Wednesday, March 3, 2021

मेरी राह ख़ुद मैं बनाने लगा हूँ

https://youtu.be/TGIsZux-WIs 


मेरी राह खुद मैं बनाने लगा हूँ 

के खुद अपना सूरज उगाने लगा हूँ 


सहारों मुझे तुम सहारा न देना 

मैं खुद अपनी ताक़त लगाने लगा हूँ 


धड़कते हुए दिल की आवाज़ हूँ मैं

मैं खुद अपनी महफिल सजाने लगा हूँ 


घड़ी दो घड़ी का ही हो चाहे जीवन

मैं नग़मे हज़ारों गाने लगा हूँ 


(शैलेंद्र से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 3 मार्च 2021 । सिएटल 

Monday, March 1, 2021

ये सजना-संवरना


ये सजना-संवरना 

ये पलकें झपकना

ये सच है कि सपना 

कि लगे कोई अपना 


ये जीना, ये मरना 

ये सच है कि सपना 

ये समझेगा वो ही 

जिसे है समझ ना


ये चलना, ये गिरना 

ये गिर कर सम्हलना 

ये करेगा वो ही

जिसकी है पहुँच ना


ये मिलना-बिछड़ना

मिल कर न मिलना

वो समझेगा कैसे

जिसे है तड़प ना


ये पल-पल चहकना

ये पल-पल तुनकना

उसके है नसीब में

जिसे है फ़िकर ना


राहुल उपाध्याय । 1 मार्च 2021 । सिएटल 






Saturday, February 27, 2021

इतवारी पहेली: 2021/02/28


इतवारी पहेली:


हमारा नहीं था कमाल ## #

तभी तो जीत का ग़ुब्बारा ### 


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 7 मार्च को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 28 फ़रवरी 2021 । सिएटल















Monday, February 22, 2021

बिटकॉइन जिसे कहते हैं

बिटकॉइन जिसे कहते हैं 

एक ऐसी लुनेसी है

गिर जाए तो सट्टा है

बढ़ जाए तो करेंसी है


अच्छा सा कोई प्रोडक्ट 

अच्छी सी कोई सर्विस

देते हो तो खोलो

वरना बेकार की एल-एल-सी है


बरसात का बादल तो 

दीवाना है क्या जाने 

किस राह से बचना है 

किस खेत में इमरजेंसी है


ग़म हो कि ख़ुशी दोनों 

कुछ दिन के रूम मेट्स हैं

फिर कोई न अपना है

वेकेंसी ही वेकेंसी है


(निदा फ़ाज़ली से क्षमायाचना सहित)

राहुल उपाध्याय । 21 फ़रवरी 2021 । सिएटल 

https://youtu.be/2IXUdmCicMM 





Sunday, February 21, 2021

गाड़ी

उसे मेरी लाल टी-शर्ट नहीं पसन्द थी

इसे हाइकिंग शूज़


लगता है

मेरी गाड़ी

फिर से चल पड़ी है 

कोई तो है जिसे

मेरे अच्छे-बुरे की पड़ी है 


इश्क़ 

ऐसा ही होता है


इश्क़ 

ऐसे ही होता है


सब पसन्द आ जाए

तो औपचारिकता लगती है

सब नापसंद हो

तो घर की मुर्ग़ी लगती है


राहुल उपाध्याय । 21 फ़रवरी 2021 । सिएटल 




Saturday, February 20, 2021

इतवारी पहेली: 2021/02/21


इतवारी पहेली:


मेरी मात और उनकी हमेशा ## ##

इसलिए छोड़ आए हम वह ### #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 28 फ़रवरी को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 21 फ़रवरी 2021 । सिएटल


हल: शह रही/शहर ही 




Thursday, February 18, 2021

क्या प्यार उसे कहते हैं

क्या प्यार उसे कहते हैं

जिसमें 

जब उसे देखूँ 

वह कहे शृंगार देखो 

जब शृंगार देखूँ 

कहे मुझे देखो


क्या प्यार उसे कहते हैं

जिसमें 

जब वो घर जाए

उदास हो जाए

बाय कहते वक़्त 

आँख भर आए


क्या प्यार उसे कहते हैं

जिसमें 

मैं एक माँगूँ 

वह दस भेजे

सेल्फ़ी में

जन्नत का सुख भेजे


क्या प्यार उसे कहते हैं

जिसमें 

लोक-लाज को 

ध्यान में रखकर 

वह लोक-लाज 

सब तज बैठे


क्या प्यार उसे कहते हैं

जिसमें 

वो अलार्म से नहीं

मेरी कॉल से उठे

ब्रश करते वक़्त भी

न फ़ोन रखे 


क्या प्यार उसे कहते हैं

जिसे 

समझदार 

ना समझे

और नासमझ 

सब समझे


राहुल उपाध्याय । 18 फ़रवरी 2021 । सिएटल