करता हूँ

प्यार मुझे सबसे मैं प्यार किया करता हूँ


ज़माने भर के ग़मों की है एक भीड़ यहाँ

उन्हें तज के मैं प्यार किया करता हूँ


न इसका हूँ, न उसका हूँ, न किसी का हूँ मैं 

हर कली से मैं प्यार किया करता हूँ 


न मिलाई कुंडली, न मुहूर्त निकाला है कभी

सुबह से शाम से मैं प्यार किया करता हूँ


न सोचा, न समझा, न परखा है कभी 

सरफिरा मैं, मैं प्यार किया करता हूँ


राहुल उपाध्याय । 4 फ़रवरी 2021 । सिएटल


Saturday, March 13, 2021

इतवारी पहेली: 2021/03/14


इतवारी पहेली:


जो तिलक है भस्म # ###

गीत उनका भक्त हर ## ##


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 21 मार्च को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 14 मार्च 2021 । सिएटल















Thursday, March 11, 2021

ऐ बन्दे तुझे क्या है ग़म


https://youtu.be/A4rEoF3EOqU


ऐ बन्दे तुझे क्या है ग़म 

तेरे सर पे है उसका करम

बात बन जाएगी

राह मिल जाएगी

'गर तू पाले न कोई भरम 


एक ही का सदा नाम ले

खुद ही खुद को थाम ले

तू वही पाएगा 

जो भी कर जाएगा 

तेरी बुद्धि से खुद काम ले

कर दिल से 

न रख कुछ वहम 

जो भी पाएगा

होगा अहम


कोई पाया नहीं पार है

मिला सुंदर ये संसार है

मिला सूरज हमें

मिला चंदा हमें 

सब सुखों की मिली खान है

भरी दौलत यहाँ है अगम 

पग-पग पे है उसका करम


(भरत व्यास से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 11 मार्च 2021 । सिएटल 

Wednesday, March 10, 2021

चाहे बरसात ही हो

मैं जानता हूँ 

यह मेरी उम्र नहीं 

और बंधन में 

बंधने का भी कोई शौक़ नहीं 

लेकिन 

तुम

तुम्हारी हरकतें 

तुम्हारी अदाएं 

तुम्हारी बातें 

तुम्हारी ज़ुल्फ़ें 

तुम्हारी आँखें 

तुम्हारी बाँहें 

सब मजबूर करते हैं

मुझे 

उसी बर्तन में खाने को

जिसमें मैं पकाता हूँ 

ताकि

चाहे बरसात ही हो

पर विवाह की सम्भावना तो हो


राहुल उपाध्याय । 10 मार्च 2021 । सिएटल 


Sunday, March 7, 2021

यूँ कर तेरे मन को

https://youtu.be/QDfpxZcL3Is 

यूँ कर तेरे मन को

जैसे बहता हो शिकारा

रंगीं हो ये मौसम

लगे प्यारा जग सारा


सारा तेरा जीवन ये

प्यार से यूँ छलके

ख़ुश रहे तब तक तू

जब तक खुली पलकें 

तू ही तेरा जीवन

तू ही तेरा सहारा


गाए जा जीवन भर

ख़ुशियों भरे नग़मे 

मिले जो ग़म भी तो

तार उन्हें हँस के

तू ही तेरा नायक

तू ही तेरा सहारा

यूँ कर तेरे मन को


(आनंद बक्षी से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 7 मार्च 2021 । सिएटल



इतवारी पहेली: 2021:03/07


इतवारी पहेली:


बनाने के एक नहीं पचास हैं ###

आलू बनाओ सूखे या बनाओ ## #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 14 मार्च को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 7 मार्च 2021 । सिएटल


हल: तरीके / तरी के















Friday, March 5, 2021

तक़दीर का बहाना

https://youtu.be/om81GWuwAbE 


तक़दीर का बहाना 

कब तक कोई बनाए

मुश्किल है जो भी कोई 

क्यों न उसे मिटाए


जीवन के सफ़र में

कठिनाईयाँ बहुत हैं

कठिनाईयों से डर के 

कब तक कोई निभाए


ज़ंजीर नहीं है कोई 

बंधन कदम कदम हैं

शमशीर हमारे हाथ हैं 

क्यों न उन्हें चलाएँ


आसमाँ से भी आगे 

आसमाँ कई-कई हैं

छू लेंगे हाथ तेरे

'गर हाथ तू बढ़ाएँ


(हसरत जयपुरी से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 4 मार्च 2021 । सिएटल 

शमशीर = तलवार