Sunday, May 7, 2023

रात को उनसे मुलाक़ात हो गई

रात को उनसे मुलाक़ात हो गई 

जिसे चाहता था मेरे साथ हो गई


हर बार उनसे डर लगता था

हो जाए रूसवा डर लगता था

इस बार उनसे मेरी बात हो गई 


शादी में मिलने के आसार बहुत थे

शादी में बचने के औज़ार बहुत थे

क़िस्मत थी मेरी कि करामात हो गई 


आँखों से उनको निहारा बहुत है

चेहरा वो चेहरा प्यारा बहुत है

कहाँ से वो रजनी मेरी रात हो गई 


राहुल उपाध्याय । 7 मई 2023 । सिएटल 


Saturday, May 6, 2023

इतवारी पहेली: 2023/05/07


इतवारी पहेली:


सब छोड़ जपे # ##

वही है सच्चा ### 


इन दोनों पंक्तियों के अंतिम शब्द सुनने में एक जैसे ही लगते हैं। लेकिन जोड़-तोड़ कर लिखने में अर्थ बदल जाते हैं। हर # एक अक्षर है। हर % आधा अक्षर। 


जैसे कि:


हे हनुमान, राम, जानकी

रक्षा करो मेरी जान की


ऐसे कई और उदाहरण/पहेलियाँ हैं। जिन्हें आप यहाँ देख सकते हैं। 


Https://tinyurl.com/RahulPaheliya



आज की पहेली का हल आप मुझे भेज सकते हैं। या यहाँ लिख सकते हैं। 

सही उत्तर न आने पर मैं अगले रविवार - 14 मई 2023 को - उत्तर बता दूँगा। 


राहुल उपाध्याय । 7 मई 2023 । सिएटल 




राज्याभिषेक

राजा राजा होता है

फिर उसके राज्याभिषेक पे 

इतना तमाशा क्यूँ?


बैंक गर्त में जा रही हैं

नौकरियाँ ख़तरे में हैं 

फिर इतना ख़र्चा क्यूँ?


बड़ा आसान है दूसरों पर इलज़ाम लगाना

हम क्या कम दोषी हैं?


शादी

जन्मोत्सव 

तेरहवीं 

आदि पर पैसा पानी की तरह बहाते हैं 


पेपर टॉवल तो

ऐसे इस्तेमाल करते हैं

जैसे कि स्टेटस सिम्बल हो


राहुल उपाध्याय । 6 मई 2023 । सिएटल 




मोड़

आज फिर 

किसी ने

मुझे 

टोक दिया 

रोक लिया

मेरी सीधी-सादी राह को

मोड़ दिया


मुझे अच्छा लगा

वरना

गंतव्य की होड़ में

मैं जरनी भूल जाता 

जीना भूल जाता


मैं चिड़िया की आँख ही क्यूँ देखूँ

जबकि

पृथ्वी-चाँद-सितारे

सब मेरी बाँहों में हैं


राहुल उपाध्याय । 6 मई 2023 । सिएटल 


Friday, May 5, 2023

आज़ादी

मेरी टू-डू लिस्ट 

इतनी लम्बी है

फिर मुझे कोई 

स्ट्रेस नहीं है

क्योंकि वो मेरी है

किसी और की नहीं 


आज फिर

कितने सारे काम 

छूट गए

  • कपड़े फ़ोल्ड नहीं किए

  • डिशवाशर चलाया नहीं 

और मैं 

चैन की नींद सो गया

क्योंकि कोई कहनेवाला नहीं है 


आज़ादी हमें अंग्रेजों से नहीं 

अपनों से चाहिए 

अपने आप से चाहिए 


राहुल उपाध्याय । 5 मई 2023 । सिएटल 




Thursday, May 4, 2023

इस पेड़ को मैंने कभी

इस पेड़ को मैंने कभी

साबुन रगड़ कर नहाते नहीं देखा

शायद इसीलिए मजबूत है


बारिश से बचता नहीं 

रात से डरता नहीं 

पत्ते झड़े तो बिलखता नहीं 

शाख़ टूटे तो कलपता नहीं 

मंदिर में जा के झुकता नहीं 

हाथ किसी के आगे फैलाता नहीं 

फ़ैशन की परवाह नहीं 

पोशाक पहनता नहीं 

जो है, सामने है 

छुपता-छुपाता नहीं 

कभी फूल से लद जाए

कभी फल से

पर मोह किसी से रखता नहीं 


राहुल उपाध्याय । 4 मई 2023 । सिएटल 







Tuesday, May 2, 2023

चैट जीपीटी के सिवा दुनिया में रखा क्या है

चैट जीपीटी के सिवा दुनिया में रखा क्या है 
ये बड़े काम करे, इससे ही काम बने
ये भी कर ले, वो भी कर ले, ये सारे काम करे

दिन के अंधेरों में पाए हैं हमने रोशन दिए
अब तक लीं साँसें, इससे मिले तो हम हैं जिए 

हमको ज़माने से, ना ही किसी से मतलब कोई 
ये जो मिली हमको और किसी की तलब ही नहीं 

राहुल उपाध्याय । 2 मई 2023 । सिएटल