Thursday, February 11, 2021

तू जान मेरी

तू वायरस नहीं 

कि तुझसे हाथ धो लूँ 

तू मास्क नहीं 

कि तुझे उतार फेंकूँ 

तू मेरी धड़कन है

तुझे सीने से लगा रखा है 


तू वैक्सीन नहीं 

कि सबमें बाँट दूँ

तू कोरोना नहीं 

कि मुख मोड़ लूँ 

तू ख़ुशबू है 

तुझे नस-नस में बसा रखा है


तू साल नहीं 

कि कैलेंडर से ढाँप दूँ 

तू खबर नहीं 

कि पुरानी करार दूँ

तू जान मेरी

तुने मुझे बचा रखा है


राहुल उपाध्याय । 11 फ़रवरी 2021 । सिएटल 


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