Thursday, September 9, 2021

उल्टा सीधा एक समान #1

उल्टा सीधा एक समान #1

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मलयालम, नवीन, नवजीवन आदि ऐसे शब्द हैं जो उल्टा सीधा एक समान हैं। बाएँ से दाएँ भी वही हैं जो दाएँ से बाएँ हैं। 


यह तो हुए शब्द। ऐसे ही शब्दों के समूह, यानी जुमले भी हो सकते हैं। जैसे कि:


नाहक है कहना। 


आज गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर मैं एक नई श्रृंखला की शुरुआत कर रहा हूँ। मैं एक शब्द दूँगा। उससे आपको एक अर्थपूर्ण जुमला बनाना है। जैसे कि यदि नाहक शब्द दिया तो 'नाहक है कहना' जुमला उसका हल है। 


आज का शब्द है:


मोदक


राहुल उपाध्याय । 10 सितम्बर 2021 । सिएटल 



Wednesday, September 8, 2021

दिन-रात

पूरे ब्रह्माण्ड में दिन-रात कहीं नहीं है 

सूरज कहीं आता-जाता नहीं है


जिसे जितनी ऊर्जा लेनी है ले ले

या मुँह फेर ले

सब उसके ऊपर है

सब उसके हाथ है

सूरज का इससे कोई सरोकार नहीं है 


पूरे ब्रह्माण्ड में दिन-रात नहीं है 

पूरे ब्रह्माण्ड में सुख-दु:ख नहीं है


राहुल उपाध्याय । 8 सितम्बर 2021 । सिएटल 

Tuesday, September 7, 2021

ख़ुद की आवाज़ भी सुन


ख़ुद की आवाज़ भी सुन
औरों के झाँसे में न आ
पूरे सपने तेरे तू कर 
मिटाने पे न आ

अपने हाथों से तू तेरी क़िस्मत लिख ले
तेरे हालात की औक़ात नहीं 
बदतर लिख दे
वक्त बदलेगा कभी
ऐसे दिलासे में न आ

जब कभी हारेगा, टूटेगा, दगा पाएगा 
बल तेरा तुझको ही तब ख़ुद
सहारा देगा
कुछ भी आसान नहीं 
ऐसे छलावे में न आ

झूठे वादों, सहारों की ज़रूरत किसको
पूछे जो तबियत तेरी है फ़ुरसत किसको
जो भी है आज है
कल के भुलावे में न आ

राहुल उपाध्याय । 5 सितम्बर 2021 । सिएटल

Saturday, September 4, 2021

Re: इतवारी पहेली: 2021/08/29



शनि, 28 अग॰ 2021 को अ 10:22 पर को Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> ने लिखा:

इतवारी पहेली:


हिमालय आओ तो ## ## ##

हाँ, चढ़ाई चढ़ने की #%# ##


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 5 सितम्बर को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 29 अगस्त 2021 । सिएटल















इतवारी पहेली: 2021/09/05


इतवारी पहेली:


नाचना चाहे # ##

हर इंसान ## #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 12 सितम्बर को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 5 सितम्बर 2021 । सिएटल















Friday, September 3, 2021

दिनकर उगे या ना उगे


दिनकर उगे या ना उगे
जीवन तो जी जाएँगे 
वो आग दिल में लगा ली है 
के रोशन हम हो जाएँगे 
तम हट जाएगा 
सब छँट जाएगा 

छोटे से दिल में हैं
सम्भावनाएँ अनेक
जो चाहें हो जाए 
'गर हम लगाए विवेक 
सब हो जाएगा
सब मिल जाएगा 

दिन ही नहीं हम 
रातों को भी महकाए
गिर भी पड़े तो 
गिर के हम सम्भल जाए
कुछ खो जाएगा 
कुछ मिल जाएगा 

राहुल उपाध्याय । 2 सितम्बर 2021 । सिएटल

Thursday, September 2, 2021

सुख-दु:ख की बात है

सुख-दु:ख की बात है 

सुख-दु:ख का साथ है 

आ गए यहाँ हैं जो

सुख-दु:ख के साथ हैं 


पास सबके इतना है

फिर भी न कोई पास है 

साथ हो तो हमसफ़र 

वरना टाईम पास है 


हर तरफ़ गरीब हैं

हर तरफ़ धनवान हैं

है वस्तुस्थिति साफ़ सी

कौन कहें अन्याय है 


छप रही ख़बर मगर

कि आदमी गुणवान है

है इतना क़ाबिल तो फिर

क्यूँ टूटता इन्सान है


तेरे मेरे ज्ञान की

किस को क्या दरकार है 

चार किताब जो पढ़ गया

बन गया विद्वान है 


जो था उसे पा लिया

खो दिया अज्ञात है 

हैं इन्द्रियों की ख़ामियाँ 

अनजान से अनजान है 


राहुल उपाध्याय । 2 सितम्बर 2021 । सिएटल