इतवारी पहेली:
बालों को रंग करना है? # #?
चिंता मत करो, लगाओ ##
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
Https://tinyurl.com/RahulPaheliya
आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं।
सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 8 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 1 मार्च 2026 । सिएटल
Sunday, March 8, 2026
Re: इतवारी पहेली: 2026/03/01
Saturday, March 7, 2026
हैरान
कोई चीज़ अब हैरान नहीं करती है
तन-बदन में भी आग नहीं लगती है
टूट चुके हैं जादू कई
आ गई है समझदारी अब
क्या हुआ जो बात न हुई
क्या साँस भी कभी रुकती है
पागल था, जो पागल हुआ
दिल दिया और दर्द लिया
लौटाने का कोई रिवाज़ नहीं
भलमनसाहत पे दुनिया चलती है
(आँख में किसी की जादू था
बात में किसी की अल्हड़पन)
मर चुका था, मिट चुका था
हर किसी की अदा पे मैं
अब जा के मैं जागा हूँ
ज़िंदगी कभी तो सुधरती है
राहुल उपाध्याय । 7 मार्च 2026 । सिएटल
Friday, March 6, 2026
अपनी-पराया
न अपना लगता है, न पराया लगता है
हर कोई बस सताया लगता है
न जाने किस-किस से क्या कह बैठे
कुछ खिचड़ी था पकाया लगता है
कुछ छोड़ गए, कुछ छूट गए
किसी ने मुझे बचाया लगता है
वैसे तो उसमें विश्वास नहीं है
पर आपको किसीने बनाया लगता है
कहने को कह देतीं दीवारें लेकिन
यह घर फिर आज सजाया लगता है
बँट रही हैं किताबें राहुल की आजकल
नया-नया कुछ छपाया लगता है
राहुल उपाध्याय । 6 मार्च 2026 । सिएटल
Sunday, March 1, 2026
इतवारी पहेली: 2026/03/01
इतवारी पहेली:
बालों को रंग करना है? # #?
चिंता मत करो, लगाओ ##
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
Https://tinyurl.com/RahulPaheliya
आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं।
सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 8 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 1 मार्च 2026 । सिएटल
Re: इतवारी पहेली: 2026/02/22
इतवारी पहेली:
नहीं भूखे थे तुलसी, कबीर, ## ### के
थे भारत के, नहीं मॉरीशस या #### के
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
Https://tinyurl.com/RahulPaheliya
आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं।
सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 1 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 22 फ़रवरी 2026 । सिएटल
Friday, February 27, 2026
आग
आग में आग आई कहाँ से?
सूरज से
आग की आग जली कैसे?
हवा से
आग की आग बुझी कैसे?
हवा से
हम आए कहाँ से?
हमें जाना कहाँ है?
नहीं जानते
पर आग का पता है
तो क्या उखाड़ लिया?
(पराग का पता है?)
राहुल उपाध्याय । 27 फ़रवरी 2026 । सिएटल
Sunday, February 22, 2026
इतवारी पहेली: 2026/02/22
इतवारी पहेली:
नहीं भूखे थे तुलसी, कबीर, ## ### के
थे भारत के, नहीं मॉरीशस या #### के
इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। हर ^ अक्षर के ऊपर वाली बिंदी है। जैसे कि मंगल —> #^##
जैसे कि:
हे हनुमान, राम, जानकी
रक्षा करो मेरी जान की
ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं।
Https://tinyurl.com/RahulPaheliya
आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं।
सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 1 मार्च 2026 को - उत्तर बता दूँगा।
राहुल उपाध्याय । 22 फ़रवरी 2026 । सिएटल
