Wednesday, April 7, 2021

इमोजी

इमोजी 

जो कभी जीवंत थे

आज मृतप्राय हैं


जिस ❤️ को देखते ही 

♥️ 🕺 लगता था

अब एक पिचका हुआ सा

रंगहीन ग़ुब्बारा लगता है


कल का 😂

आज टोटल फेल है


🤣😘🥰😁😆😭👏👍💃🙈🙄🤦‍♀️

सब बेमानी हो चुके हैं


🌹💖❣️💕🌺💘😘

ख़ैरात में बाँटे जाते हैं 


कोई भी इमोजी 

इतना ख़ास नहीं कि

किसी ख़ास के लिए

सम्भाल कर रखा जाए


कभी टीवी

तो कभी फ़ेसबुक 

और आज व्हाट्सेप

सब से हम एक-एक कर के

एक न एक दिन

चट ही जाते हैं 


यूट्यूब 

टेलिग्राम

इन्स्टाग्राम

ये सब भी

एक दिन 

धूल चाटेंगे 


आज 

चहकते हैं

कल

दफ़नाए जाएँगे 


यह होता है

और यही होता आया है 

जो कल तक भाता था

आज बासता है


राहुल उपाध्याय । 7 अप्रैल 2021 । सिएटल 












वैक्सीन बनाने वाले

https://youtu.be/G3vrYFWD-jA


वैक्सीन बनाने वाले

क्या तेरे मन में समाई 

काहे ना रोज़ी बनाई

तूने काहे ना रोज़ी बनाई


फ़्री में वैक्सीन, महँगी है रोटी

किसने रची ये चाल ऐसी खोटी

भूखे मरे कोई, कोई न पूछे

रोगी बढ़े, इनके पसीने हैं छुटे

अपनी भलाई देखी, वैक्सीन की बात बढ़ाई 


धरती ये कैसी रब ने बनाई

फ़्री में धूप और फ़्री में सिंचाई 

जितने चाहे उतने फल कोई खाए

उसने ने न कभी कोई दाम लगाए 

अपने आप हमने, बगिया में आग लगाई


ऐसा नहीं हम मेहनत न करते

कर के भी मेहनत घर नहीं चलते

पलते हैं बस झूठे ख़्वाब हैं पलते

दिन के उजाले में वो आँखों में जलते

अंधेरा होने पर भी, चलती जाए रूलाई 


राहुल उपाध्याय । 6 अप्रैल 2021 । सिएटल 

डर कर दुनिया के सारे

https://youtu.be/EdkcnsNeb-Q 


डर के दुनिया के सारे

फँसे थे घर में बेचारे

लगी जब उन को वैक्सीन 

हो गएँ वे जवाँ रे


प्यार-मोहब्बत के वादे

जो रहे आधे-आधे

होंगे अब जा के पूरे

मिल के हँसते-हँसाते 


क्या सही आदमी है

आफ़त जब भी पड़ी है

मानी हार कभी ना

लड़ाई जम के लड़ी है


दुख कहीं आज भी है

भूख और प्यास भी है

एक-एक कर दु:ख सारे

दूर होंगे आस भी है 


राहुल उपाध्याय । 5 अप्रैल 2021 । सिएटल 

Tuesday, April 6, 2021

पहनोगे मास्क तो

https://youtu.be/tgYUxyg6V4Q 


पहनोगे मास्क तो महामारी भाग जाएगी

समूचे विश्व की तबीयत सुधर जाएगी 


ये मास्क जीते-जागतों का इक निशाँ होगा

धड़कते दिल का यही एक राज़दां होगा

बहार आएगी ख़ुशबू बिखेर जाएगी 


सदी के रोग का किस्सा बयां सदा होगा 

सभी के हाथ से लिख्खा हुआ बयां होगा

कहानी-गीत कोई नानी गा सुनाएगी 


कभी तो आग को पानी से हारना होगा

हारे हैं आज मगर कभी तो जीतना होगा 

इसी उम्मीद में ज़िन्दगी बीत जाएगी 


राहुल उपाध्याय । 4 अप्रैल 2021 । सिएटल 

Sunday, April 4, 2021

इतवारी पहेली: 2021/04/03


इतवारी पहेली:


पहेली आती है हर हफ़्ते, ## ####

कुम्भ आया ग्यारह साल बाद, ##%## 


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 11 अप्रैल को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 4 अप्रैल 2021 । सिएटल















Thursday, April 1, 2021

निशाँ नहीं है, निशा मगर है

निशाँ नहीं है, निशा मगर है

सदा रही है, सदा रहेगी

जो राज़ सबके छुपा रही है

सदा रही है, सदा रहेगी


वो आके फिर से, जाएगी फिर से

गाएगी फिर से, सुनाएगी फिर से

वो राग, वो धुन छेड़ेगी फिर से


है कैसी उलझन ये मेरी धड़कन 

ठुमक-ठुमक कर चले हैं क्षण-क्षण

न जाने किस ओर जा रही है 


कभी सफ़र में जो गिर पड़े हम

गिर के फिर से हुए खड़े हम

है रूह सलामत न जाने कब से


राहुल उपाध्याय । 31 मार्च 2021 । सिएटल 




बड़े बेरहम हैं ये रिश्ते-नाते



बड़े बेरहम हैं ये रिश्ते-नाते 

'गर लगी आग रहते दूर हैं 

बड़े बेक़दर हैं ये रिश्ते-नाते 

'गर लगी आँख लेते लूट हैं 


हर पहर भूख है, हर क़दम झूठ है 

क्या हुआ किसलिए हुए मजबूर हैं

कैसे-कैसे अरमान हैं पाले हुए

ये नहीं, कुछ नहीं, हैं बताते 


राज़ की बात है तुम सुनो ध्यान से

'गर कभी प्यार हो तो करो जान के

के दिल एक दिन तो टूटेगा ये

जान भी जाएगी उन्हें समझाते


राहुल उपाध्याय । 24 मार्च 2021 । सिएटल