रात को उनसे मुलाक़ात हो गई
जिसे चाहता था मेरे साथ हो गई
हर बार उनसे डर लगता था
हो जाए रूसवा डर लगता था
इस बार उनसे मेरी बात हो गई
शादी में मिलने के आसार बहुत थे
शादी में बचने के औज़ार बहुत थे
क़िस्मत थी मेरी कि करामात हो गई
आँखों से उनको निहारा बहुत है
चेहरा वो चेहरा प्यारा बहुत है
कहाँ से वो रजनी मेरी रात हो गई
राहुल उपाध्याय । 7 मई 2023 । सिएटल
