Saturday, July 2, 2022

आपके फ़ोटो

आपके फ़ोटों 

आपको ना मिलें

दु:ख होता है 

वैसे ही जैसे 

फ़्लाइट इतनी महँगी हो

कि फ़र्स्ट क्लास की जगह

इकोनॉमी में बैठना पड़े 


और इकोनॉमी क्या चीज़ है

यह आपको समझ न आए

तो आप बहुत सुखी इंसान हैं 


राहुल उपाध्याय । 3 जुलाई 2022 । रतलाम http://mere--words.blogspot.com/2022/07/blog-post_2.html?m=1



आपके फोटों

आपके फ़ोटों 

आपको ना मिलें

दु:ख होता है 

वैसे ही जैसे 

फ़्लाइट इतनी महँगी हो

कि फ़र्स्ट क्लास की जगह

इकोनॉमी में बैठना पड़े 


और इकोनॉमी क्या चीज़ है

यह आपको समझ न आए

तो आप बहुत सुखी इंसान हैं 


राहुल उपाध्याय । 3 जुलाई 2022 । सिएटल 



इतवारी पहेली: 2022/07/03


इतवारी पहेली:


न प्रसाद से और # ### #

मिलता नहीं कुछ ## ## #


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 10 जुलाई को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 3 जुलाई 2022 । रतलाम 
















Re: इतवारी पहेली: 2022/06/26



On Sun, Jun 26, 2022 at 1:10 PM Rahul Upadhyaya <kavishavi@gmail.com> wrote:

इतवारी पहेली:


शादी में नाश्ते से रूठें ###

चाय नहीं क्यों दो ## ##?


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya 


आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 


सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 3 जुलाई को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 26 जून 2022 । सिएटल 
















Friday, July 1, 2022

एडॉप्टर

मैं 

तेरे देश

तेरे शहर

तेरे गाँव 

आया हूँ 

इतने पास होकर भी 

तुझसे न मिल पाया हूँ 

तू साथ न होकर भी साथ है

इस का सुख-दुख है मुझे 

तेरे हाथ से लिखे ख़त का 

हर्फ़-हर्फ़ याद है मुझे 

हर प्यार 

हर प्यार की गुहार 

प्यार का इकरार

याद है मुझे 

जीवन की हर उम्मीद 

तेरी मुझसे

मेरी तुझसे

याद है मुझे 


तेरे मल्टी यूएसबी एडॉप्टर से 

मेरे दोनों फ़ोन 

एन्ड्रायड और आय-फ़ोन 

चार्ज हो रहे हैं 

मैं तेरी याद से

चार्ज हो रहा हूँ 

तेरी याद में

थक रहा हूँ 

अजीब सा उन्माद है प्यार में

अब जा के कहीं साहिर के शब्द समझ पाया हूँ 

ये इश्क़ इश्क़ है इश्क़ इश्क़ 

ख़ाक़ को बुत, और बुत को देवता करता है इश्क़

इन्तहा ये है के बंदे को ख़ुदा करता है इश्क़


हाँ इश्क़ इश्क़ तेरा इश्क़ इश्क़

तेरा इश्क़ इश्क़, इश्क़ इश्क़ …


राहुल उपाध्याय । 1 जुलाई 2022 । धामनोद 




चार्जर

मैं 

तेरे देश

तेरे शहर

तेरे गाँव 

आया हूँ 

इतने पास होकर भी 

तुझसे न मिल पाया हूँ 

तू साथ न होकर भी साथ है

इस का सुख-दुख है मुझे 

तेरे हाथ से लिखे ख़त का 

हर्फ़-हर्फ़ याद है मुझे 

हर प्यार 

हर प्यार की गुहार 

प्यार का इकरार

याद है मुझे 

जीवन की हर उम्मीद 

तेरी मुझसे

मेरी तुझसे

याद है मुझे 


तेरे मल्टी यूएसबी एडॉप्टर से 

मेरे दोनों फ़ोन 

एन्ड्रायड और आय-फ़ोन 

चार्ज हो रहे हैं 

मैं तेरी याद से

चार्ज हो रहा हूँ 

तेरी याद में

थक रहा हूँ 

अजीब सा उन्माद है प्यार में

अब जा के कहीं साहिर के शब्द समझ पाया हूँ 

ये इश्क़ इश्क़ है इश्क़ इश्क़ 

ख़ाक़ को बुत, और बुत को देवता करता है इश्क़

इन्तहा ये है के बंदे को ख़ुदा करता है इश्क़


हाँ इश्क़ इश्क़ तेरा इश्क़ इश्क़

तेरा इश्क़ इश्क़, इश्क़ इश्क़ …


राहुल उपाध्याय । 1 जुलाई 2022 । धामनोद 




अग्निवीर

अभी

सैलाना की बस के इंतज़ार में

चौराहे पर खड़े 

मैंने कई दुपहिया वाहन देखें

सौ तक तो गिने भी

चालक-यात्री-बच्चा-बूढ़ा-पुरूष-महिला 

किसी ने हेलमेट नहीं पहन रखा था


या तो ये सब निर्भीक हैं

या अनजान हैं 


इन्हीं में

इनके शिक्षक

अग्रज 

मार्गदर्शक भी होंगे 


कोई किसे क्या समझाएगा 

कोई किसी से क्या समझेगा


सब अग्निवीर हैं 


राहुल उपाध्याय । 1 जुलाई 2022 । रतलाम 


पुनश्च: इस शहर में हेलमेट बिकते हैं, बिक भी रहे हैं